(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 22 मई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शुक्रवार 22 मई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 34.4 | 21.2 | 27 | |
| शाम | 41.8 | 23.4 | 22 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में मई महीने की गर्मी लगातार लोगों की परीक्षा ले रही है। शुक्रवार 22 मई 2026 को जारी मौसम आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में जिले का अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। खास बात यह रही कि दिनभर बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में पिछले दिन की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मौसम के इस बदलते मिजाज ने आम नागरिकों से लेकर किसानों और प्रशासन तक की चिंता बढ़ा दी है। दिन में तेज गर्मी और शाम के समय हल्के बादल लोगों को राहत देने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
पिछले तीन दिनों में तापमान का बदलता ट्रेंड
सिवनी जिले में बीते तीन दिनों के तापमान पर नजर डालें तो मौसम लगातार बदलाव के संकेत दे रहा है।
- 20 मई 2026 : अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री
- 21 मई 2026 : अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री
- 22 मई 2026 : अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री
इन आंकड़ों से साफ है कि एक दिन तापमान में गिरावट आने के बाद फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि प्री-मानसून गतिविधियों के बीच गर्म हवाओं का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बादलों के बावजूद क्यों बढ़ी गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कई बार बादल छाए रहने के बावजूद वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे उमस का स्तर अधिक महसूस होता है। इसी कारण लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- जमीन का तापमान अभी भी काफी अधिक है
- हवा में नमी बढ़ने से उमस बढ़ रही है
- पश्चिमी और दक्षिणी हवाओं का मिश्रण मौसम को अस्थिर बना रहा है
- प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं
यही कारण है कि बादल छाने के बावजूद लोगों को गर्मी से खास राहत नहीं मिल पा रही।
दिनभर सड़कों पर कम दिखाई दिए लोग
शुक्रवार को दोपहर के समय सिवनी शहर की कई प्रमुख सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम दिखाई दी। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर रहे।
बाजार क्षेत्रों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल देखी गई। कई दुकानदारों ने बताया कि दोपहर के समय ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। शाम के बाद मौसम थोड़ा सामान्य होने पर बाजारों में हलचल बढ़ी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
सिवनी जिले के ग्रामीण इलाकों में मौसम का असर अधिक दिखाई दे रहा है। किसान वर्ग लगातार बदलते तापमान को लेकर चिंतित है। मई के अंतिम सप्ताह में सामान्यतः प्री-मानसून गतिविधियों की उम्मीद रहती है, लेकिन गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
- लगातार गर्मी से मिट्टी की नमी कम हो रही है
- पशुओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है
- जल स्रोतों का स्तर घटने की आशंका बढ़ रही है
- खरीफ फसलों की तैयारी प्रभावित हो सकती है
हालांकि कुछ किसानों का मानना है कि बादलों की मौजूदगी आगामी दिनों में बारिश के संकेत भी दे सकती है।
स्वास्थ्य पर भी दिख रहा असर
तेज गर्मी और उमस भरे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, कमजोरी और थकान जैसी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि:
- दोपहर में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
प्रशासन की निगरानी जारी
लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गर्मी के कारण पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर:
- जल आपूर्ति की नियमित निगरानी की जा रही है
- स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता पर फोकस किया जा रहा है
- मौसम अपडेट लगातार मॉनिटर किए जा रहे हैं
गर्मी के कारण बिजली खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे कई इलाकों में लोड बढ़ने की स्थिति बन रही है।
मौसम में बदलाव के संकेत
मौसम विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि मई के अंतिम सप्ताह और जून के शुरुआती दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है। बादलों की बढ़ती आवाजाही यह संकेत दे रही है कि प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं।
हालांकि फिलहाल:
- तेज गर्मी से तुरंत राहत की संभावना कम है
- तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
- कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी संभव है
- उमस बढ़ने की संभावना बनी हुई है
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे।
आम लोगों की प्रतिक्रिया
सिवनी के नागरिकों का कहना है कि इस बार मई महीने की गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक महसूस हो रही है। खासकर दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से लोगों को परेशानी हो रही है।
कई लोगों ने कहा कि:
- सुबह और रात का मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहता है
- दोपहर में गर्मी अचानक तेज हो जाती है
- बादल आने से राहत की उम्मीद बनती है लेकिन उमस बढ़ जाती है
- बिजली कटौती होने पर परेशानी और बढ़ जाती है
शहर के युवाओं और कामकाजी वर्ग का कहना है कि दोपहर में बाहर काम करना कठिन हो गया है।
पर्यावरण विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बदलता मौसम केवल स्थानीय प्रभाव नहीं बल्कि व्यापक जलवायु परिवर्तन का हिस्सा भी हो सकता है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव और अनियमित मौसम अब सामान्य होता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- शहरीकरण का असर स्थानीय तापमान पर पड़ता है
- हरित क्षेत्र कम होने से गर्मी बढ़ती है
- जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी है
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखना आवश्यक है
उन्होंने नागरिकों से पेड़ लगाने और जल संरक्षण पर ध्यान देने की अपील की है।
आने वाले दिनों में क्या रह सकती है स्थिति?
मौसम के मौजूदा पैटर्न को देखते हुए आने वाले दिनों में सिवनी जिले में मिश्रित मौसम देखने को मिल सकता है। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
संभावित स्थिति:
- तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रह सकता है
- उमस में वृद्धि हो सकती है
- कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना
- शाम के समय बादल छा सकते हैं
यदि प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होती हैं तो अगले सप्ताह से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
सिवनी जिले में 22 मई 2026 को दर्ज तापमान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गर्मी का असर अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। बादलों की मौजूदगी के बावजूद तापमान में उछाल और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम के लगातार बदलते स्वरूप ने प्रशासन, किसानों और आम नागरिकों सभी को सतर्क रहने की जरूरत का संकेत दिया है।
आने वाले दिनों में मौसम का रुख काफी महत्वपूर्ण रहेगा। यदि प्री-मानसून गतिविधियां तेज होती हैं तो गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल लोगों को सावधानी और सतर्कता के साथ इस बदलते मौसम का सामना करना होगा।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





