(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। कलेक्टर श्रीमती मीना ने जिला सभाकक्ष में समय सीमा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में सीएम हेल्पलाइन, समय‑सीमा प्रकरण, जनशिकायत, मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम, सेवा संकल्प अभियान और धान किसान पंजीयन की प्रगति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और नागरिकों को वास्तविक समाधान प्रदान करने के महत्व पर बल दिया, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख विषय
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में लंबित शिकायतों की संख्या, रैंकिंग से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान के लिए नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए। समय‑सीमा प्रकरणों में विभागीय समन्वय को तेज करने, निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जहाँ शेष आवेदनों के शीघ्र निराकरण और आगामी शिविरों की तैयारियों को प्राथमिकता दी गई।
सेवा संकल्प अभियान एवं किसान पंजीयन की प्रगति
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में चल रही विभिन्न गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए, अभियान के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। धान किसान पंजीयन के संदर्भ में, पंजीकरण की वर्तमान स्थिति, पंजीकृत किसानों की संख्या और पंजीयन प्रक्रिया में आई चुनौतियों को उजागर किया गया, तथा समाधान हेतु तकनीकी सहायता और जागरूकता कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखा गया।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: जिला प्रशासन, सिवनी
• आयोजन: समय सीमा बैठक
• स्थान: सिवनी, उत्तर प्रदेश
• मुख्य उद्देश्य: सीएम हेल्पलाइन, जनशिकायत, किसान पंजीयन आदि की स्थिति की समीक्षा
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण, रैंकिंग शिकायतों को प्राथमिकता, आगामी शिविरों की तैयारियों को सुदृढ़ करना
• लक्ष्य: प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना, नागरिक संतुष्टि में सुधार, कृषि क्षेत्र में पंजीयन को तेज़ करना
कलेक्टर मीना की समय सीमा बैठक ने प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही के महत्व को पुनः स्थापित किया। नियमित समीक्षा, तकनीकी समर्थन और स्पष्ट निर्देशों के माध्यम से जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं को वास्तविक समाधान तक पहुँचाने में सक्षम होगा। यह दृष्टिकोण न केवल सेवा गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि सतत विकास और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को भी साकार करेगा।