बच्चों की मासूम बातें अक्सर बड़े-बड़ों को भी सोचने पर मजबूर कर देती हैं — और कई बार वही बातें हंसी का बड़ा कारण बन जाती हैं।
आज का यह फैमिली फ्रेंडली हिंदी चुटकुला भी एक बच्चे की ऐसी ही मजेदार सोच पर आधारित है।
घर में जब बच्चे कुछ अलग करते दिखते हैं, तो मम्मी-पापा का ध्यान तुरंत उनकी तरफ जाता है।
लेकिन इस बार 10 साल के बच्चे ने जो किताब पढ़ी और फिर जो जवाब दिया, उसने सबको मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।
😂
एक10साल का बच्चा बहुत ध्यान से एक किताब पढ़ रहा था,
जिसका टाइटल था — “बच्चों का पालन-पोषण कैसे करें?”
मां ने पूछा:
“तुम इस किताब को क्यों पढ़ रहे हो?”
बच्चा बोला:
“मैं ये देखना चाहता हूं कि मेरा पालन-पोषण ठीक से हो रहा है या नहीं!” 😄
😆
बच्चे का ये जवाब सुनकर मां भी कुछ पल के लिए सोच में पड़ गई होगी…
और घर में बैठे बाकी लोग हंसी नहीं रोक पाए होंगे! 😆
बच्चों की मासूमियत में छुपी ऐसी मजेदार बातें ही परिवार के माहौल को खुशियों से भर देती हैं।
अगर यह चुटकुला पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों और फैमिली ग्रुप में जरूर शेयर करें।
अगर आपके घर में भी बच्चे ऐसे ही‘ओवरस्मार्ट’जवाब देते हैं,तो यह चुटकुला आपको जरूर अपना लगेगा! 😄
(साई फीचर्स)

आकाश कुमार ने नई दिल्ली में एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद देश की आर्थिक राजधानी में हाथ आजमाने की सोची. लगभग 15 सालों से आकाश पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं और समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के मुंबई ब्यूरो के रूप में लगातार काम कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
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