सिवनी मौसम में बड़ा बदलाव, बारिश रुकते ही बढ़ी गर्माहट
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज रविवार 12 जुलाई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, रविवार 12 जुलाई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| समय | अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | |
| सुबह | 25.6 | 23.4 | 82 | |
| शाम | 31 | 25.4 | 71 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
सिवनी जिले में मानसून की शुरुआती सक्रियता के बाद अब मौसम ने एक बार फिर करवट लेना शुरू कर दिया है। रविवार 12 जुलाई 2026 को शाम तक दर्ज किए गए पिछले 24 घंटों के मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। इसके परिणामस्वरूप वातावरण में नमी तो बनी हुई है, लेकिन बादलों की कमी और धूप निकलने से उमस और गर्मी दोनों में तेजी से इजाफा हुआ है।
बीते 24 घंटों में जिले का अधिकतम तापमान 31डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23.4डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में यह बढ़ोतरी सामान्य लोगों के साथ-साथ किसानों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रभाव डाल रही है।
पिछले 24 घंटों का तापमान
रविवार 12 जुलाई 2026 को दर्ज मौसम के प्रमुख आंकड़े:
- अधिकतम तापमान : 31.0°C
- न्यूनतम तापमान : 23.4°C
- मौसम की स्थिति : बारिश की गतिविधियां कमजोर
- वातावरण : उमस और गर्माहट में वृद्धि
- दिन के समय हल्की धूप और बादलों की आवाजाही
बारिश नहीं होने के कारण हवा में मौजूद नमी लोगों को अधिक उमस का एहसास करा रही है।
बारिश की कमी से क्यों बढ़ी उमस?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब वातावरण में नमी अधिक होती है लेकिन लगातार बारिश नहीं होती, तब हवा भारी महसूस होती है। यही स्थिति इस समय सिवनी जिले में देखने को मिल रही है।
पिछले कुछ दिनों तक लगातार बारिश होने से वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है। अब वर्षा रुकने के बाद सूर्य की किरणें सीधे धरातल को गर्म कर रही हैं, जिससे तापमान बढ़ रहा है और उमस पहले की तुलना में अधिक महसूस हो रही है।
यही कारण है कि वास्तविक तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद लोगों को अधिक गर्मी महसूस हो रही है।
दिन और रात दोनों के तापमान में बदलाव
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि फिलहाल तेज बारिश का दौर थमा हुआ है।
वहीं न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से रात के समय भी वातावरण में हल्की गर्माहट बनी हुई है। सामान्यतः लगातार बारिश के दौरान रात का तापमान थोड़ा कम रहता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा देखने को नहीं मिला।
आम जनजीवन पर असर
मौसम में आए इस बदलाव का असर जिले के दैनिक जीवन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के बावजूद दोपहर में उमस लोगों को परेशान कर रही है। बाजारों में आने-जाने वाले लोग, दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी तथा बाहर श्रम कार्य करने वाले मजदूर अधिक असहज महसूस कर रहे हैं।
विशेष रूप से:
- दोपहर के समय पसीना अधिक आना
- हवा का कम चलना
- घरों में घुटन महसूस होना
- बिजली की खपत बढ़ना
- कूलर और पंखों का अधिक उपयोग
जिले में कई स्थानों पर लोगों ने मौसम में अचानक आए इस बदलाव को महसूस किया है।
किसानों के लिए क्या संकेत?
