“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जनकल्याण शिविर तक: सिवनी में कलेक्टर नेहा मीना ने विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की

सिवनी जिले में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने समय-सीमा बैठक में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, जनकल्याण शिविर, प्राकृतिक खेती, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, किसानों की सुविधाएं, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने सभी विभागों को शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। जिले में पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों के हितों, स्वच्छता गतिविधियों और आगामी मानसून की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है।

बैठक में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, स्वच्छता गतिविधियां, जनकल्याण शिविर, प्राकृतिक खेती, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन, खरीफ सीजन की तैयारियां, जर्जर भवनों की स्थिति, बाढ़ आपदा प्रबंधन और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए तथा इसमें जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर

बैठक की शुरुआत 5 जून से जिलेभर में चल रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की समीक्षा से हुई। कलेक्टर ने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए पौधारोपण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत तैयार करने का संकल्प है। पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

अभियान के प्रमुख निर्देश

  • अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए।
  • लगाए गए पौधों का संरक्षण और नियमित निगरानी हो।
  • पौधों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत की जाए।
  • सामाजिक संस्थाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
  • पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

कलेक्टर ने उद्यानिकी एवं आयुष विभाग को औषधीय पौधों के विशेष उद्यान विकसित करने तथा वन विभाग को नगर वन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

स्वच्छता को लेकर प्रशासन सख्त

बैठक में स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छ वातावरण किसी भी जिले के विकास की आधारशिला होता है। उन्होंने नगर पालिका और जनपद पंचायतों को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, सरकारी परिसरों और जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

स्वच्छता अभियान की प्राथमिकताएं

  • प्लास्टिक मुक्त वातावरण का निर्माण
  • सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई
  • जल स्रोतों की स्वच्छता
  • ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन
  • जनजागरूकता कार्यक्रम

नगर पालिका सिवनी को दलसागर सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।

12 से 18 जून तक लगेंगे जनकल्याण शिविर

बैठक में आगामी जनकल्याण शिविरों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। 12 जून से 18 जून तक आयोजित होने वाले इन शिविरों का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है।

कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने और नागरिकों को एक ही स्थान पर अधिकतम सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शिविरों में उपलब्ध होने वाली प्रमुख योजनाएं

  • आयुष्मान भारत योजना
  • पीएम सूर्यघर योजना
  • प्रधानमंत्री वय वंदना योजना
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन
  • किसान कल्याण योजनाएं
  • अन्य जनहितकारी योजनाएं

उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण पर फोकस

प्रशासन ने जनकल्याण शिविरों को सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण से भी जोड़ने का निर्णय लिया है।

कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। शिविरों के माध्यम से लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाएगी।

विशेष रूप से विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं बल्कि जनसेवा के अवसर के रूप में लिया जाए।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय प्राकृतिक खेती भी रहा। कलेक्टर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से 19 और 20 जून को विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

किसानों को दी जाएगी जानकारी

  • प्राकृतिक खेती की तकनीकें
  • खेती की लागत कम करने के उपाय
  • मिट्टी की उर्वरता संरक्षण
  • जैविक संसाधनों का उपयोग
  • उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं

कलेक्टर ने चयनित किसानों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए ताकि वे अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित कर सकें।

सफल किसानों के अनुभव होंगे साझा

जनकल्याण शिविरों में प्रगतिशील किसानों और सफल उद्यमियों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराने की योजना भी बनाई गई है।

प्रशासन का मानना है कि जब किसान अन्य सफल किसानों के अनुभव सुनते हैं तो नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की संभावना बढ़ जाती है।

इस पहल से जिले में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा

21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों पर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई।

कलेक्टर ने जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

गेहूं उपार्जन और भंडारण व्यवस्था पर नजर

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष स्कंध के शीघ्र परिवहन और सुरक्षित भंडारण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उपार्जित गेहूं का परिवहन समय पर सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताएं

  • पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता
  • सुरक्षित भंडारण व्यवस्था
  • परिवहन में बाधा न आए
  • उपार्जन केंद्रों की नियमित निगरानी

खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर विशेष निर्देश

आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी विकासखंडों में किसानों की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक और बीज उपलब्ध रहें।

खरीफ सीजन के लिए तैयारी

  • उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण
  • बीजों की समय पर उपलब्धता
  • ई-वितरण प्रणाली का प्रभावी संचालन
  • नियमित निरीक्षण
  • कृत्रिम कमी रोकने की व्यवस्था

उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन गंभीर

बैठक में शासकीय जर्जर भवनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने सभी विभागों को ऐसे भवनों की सूची अद्यतन करने और आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।

विशेष रूप से स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों से जुड़े भवनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

मानसून और बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारी

आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारियों की भी समीक्षा की।

कलेक्टर ने संभावित आपदा परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

प्रमुख निर्देश

  • क्विक रिस्पांस टीमों का गठन
  • बचाव उपकरणों की उपलब्धता
  • राहत सामग्री का भंडारण
  • संचार व्यवस्था मजबूत करना
  • संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान

होमगार्ड, राजस्व, पुलिस और नगर पालिका सहित सभी विभागों को समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

विद्युत व्यवस्था पर विशेष ध्यान

मानसून के दौरान विद्युत संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए विद्युत विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए।

झूलते तारों की मरम्मत, विद्युत लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने को कहा गया ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना कम हो।

लोक सेवा गारंटी और फार्मर रजिस्ट्री पर जोर

बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा भी की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय सीमा में सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।

सिवनी में आयोजित समय-सीमा बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रशासन पर्यावरण संरक्षण, किसान कल्याण, जनस्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर और सक्रिय है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जनआंदोलन बनाने से लेकर जनकल्याण शिविरों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी मानसून, खरीफ सीजन और योग दिवस की तैयारियों के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही पर दिया गया जोर जिले के समग्र विकास और जनहित को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।