नई दिल्ली: एनसीईआरटी ने नौवीं कक्षा के लिए जारी सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में आपातकाल को प्रमुखता से जगह दी है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत किया गया है। अब तक इसे स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में राजनीतिक विज्ञान विषय में पढ़ाया जाता था। देश में 25 जून, 1975 की रात में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाने का एलान किया था। आपातकाल 21 महीने लागू रहा था।
नई पाठ्यपुस्तक में आपातकाल को प्रमुखता से जगह
एनसीईआरटी ने नौवीं कक्षा के लिए जारी सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में आपातकाल को प्रमुखता से जगह दी है। इसमें बताया गया है कि यह कब लगाया गया था और कब तक लागू था।
आम लोगों के मौलिक अधिकारों को किस तरह से खत्म किया गया था और इस दौरान चलाए गए जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी इसमें जिक्र है।
नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव
यह बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत किया गया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने पर जोर दिया गया है।
नई पाठ्यपुस्तक में छात्रों को जो पढ़ने को मिलेगा, उनमें से हड़प्पा, मेसोपोटामिया, मिस्र, चीन की प्राचीन सभ्यता जैसे विषय शामिल हैं।
emergency education के मुख्य बिंदु
नई पाठ्यपुस्तक में आपातकाल के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें बताया गया है कि आपातकाल कब लगाया गया था और कब तक लागू था।
- आपातकाल 21 महीने लागू रहा था।
- आम लोगों के मौलिक अधिकारों को किस तरह से खत्म किया गया था।
- जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का जिक्र है।
नई पाठ्यपुस्तक के मुख्य उद्देश्य
नई पाठ्यपुस्तक का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाना है।
नई पाठ्यपुस्तक में छात्रों को जो पढ़ने को मिलेगा, उनमें से हड़प्पा, मेसोपोटामिया, मिस्र, चीन की प्राचीन सभ्यता जैसे विषय शामिल हैं। शिक्षा नीति के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।