सिवनी कृषि प्रधान जिला है, इसलिए मौसम में होने वाला हर परिवर्तन खेती पर सीधा प्रभाव डालता है।
धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। ऐसे समय पर हल्की बारिश और पर्याप्त नमी फसलों की शुरुआती वृद्धि के लिए लाभदायक मानी जाती है।
यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती और केवल उमस बनी रहती है तो खेतों की ऊपरी सतह सूखने लगती है। हालांकि अभी मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होने के कारण तत्काल किसी बड़े नुकसान की संभावना नहीं मानी जा रही है।
किसानों की नजर अब मानसून की अगली सक्रियता पर बनी हुई है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है प्रभाव
उमस भरा मौसम स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में शरीर से पसीना अधिक निकलता है, लेकिन वातावरण में नमी अधिक होने के कारण शरीर को पर्याप्त ठंडक नहीं मिल पाती। इससे थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं:
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
- हल्का एवं संतुलित भोजन करना
- दोपहर की तेज धूप से बचना
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना
- स्वच्छ पेयजल का उपयोग करना
मौसम का वैज्ञानिक विश्लेषण
मानसून के दौरान केवल बारिश की मात्रा ही मौसम तय नहीं करती बल्कि तापमान, आर्द्रता, हवा की दिशा और बादलों की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस समय सिवनी जिले में:
- वातावरण में नमी अधिक है।
- बादलों की सक्रियता सीमित है।
- धूप निकलने से सतही तापमान बढ़ रहा है।
- वर्षा की कमी के कारण उमस बढ़ रही है।
इसी कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है।
प्रशासन की नजर मौसम पर
मानसून के मौसम में जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखता है।
बारिश अधिक होने पर जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों की निगरानी की जाती है, वहीं बारिश कम होने की स्थिति में कृषि गतिविधियों और जल उपलब्धता का भी आकलन किया जाता है।
फिलहाल जिले में किसी प्रकार की गंभीर मौसम संबंधी स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए निगरानी जारी रहने की संभावना है।
बाजार और कारोबार पर असर
मौसम का स्थानीय व्यापार पर भी प्रभाव पड़ता है।
बारिश रुकने के बाद बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन दोपहर के समय उमस के कारण भीड़ अपेक्षाकृत कम देखी जा रही है।
ठंडे पेय पदार्थ, फलों के रस, छाते और वर्षा संबंधी सामान की बिक्री मौसम के अनुसार बदलती रहती है। व्यापारियों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में फिर बारिश होती है तो बाजार की गतिविधियों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
लोगों की प्रतिक्रिया
जिले के नागरिकों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद अचानक उमस बढ़ने से मौसम पहले की तुलना में अधिक असहज महसूस हो रहा है।
कई लोगों का कहना है कि तापमान बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद नमी के कारण पसीना लगातार आ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की निगाहें अगली अच्छी बारिश पर टिकी हुई हैं ताकि खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर बनी रहे।
विशेषज्ञ क्या मानते हैं?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान ऐसे उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
जब मानसूनी तंत्र कुछ समय के लिए कमजोर पड़ता है, तब बारिश कम हो जाती है और तापमान के साथ उमस बढ़ने लगती है। बाद में यदि नया मौसम तंत्र सक्रिय होता है तो वर्षा की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं।
ऐसी परिस्थितियों में लोगों को नियमित मौसम अपडेट पर ध्यान देना चाहिए और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करना चाहिए।
आने वाले दिनों में क्या रह सकती है स्थिति?
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव की संभावना बनी रह सकती है।
यदि मानसून दोबारा सक्रिय होता है तो:
- तापमान में गिरावट आ सकती है।
- उमस कम हो सकती है।
- वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
- किसानों को राहत मिल सकती है।
- वातावरण अधिक सुहावना हो सकता है।
हालांकि मौसम की वास्तविक स्थिति आगामी अपडेट के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
मौसम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- मानसून के दौरान उमस बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है।
- बारिश रुकने पर तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
- अधिक आर्द्रता शरीर को अधिक गर्मी महसूस कराती है।
- कृषि गतिविधियां वर्षा की नियमितता पर निर्भर करती हैं।
- मौसम में लगातार बदलाव मानसून की सामान्य विशेषता है।
सिवनी जिले में रविवार 12 जुलाई 2026 तक के पिछले 24 घंटों के मौसम आंकड़े यह संकेत देते हैं कि फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर होने से उमस और गर्माहट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मानसून के बीच बदलते मौसम का संकेत है। वर्तमान स्थिति में आम नागरिकों, किसानों और प्रशासन सभी की नजर आगामी मौसम पर बनी हुई है। यदि आने वाले दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय होता है तो तापमान में कमी और वर्षा में बढ़ोतरी से लोगों को राहत मिलने की संभावना है। तब तक मौसम के अनुरूप सावधानी बरतना और नियमित अपडेट पर ध्यान देना ही सबसे बेहतर विकल्प रहेगा।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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