सिवनी में स्थापित होगा फूड पार्क, किसानों को मिलेगा उपज का बेहतर दाम; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में की बड़ी घोषणा

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी जिले के किसानों और कृषि आधारित उद्योगों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि जिले में शीघ्र ही फूड पार्क की स्थापना की जाएगी। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा 02 नवंबर 2026 को सिवनी जिले के सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान अपनी मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर कृषि क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य खेती को केवल पारंपरिक फसल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।

सिवनी जिले की कृषि विशेषताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने यहां के जीराशंकर चावल और बड़े आकार तथा मिठास के लिए पहचाने जाने वाले जंबो सीताफल की विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले में टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों की भी अच्छी संभावनाएं हैं। इन उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण होने से जिले में कृषि आधारित उद्योगों और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने तथा धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 04 नवंबर 2026 तक बढ़ाने की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री दिनेश राय, अपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किसानों को संबोधित किया।

सिवनी में फूड पार्क की स्थापना से कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा सिवनी में फूड पार्क स्थापित करने को लेकर रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन होने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। इसी उद्देश्य से सिवनी में शीघ्र ही फूड पार्क की स्थापना की जाएगी।

सिवनी जिला कृषि उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण पहचान रखता है। यहां धान, टमाटर, मिर्च, तिलहन और अन्य कृषि उत्पादों का उत्पादन होता है। इसके अलावा जिले के जंबो सीताफल जैसे विशिष्ट उत्पाद भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। ऐसे में फूड पार्क की स्थापना कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकती है।

फूड पार्क की अवधारणा केवल कृषि उत्पादों के भंडारण तक सीमित नहीं होती। इसमें खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण, शीत भंडारण और विपणन जैसी सुविधाओं को विकसित करने की संभावनाएं रहती हैं।

यदि सिवनी में प्रस्तावित फूड पार्क को पर्याप्त सुविधाओं और उद्योगों के साथ विकसित किया जाता है, तो इसके संभावित लाभ निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण जिले में ही संभव हो सकेगा।
  • किसानों को कच्ची उपज के बजाय प्रसंस्कृत उत्पादों के माध्यम से बेहतर बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • कृषि आधारित छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
  • पैकेजिंग, परिवहन, भंडारण और विपणन से जुड़े रोजगार विकसित हो सकते हैं।
  • स्थानीय युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर मिल सकते हैं।
  • जंबो सीताफल, जीराशंकर चावल और अन्य उत्पादों की बाजार पहचान विकसित करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, फूड पार्क की वास्तविक उपयोगिता उसके स्थान, निवेश, प्रसंस्करण क्षमता, किसानों की भागीदारी और बाजार से जुड़ाव पर निर्भर करेगी। इसलिए अब जिले के किसानों और कृषि उद्यमियों की निगाहें इस घोषणा के क्रियान्वयन पर रहेंगी।

जीराशंकर चावल और जंबो सीताफल से सिवनी की अलग पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में सिवनी जिले के विशिष्ट कृषि उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीराशंकर चावल अपनी विशेष सुगंध और स्वाद के कारण अलग पहचान रखता है। वहीं जिले का जंबो सीताफल अपने बड़े आकार और मिठास के लिए जाना जाता है।

ये दोनों उत्पाद जिले की कृषि पहचान को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं। यदि इनकी गुणवत्ता बनाए रखने, वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन, उचित पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच की व्यवस्थाएं विकसित की जाती हैं, तो किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकता है।

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सिवनी में टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों की खेती भी कृषि विविधीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन फसलों के उत्पादन को बाजार की मांग और प्रसंस्करण उद्योगों से जोड़ने की आवश्यकता है।

फूड पार्क की स्थापना से इन उत्पादों को स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की संभावनाएं मिल सकती हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए केवल पारंपरिक मंडियों पर निर्भर रहने की स्थिति में बदलाव लाने का अवसर मिल सकता है।

रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि रबी सीजन के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को रात के समय सिंचाई करने की मजबूरी से राहत देना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता खेती की लागत और किसानों की दिनचर्या दोनों को प्रभावित करती है। कई बार रात के समय खेतों में सिंचाई करने के कारण किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।

