(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)।नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश की लाड़ली बहनाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में 41वीं किश्त का एक‑क्लिक ट्रांसफर किया। इस कदम से 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये की राशि अंतरित होगी, जिससे महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान को बढ़ावा मिलेगा।
योजना का विस्तृत विवरण
लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार करना और परिवार के निर्णय‑प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुदृढ़ करना है। योजना के तहत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो सिंगल‑क्लिक तकनीक से सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाती है। इस बार मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी उपभोक्ताओं एवं गैर‑उज्ज्वला श्रेणी के पंजीकृत लाड़ली बहनों को 450 रुपये की गैस रिफिल अनुदान राशि भी एक‑क्लिक माध्यम से अंतरित की, जिससे ऊर्जा सुरक्षा में भी सुधार होगा।
विकास कार्यों का लोकार्पण
किश्त के साथ ही मुख्यमंत्री ने 144 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि‑पूजन किया। इन कार्यों में ग्रामीण बुनियादी ढाँचा, जल संरक्षण, स्वास्थ्य केंद्र और शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण शामिल है, जो प्रदेश के समग्र विकास को गति देगा। इस पहल से न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि सामाजिक‑आर्थिक विकास में भी संतुलित प्रगति सुनिश्चित होगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: लाड़ली बहना योजना (Madhya Pradesh Government) • आयोजन: 41वीं किश्त का सिंगल‑क्लिक ट्रांसफर सम्मेलन • स्थान: उमरिया‑गुरुवाही, मानपुर जनपद पंचायत • मुख्य उद्देश्य: 1.25 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देना • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 450 रुपये LPG रिफिल अनुदान, 144 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण • लक्ष्य: महिला सशक्तिकरण, आर्थिक स्वावलंबन और प्रदेश के सतत विकास को सुदृढ़ करना
भविष्य में भी नियमित सिंगल‑क्लिक ट्रांसफर और व्यापक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिला कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी। निरंतर निगरानी, तकनीकी उन्नयन और सामाजिक सहभागिता के साथ यह योजना राज्य की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक समावेशिता को सुदृढ़ करेगी, जिससे प्रदेश में सतत विकास और समग्र प्रगति की राह प्रशस्त होगी।