(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 29 मई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शुक्रवार 29 मई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 35 | 23.4 | 34 | |
| शाम | 40.2 | 24.4 | 25 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
सिवनी जिले में मई महीने के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है, हालांकि शुक्रवार 29 मई 2026 को लोगों को पिछले दिन की तुलना में कुछ राहत अवश्य महसूस हुई। गुरुवार को जिले में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया था, जबकि शुक्रवार को तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
गर्मी के लगातार बढ़ते प्रभाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी, जबकि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लोगों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। हालांकि शुक्रवार को तापमान में हल्की गिरावट ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी।
गुरुवार रहा सबसे गर्म दिन
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले में इस सप्ताह का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया था। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। कई इलाकों में दोपहर के समय सड़कें लगभग सूनी नजर आईं। गर्मी का प्रभाव इतना अधिक था कि लोग आवश्यक कार्यों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बचते दिखाई दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि मई के अंतिम दिनों में भी इस प्रकार की गर्मी सामान्य से अधिक मानी जा रही है। तापमान लगातार 40 डिग्री के आसपास बने रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
शुक्रवार को तापमान में आई मामूली गिरावट
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में थोड़ा कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सुबह और शाम के समय हल्की हवा चलने से लोगों को कुछ राहत महसूस हुई।
हालांकि दोपहर के समय धूप का असर अब भी काफी तेज बना रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और आने वाले दिनों में फिर तापमान बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
लोगों की दिनचर्या पर पड़ा असर
लगातार पड़ रही गर्मी का असर दैनिक जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों, किसानों और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहर के समय:
- बाजारों में भीड़ कम रही
- सड़क यातायात सामान्य से कम दिखाई दिया
- पार्क और सार्वजनिक स्थल खाली नजर आए
- ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने का समय बदला गया
गर्मी बढ़ने के कारण लोग सुबह और शाम के समय ही आवश्यक कार्यों को पूरा करना पसंद कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानियां
तापमान में लगातार वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि:
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक बाहर न रहें
- शरीर में पानी की कमी न होने दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
किसानों के लिए चिंता का विषय
जिले में बढ़ती गर्मी किसानों के लिए भी चिंता का कारण बन रही है। कई क्षेत्रों में खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। गर्म हवाओं का असर फसलों और सब्जियों पर भी दिखाई देने लगा है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान लंबे समय तक इसी स्तर पर बना रहा तो खरीफ सीजन की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में पानी की मांग भी बढ़ने लगी है।
बिजली और पानी की मांग में बढ़ोतरी
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली और पानी की खपत में भी तेजी आई है। लोग कूलर, पंखे और अन्य उपकरणों का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
कई इलाकों में:
- पानी की खपत बढ़ी
- बिजली लोड में इजाफा हुआ
- दोपहर में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं
- ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की आशंका बढ़ी
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि फिलहाल तेज बारिश जैसी स्थिति नहीं दिखाई दे रही है। कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में अस्थायी राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जून के पहले सप्ताह तक मौसम में बदलाव की संभावना बन सकती है। प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने पर गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग असर
सिवनी जिले के शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट और वाहनों की अधिकता के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खुले वातावरण के कारण रात के समय कुछ राहत मिल रही है।
शहरों में:
- गर्म हवाओं का असर अधिक
- सड़कें अधिक गर्म
- एयर कूलिंग उपकरणों की मांग बढ़ी
ग्रामीण क्षेत्रों में:
- पेड़-पौधों के कारण थोड़ी राहत
- सुबह और रात में तापमान अपेक्षाकृत कम
- जलस्रोतों पर निर्भरता बढ़ी
आम लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बार मई महीने में गर्मी सामान्य से अधिक महसूस की जा रही है। कई लोगों ने दोपहर में बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है।
व्यापारियों के अनुसार तेज गर्मी के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हुई है। वहीं विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि शुक्रवार को तापमान में थोड़ी कमी आने से राहत मिली, लेकिन उमस और तेज धूप अब भी परेशानी का कारण बनी हुई है।
बदलते मौसम पैटर्न पर विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। गर्मी की अवधि लंबी हो रही है और तापमान पहले की तुलना में अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- तापमान में अचानक वृद्धि सामान्य होती जा रही है
- गर्म हवाओं की अवधि बढ़ रही है
- वर्षा चक्र प्रभावित हो रहा है
- शहरीकरण भी तापमान बढ़ाने में भूमिका निभा रहा है
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को समय की बड़ी आवश्यकता बताया है।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन ने गर्मी को देखते हुए विभिन्न विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से संबंधित मामलों के लिए विशेष तैयारी रखने को कहा गया है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
सिवनी जिले में शुक्रवार को तापमान में मामूली गिरावट दर्ज होने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि मई की तपिश अभी पूरी तरह कम नहीं हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की आवश्यकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी प्रकार की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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