दिन में बिजली उपलब्ध होने से किसानों को अपने कृषि कार्यों की योजना सुविधाजनक ढंग से बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही रात के समय खेतों में जाने की आवश्यकता कम होने से सुरक्षा संबंधी चिंताओं में भी राहत मिल सकती है।

हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब निर्धारित समय पर बिजली आपूर्ति नियमित और निर्बाध बनी रहेगी। किसानों के लिए आपूर्ति की समय-सारणी और स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 04 नवंबर तक बढ़ाई

बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने धान उपार्जन के पंजीयन को लेकर भी किसानों को राहत देने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 04 नवंबर 2026 कर दी गई है।

इस निर्णय का सिवनी जिले के धान उत्पादक किसानों के लिए विशेष महत्व है। पंजीयन नहीं होने की स्थिति में किसान सरकारी उपार्जन व्यवस्था का लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं। इसलिए अंतिम तिथि बढ़ाए जाने से उन किसानों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में पंजीयन नहीं करा पाए थे।

किसानों को चाहिए कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना पंजीयन और आवश्यक दस्तावेजों की जांच समय रहते पूरी कर लें।

धान उपार्जन व्यवस्था में पंजीयन के साथ भूमि संबंधी जानकारी, बैंक खाते और अन्य आवश्यक विवरणों की शुद्धता भी महत्वपूर्ण होती है।

वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और उन्हें आय के अतिरिक्त स्रोतों से जोड़ने पर विशेष ध्यान देना है।

सरकार पारंपरिक खेती के साथ दलहन, तिलहन, उद्यानिकी और नकदी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है।

कृषि विविधीकरण के माध्यम से किसान बाजार की मांग के अनुरूप फसलों का चयन कर सकते हैं। इससे किसी एक फसल पर निर्भरता कम करने और कृषि जोखिम को नियंत्रित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को भी किसानों की आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।

जेवनारा मत्स्य बीज परिक्षेत्र की भूमिका का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने सिवनी जिले की मत्स्य पालन संबंधी संभावनाओं का उल्लेख करते हुए जेवनारा मत्स्य बीज परिक्षेत्र की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।

मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। मछली उत्पादन के साथ मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन और विपणन जैसी गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित होते हैं।

सिवनी जिले में मत्स्य बीज उत्पादन से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने और किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ने की संभावनाएं मौजूद हैं।

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मुख्यमंत्री ने कृषि के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को आय के विभिन्न स्रोतों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

स्वामित्व योजना से 60 लाख से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति अधिकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण विकास के संदर्भ में स्वामित्व योजना का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख और रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अभियान के अंतर्गत लगभग 60 लाख से अधिक ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलने से ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति के उपयोग और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। आवश्यकता पड़ने पर पात्र नागरिक अपनी संपत्ति के दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा से ग्रामीण परिवहन को मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इस सेवा को पुनः प्रभावी रूप से प्रारंभ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को परिवहन के अधिक सुलभ साधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण परिवहन की सुविधा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण होती है। बेहतर बस सेवा से गांवों के लोगों को बाजार, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।

सांसद भारती पारधी ने किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर दिया जोर

कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।

उन्होंने धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

सांसद ने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए लाड़ली बहना योजना और ड्रोन दीदी पहल की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। वहीं ड्रोन दीदी जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है।

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य, जहां बलराम कृषि महोत्सव की पहल : महेंद्र सिंह यादव

अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सिवनी प्रदेश का 52वां जिला है, जहां बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भगवान बलराम की जयंती के अवसर पर कृषि महोत्सव आयोजित करने की पहल की गई है।

उन्होंने किसानों को धरती पुत्र और अन्नदाता बताते हुए कहा कि कृषि विकास के लिए आधुनिक अनुसंधान और तकनीकों का लाभ खेतों तक पहुंचाना आवश्यक है।

श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। इससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए आर्थिक सहायता मिलती है और खेती को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

