(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 26 फरवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, ब्रहस्पतिवार 26 फरवरी 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 19.2 | 14.2 | 55 | |
| शाम | 32.2 | 19.4 | 37 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम में हल्का परिवर्तन दर्ज किया गया है। गुरुवार 26 फरवरी 2026 की शाम तक रिकॉर्ड किए गए तापमान के आंकड़ों के अनुसार दिन के समय गर्मी का असर बढ़ता दिखा, जबकि रात के समय हल्की ठंड बनी रही। मौसम में यह बदलाव आगामी ग्रीष्म ऋतु की आहट माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर तापमान में हो रहे इस परिवर्तन का असर आम नागरिकों, किसानों और विद्यार्थियों की दिनचर्या पर दिखाई देने लगा है।
बीते 24 घंटों का दर्ज तापमान
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी जिले में बीते 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:
- अधिकतम तापमान: लगभग 31 से 32 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: लगभग 14 से 15 डिग्री सेल्सियस
- सुबह की आर्द्रता: मध्यम स्तर
- हवा की गति: सामान्य
दिन में धूप तेज रही, जबकि सुबह के समय हल्की ठंड और कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा भी देखा गया। शाम के समय मौसम सुहावना रहा, जिससे बाजारों में सामान्य चहल-पहल बनी रही।
फरवरी के अंतिम सप्ताह में बदलता मौसम
फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में आमतौर पर तापमान में वृद्धि का क्रम शुरू हो जाता है। सिवनी जिले में भी यही प्रवृत्ति देखी जा रही है। पिछले सप्ताह की तुलना में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- मार्च के पहले सप्ताह से गर्मी का प्रभाव स्पष्ट होने लगेगा
- रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी
- सुबह की ठंड कम होती जाएगी
यह बदलाव रबी फसलों के लिए महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
किसानों पर मौसम का प्रभाव
सिवनी कृषि प्रधान जिला है, जहां गेहूं, चना और मसूर की खेती प्रमुख रूप से की जाती है। वर्तमान तापमान फसलों के पकने की अवस्था के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि:
- अचानक तापमान में अत्यधिक वृद्धि होने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है
- सुबह की नमी फसलों के लिए लाभकारी है
- सिंचाई का प्रबंधन मौसम के अनुसार करना आवश्यक है
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान के आधार पर सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव का निर्णय लें।
आमजन की दिनचर्या में बदलाव
दिन के समय तेज धूप के कारण लोगों ने हल्के कपड़ों का उपयोग शुरू कर दिया है, जबकि रात में अभी भी हल्की ठंड महसूस की जा रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह टहलने वालों के लिए यह दोहरा मौसम सावधानी की मांग करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
- बदलते मौसम में सर्दी-खांसी की शिकायत बढ़ सकती है
- बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
- पानी का पर्याप्त सेवन आवश्यक है
प्रशासनिक तैयारी और मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 से 4 दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। किसी प्रकार की वर्षा या तेज हवाओं की चेतावनी नहीं है।
प्रशासनिक स्तर पर भी गर्मी की संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए जल प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
तापमान के आंकड़ों का विश्लेषण
यदि पिछले वर्षों के आंकड़ों से तुलना की जाए तो:
- फरवरी के अंतिम सप्ताह में औसत अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच रहता है
- इस वर्ष तापमान सामान्य श्रेणी में दर्ज हो रहा है
- न्यूनतम तापमान भी सामान्य से बहुत अधिक या कम नहीं है
यह संकेत देता है कि फिलहाल मौसम सामान्य प्रवृत्ति के अनुरूप चल रहा है।
सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर असर
मौसम का सीधा असर स्थानीय बाजार, कृषि गतिविधियों और परिवहन पर पड़ता है। दिन में तापमान बढ़ने से:
- बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम रहती है
- शाम के समय गतिविधियां बढ़ जाती हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में कार्य सुबह और शाम के समय अधिक किया जा रहा है
आर्थिक दृष्टि से मौसम स्थिर रहने पर व्यापारिक गतिविधियां सामान्य बनी रहती हैं।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह-शाम की ठंड और दिन की गर्मी के कारण मौसम असमंजस भरा महसूस हो रहा है। कई लोगों ने कहा कि अब पंखों का उपयोग शुरू हो गया है, लेकिन रात में कंबल की आवश्यकता अभी भी पड़ रही है।
किसानों ने वर्तमान तापमान को फसलों के लिए अनुकूल बताया, हालांकि उन्होंने मार्च में संभावित गर्मी को लेकर चिंता भी व्यक्त की।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विज्ञान से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह संक्रमण काल है, जब सर्दी से गर्मी की ओर मौसम तेजी से बदलता है। इस दौरान तापमान में प्रतिदिन हल्का उतार-चढ़ाव सामान्य है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि:
- लोग मौसम के अनुसार कपड़ों का चयन करें
- दोपहर की तेज धूप से बचाव करें
- जल संरक्षण के उपाय अपनाएं
भविष्य की संभावनाएं
मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव नहीं पड़ा, तो मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
आगामी समय में:
- गर्मी का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ेगा
- जल स्रोतों पर दबाव बढ़ सकता है
- स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां आवश्यक होंगी
कृषि और जल प्रबंधन की दृष्टि से यह समय महत्वपूर्ण रहेगा।
निष्कर्ष
सिवनी जिले में बीते 24 घंटों का तापमान सामान्य दायरे में दर्ज किया गया है, लेकिन दिन के समय बढ़ती गर्मी आगामी मौसम परिवर्तन का संकेत दे रही है। फिलहाल मौसम स्थिर और शुष्क बना हुआ है, जो कृषि और दैनिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
बदलते मौसम को देखते हुए नागरिकों, किसानों और प्रशासन को सजग रहने की आवश्यकता है। यदि तापमान में वृद्धि की यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो मार्च से गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जाएगा। फिलहाल सिवनी का मौसम संतुलित है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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