हल्की बूंदाबांदी ने उमस बढ़ाई पर गर्मी से मिली कुछ राहत, एक डिग्री उतरा तापमान, अधिकतम रहा 36 तो न्यूनतम रहा 21.4
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 05 जून 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शुक्रवार 05 जून 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 30.4 | 21.4 | 42 | |
| शाम | 36 | 25 | 40 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शुक्रवार 05 जून 2026 को शाम तक दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के मौसम आंकड़ों के अनुसार हल्की बूंदाबांदी ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत पहुंचाई, वहीं वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस ने लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी। तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे दिन के समय पड़ने वाली तेज गर्मी का असर कुछ कम हुआ।
मौसम के बदलते मिजाज के बीच जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले कई दिनों से लगातार गर्मी और तेज धूप का सामना कर रहे लोगों ने मौसम में आए इस बदलाव को राहत के रूप में महसूस किया, लेकिन हवा में बढ़ी नमी ने असहजता भी पैदा की।
मौसम में बदलाव से लोगों को मिली राहत
जून माह की शुरुआत के साथ ही जिले में गर्मी का प्रभाव लगातार बना हुआ था। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को कुछ हद तक सुहावना बनाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा ने वातावरण का तापमान कम किया है, जिसके कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत महसूस हुई।
हालांकि बारिश की मात्रा अधिक नहीं होने के कारण जमीन की सतह पर मौजूद गर्मी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी। इसी वजह से वातावरण में उमस बढ़ गई और लोगों को पसीने तथा चिपचिपाहट का सामना करना पड़ा।
अधिकतम तापमान 36 डिग्री, न्यूनतम 21.4 डिग्री
मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले में बीते 24 घंटों के दौरान:
- अधिकतम तापमान: 36 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: 21.4 डिग्री सेल्सियस
- तापमान में गिरावट: लगभग 1 डिग्री सेल्सियस
- मौसम की स्थिति: हल्की बूंदाबांदी एवं बादलों की आवाजाही
- वातावरण: गर्मी में कमी लेकिन उमस में वृद्धि
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में मामूली गिरावट दर्ज होने के बावजूद नमी का स्तर बढ़ने से वास्तविक तापमान का अनुभव अधिक हो सकता है।
प्री-मानसून गतिविधियों का दिखने लगा असर
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। सिवनी जिला भी इस प्रभाव से अछूता नहीं है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बादल बन रहे हैं।
मौसम विज्ञान से जुड़े जानकारों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले इस प्रकार की हल्की बारिश और बादलों की गतिविधियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। यह संकेत देती हैं कि क्षेत्र में मौसम धीरे-धीरे मानसूनी परिस्थितियों की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि अभी नियमित और व्यापक वर्षा का दौर शुरू नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
किसानों की बढ़ी उम्मीदें
मौसम में आए बदलाव का सकारात्मक असर कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। जिले के किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। खेतों की जुताई, बीज और खाद की व्यवस्था जैसे कार्य तेजी से चल रहे हैं।
हल्की बूंदाबांदी भले ही कृषि के लिए पर्याप्त न हो, लेकिन इससे किसानों को मानसून के जल्द सक्रिय होने की उम्मीद मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य समय पर शुरू हो सकेगा। विशेष रूप से धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों के लिए शुरुआती वर्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शहरी क्षेत्रों में उमस बनी चुनौती
बारिश के बाद सामान्य तौर पर तापमान कम होने से राहत मिलती है, लेकिन इस बार उमस ने लोगों को परेशान किया। सुबह और शाम के समय वातावरण अपेक्षाकृत सुखद रहा, जबकि दिन के समय नमी बढ़ने से पसीना और बेचैनी महसूस की गई।
बाजार क्षेत्रों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने उमस का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया। कई स्थानों पर लोग छायादार स्थानों और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि वर्षा की मात्रा कम और नमी अधिक हो तो ऐसी स्थिति बनती है, जिसमें तापमान कम होने के बावजूद वातावरण भारी और असहज महसूस होता है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है प्रभाव
मौसम में अचानक बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिलता है। गर्मी और नमी का संयुक्त प्रभाव कई प्रकार की समस्याओं को जन्म दे सकता है।
विशेषज्ञों द्वारा निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है:
- पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
- धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
- हल्के और सूती कपड़े पहनें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- ताजा एवं स्वच्छ भोजन का सेवन करें।
उमस बढ़ने से थकान, डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
मौसम के आंकड़े क्या बताते हैं?
पिछले कुछ वर्षों के मौसम रिकॉर्ड पर नजर डालें तो जून माह के शुरुआती दिनों में तापमान आमतौर पर 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ऐसे में 36 डिग्री का अधिकतम तापमान सामान्य श्रेणी में माना जा सकता है।
हालांकि मौसम में लगातार बदलाव यह संकेत दे रहे हैं कि मानसून पूर्व गतिविधियां सक्रिय हो रही हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव और हल्की वर्षा का क्रम आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बादलों की सक्रियता बनी रहती है तो अधिकतम तापमान में और कमी देखी जा सकती है। वहीं वर्षा की मात्रा बढ़ने पर उमस से भी राहत मिलने की संभावना है।
लोगों की प्रतिक्रिया
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मौसम में आए बदलाव का स्वागत किया है। कई नागरिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बीच हल्की बारिश ने राहत पहुंचाई है।
हालांकि अधिकांश लोगों ने यह भी माना कि बारिश के बाद उमस बढ़ने से असुविधा महसूस हुई। सोशल स्तर पर भी मौसम चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग आगामी मानसून और बारिश की संभावनाओं पर चर्चा करते नजर आए।
आने वाले दिनों में कैसा रह सकता है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में जिले में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यदि नमी का प्रवाह लगातार जारी रहता है तो तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है। वहीं मानसून की प्रगति के साथ जिले में व्यापक वर्षा गतिविधियां भी शुरू हो सकती हैं।
प्रशासन और कृषि विभाग भी मौसम की परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसानों और आम नागरिकों को आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
सिवनी जिले में शुक्रवार 05 जून 2026 को दर्ज मौसम आंकड़ों ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है। हल्की बूंदाबांदी से गर्मी में कुछ राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज हुई, लेकिन बढ़ी हुई उमस ने लोगों की परेशानी भी बढ़ाई। कृषि क्षेत्र के लिए यह मौसम सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जबकि आम नागरिक आगामी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे जिले में राहत और चुनौतियां दोनों साथ-साथ देखने को मिल सकती हैं।

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