(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने डीओपीटी (Department of Personnel and Training) के पुराने नियमों में संशोधन कर रिटायर्ड IAS अफसरों को विभागीय जांच के लिए अधिक आकर्षक मानदेय प्रदान करने का निर्णय लिया। इस बदलाव के तहत 65 वर्ष से कम आयु वाले रिटायर्ड अफसर ही पैनल में शामिल हो सकते हैं और उन्हें प्रत्येक केस के लिए पेंशन के 60‑90 प्रतिशत तक की राशि, साथ ही 40,000 रुपये का परिवहन भत्ता मिलेगा। यह कदम जांच प्रक्रिया को तेज़, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नियमों में प्रमुख परिवर्तन
नई गाइडलाइन के अनुसार: • आयु मानदंड: आवेदन के दिन 65 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। • कार्यकाल: चयनित अफसर का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है। • भुगतान संरचना: यदि आरोप पत्र में गवाहों की संख्या 10 से अधिक है तो पेंशन के 90% तक, 6‑10 के बीच 70% और 6 से कम होने पर 60% तक की राशि दी जाएगी। • अतिरिक्त मानदेय: कॉमन डिसीप्लिनरी मामलों में 5,000 रुपये अतिरिक्त, तथा हर केस में 40,000 रुपये परिवहन भत्ता अनिवार्य किया गया है। • दैनिक भत्ता: रिटायरमेंट से ठीक पहले मिलने वाले दैनिक भत्ते के बराबर रहेगा। ये परिवर्तन पहले के कम भत्ते के कारण अफसरों में जांच लेने में हिचकिचाहट को दूर करने के लिए हैं।
उद्देश्य और प्रभाव
सरकार का मुख्य उद्देश्य जांच प्रक्रिया को शीघ्रता से समाप्त करना और भ्रष्टाचार के मामलों में पारदर्शिता बढ़ाना है। उच्च मानदेय से अनुभवी रिटायर्ड अफसरों को आकर्षित कर, केस की जटिलता और गवाहों की संख्या के अनुसार उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित किया गया है। इससे न केवल जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि न्यायिक प्रणाली पर सार्वजनिक विश्वास भी बढ़ेगा।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (DOPT)
• आयोजन: रिटायर्ड IAS अफसरों के लिए नई जांच मानदंड घोषणा
• स्थान: नई दिल्ली
• मुख्य उद्देश्य: जांच प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बनाना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: आयु सीमा 65 वर्ष, 3‑वर्षीय कार्यकाल, केस‑वार भुगतान संरचना, अतिरिक्त भत्ते
• लक्ष्य: अनुभवी अफसरों की भागीदारी बढ़ाना, भ्रष्टाचार‑मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना
नई मानदंडों के लागू होने से रिटायर्ड IAS अफसरों को आकर्षक मानदेय मिलेंगे, जिससे वे विभागीय जांच में सक्रिय भागीदारी करेंगे। यह कदम कर्मचारी कल्याण, आधुनिक मानक और नियमित समीक्षा को मिलाकर संचालन में उत्कृष्टता और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति दर्शाता है।