AICTE रिपोर्ट: 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, मध्य प्रदेश में 8 पर असर

(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। 
देशभर में 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हो गए हैं। मध्य प्रदेश में 8 कॉलेजों पर असर पड़ा है। AICTE के अनुसार, इन कॉलेजों को प्रोग्रेसिव क्लोजर के तहत बंद किया गया है। इसका मतलब है कि इन संस्थानों को अब पहले साल में नए छात्रों का दाखिला नहीं मिलेगा। हालांकि, जो छात्र पहले से यहां पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।

इंजीनियरिंग कॉलेजों के बंद होने के कारण

इंजीनियरिंग कॉलेजों के बंद होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि छात्रों की घटती दिलचस्पी और नौकरी के सीमित मौके इसकी बड़ी वजह हो सकते हैं।

इसके अलावा, कई पुराने कोर्स आज की जरूरतों के हिसाब से पुराने पड़ चुके हैं। यही वजह है कि छात्रों को नए और बेहतर विकल्पों की तलाश है।

AICTE की रिपोर्ट और इसके परिणाम

AICTE ने 2025-26 के लिए देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों का डेटा जारी किया है। इसमें बताया गया है कि 58 कॉलेज प्रोग्रेसिव क्लोजर के दायरे में आए हैं।

इसके अलावा, 950 से ज्यादा कोर्स भी बंद किए गए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ रहा है।

engineering colleges closed: क्या है प्रोग्रेसिव क्लोजर

प्रोग्रेसिव क्लोजर का मतलब है कि कॉलेजों को नए छात्रों का दाखिला नहीं मिलेगा। हालांकि, जो छात्र पहले से यहां पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

  • 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हो गए हैं
  • मध्य प्रदेश में 8 कॉलेजों पर असर पड़ा है
  • 950 से ज्यादा कोर्स भी बंद किए गए हैं
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छात्रों को क्या करना चाहिए

जिन छात्रों ने इन 58 कॉलेजों में पहले से दाखिला लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी पढ़ाई पहले की तरह चलती रहेगी।

नए छात्रों को शिक्षा समाचार पर नजर रखनी चाहिए और AICTE की मान्यता जरूर देखनी चाहिए। इसके अलावा, वे मध्य प्रदेश समाचार और इंजीनियरिंग कॉलेजों की खबरें पर भी नजर रख सकते हैं।