विधायक दिनेश राय ने नरवाई नहीं जलाने और जल संरक्षण की अपील की

विधायक श्री दिनेश राय ने बलराम कृषि महोत्सव को किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

उन्होंने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने पर भी जोर दिया। इससे जल संरक्षण के साथ खेती की लागत को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।

विधायक ने जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए पेंच व्यपवर्तन परियोजना हेतु राशि आवंटित किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लाभ मिलने की उम्मीद है।

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अग्रणी किसानों ने साझा किए खेती और नवाचार के अनुभव

बलराम कृषि महोत्सव में सिवनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और आधुनिक तकनीक के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य कर रहे किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।

ग्राम पीपरडाना की श्रीमती सरोज डेहरिया ने नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत ड्रोन संचालन के माध्यम से आजीविका और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

ग्राम कुड़ारी के श्री अतुल सोनी ने प्राकृतिक खेती के अंतर्गत डीआरसी की स्थापना तथा जीवामृत, बीजामृत और दशपर्णी अर्क के निर्माण एवं विक्रय के अनुभव साझा किए।

ग्राम खैरमटाकोल की श्रीमती अभिलाषा वर्मा ने जंबो सीताफल उत्पादक समूह के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

ग्राम माहुलझिर की श्रीमती सविता राहंगडाले ने प्राकृतिक खेती क्लस्टर के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने और जैविक कृषि उत्पाद तैयार करने के अपने अनुभव बताए।

वहीं ग्राम चारगांव के श्री जितेन्द्र बघेल ने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना और पशुपालन आधारित किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक डेयरी उद्यम में बदलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके द्वारा प्रतिदिन 80 से 85 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है।

इन किसानों के अनुभवों ने यह बताया कि खेती के साथ आधुनिक तकनीक, समूह आधारित गतिविधियां और पशुपालन जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

कृषि वैज्ञानिकों ने दी आधुनिक खेती की जानकारी, लगाए गए विभागीय स्टॉल

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी।

किसानों को उन्नत बीजों के चयन, मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद और कीट नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियों के बारे में बताया गया।

इसके अलावा उद्यानिकी, डेयरी विकास, पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

महोत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। इनके माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

किसानों ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से अपनी कृषि संबंधी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

अग्रणी किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम के समापन अवसर पर कृषि, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी और पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वालों में श्रीमती सरोज डेहरिया, श्री अतुल सोनी, श्रीमती अभिलाषा वर्मा, श्रीमती सविता राहंगडाले और श्री जितेन्द्र बघेल शामिल रहे।

इसके साथ ही कृषक परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं रिया परिहार, प्रीति पटेल, आदित्य पटेल, मोहित ठाकुर और सहजल ठाकुर को भी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी, अपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंह यादव, विधायक श्री दिनेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्णलाल चंदानी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली शाह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, नगरपालिका अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद सनोडिया, पूर्व विधायक श्री नरेश दिवाकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सिवनी के कृषि भविष्य के लिए फूड पार्क की घोषणा महत्वपूर्ण

बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सिवनी में फूड पार्क स्थापित करने की घोषणा जिले के कृषि विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

सिवनी में धान, जंबो सीताफल, टमाटर, मिर्च और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाएं मौजूद हैं। यदि प्रस्तावित फूड पार्क में भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की पर्याप्त सुविधाएं विकसित होती हैं, तो स्थानीय किसानों और उद्यमियों को इसका लाभ मिल सकता है।

हालांकि, इस घोषणा को वास्तविक आर्थिक लाभ में बदलने के लिए परियोजना की समय-सीमा, निवेश, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और किसानों की भागीदारी को लेकर आगे ठोस कदम उठाने होंगे।

बलराम कृषि महोत्सव में किसानों के लिए फूड पार्क, दिन में 10 घंटे बिजली और धान पंजीयन की तिथि बढ़ाने जैसी घोषणाओं ने सिवनी के कृषि विकास को लेकर नई संभावनाएं सामने रखी हैं। अब इन घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही तय करेगा कि जिले के किसानों की आय, रोजगार और कृषि आधारित उद्यमों को कितना लाभ मिल पाता है।