22 साल IAF में सेवा के बाद अभिनंदन वर्धमान की नई उड़ान, FLY91 में बने पायलट; 2019 की वीरगाथा आज भी देश को याद

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन वर्धमान ने विमानन क्षेत्र में अपने करियर की नई शुरुआत की है। भारतीय वायुसेना में करीब 22 वर्षों तक सेवा देने के बाद अभिनंदन वर्धमान ने क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 में पायलट के रूप में ज्वाइन किया है। बताया गया है कि उन्होंने अगस्त 2026 में एयरलाइन से जुड़कर कमर्शियल एविएशन की दिशा में अपनी नई पारी शुरू की।

अभिनंदन वर्धमान का नाम भारतीय सैन्य इतिहास में विशेष रूप से वर्ष 2019 की उस घटना के कारण दर्ज है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी विमान को मार गिराया था। इस कार्रवाई के दौरान उनका MiG-21 Bison भी दुश्मन के हमले की चपेट में आ गया था। उन्होंने विमान से सुरक्षित इजेक्ट किया, लेकिन पाकिस्तान के क्षेत्र में जा गिरे और उन्हें वहां हिरासत में ले लिया गया।

करीब तीन दिन बाद उनकी भारत वापसी हुई। उनके साहस और कार्रवाई के लिए भारत सरकार ने उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया। अब वही लड़ाकू पायलट कमर्शियल एविएशन की दुनिया में एक नई भूमिका निभाने जा रहे हैं।

IAF के बाद अब कमर्शियल एविएशन में नई पारी

अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना में अपने करियर के दौरान लड़ाकू विमान उड़ाने और सैन्य अभियानों का लंबा अनुभव हासिल किया। वायुसेना में लंबे समय तक सेवा करने के बाद उनका FLY91 से जुड़ना उनके पेशेवर जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

सैन्य विमान उड़ाने और वाणिज्यिक यात्री विमान उड़ाने की प्रक्रियाएं अलग होती हैं। इसलिए भारतीय वायुसेना में प्राप्त व्यापक उड़ान अनुभव के बावजूद कमर्शियल एयरलाइन में नियमित रूप से विमान संचालन के लिए उन्हें नागरिक उड्डयन से जुड़े निर्धारित प्रशिक्षण, लाइसेंसिंग और नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, FLY91 में नियमित कमर्शियल उड़ान संचालन शुरू करने से पहले अभिनंदन को आवश्यक प्रशिक्षण और संबंधित नियामकीय प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

इसका मतलब है कि एयरलाइन से जुड़ने के बाद उनकी नई भूमिका केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं होगी। उन्हें कमर्शियल विमान संचालन के मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा।

2019 का वह हवाई संघर्ष, जिसने देशभर में बना दिया पहचान

अभिनंदन वर्धमान का नाम 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद पूरे देश में चर्चा में आया था। उस समय वह भारतीय वायुसेना के लड़ाकू पायलट के रूप में तैनात थे।

हवाई संघर्ष के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया। हालांकि इसी कार्रवाई के दौरान उनका MiG-21 Bison भी दुश्मन के हमले की चपेट में आ गया।

विमान क्षतिग्रस्त होने के बाद अभिनंदन ने इजेक्शन किया। उनका पैराशूट पाकिस्तान के क्षेत्र में उतरा और उन्हें वहां हिरासत में ले लिया गया।

यह घटना भारत के लिए बेहद संवेदनशील दौर में हुई थी। अभिनंदन की हिरासत के बाद उनकी सुरक्षित वापसी देश के लिए एक बड़ी चिंता बन गई थी। करीब तीन दिन बाद उन्हें रिहा किया गया और वह भारत लौटे।

उनकी वापसी के बाद देशभर में उनके साहस, संयम और कर्तव्यनिष्ठा की चर्चा हुई।

वीर चक्र से किया गया सम्मान

अभिनंदन वर्धमान को हवाई संघर्ष के दौरान प्रदर्शित साहस और कार्रवाई के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वीर चक्र भारत के प्रमुख युद्धकालीन वीरता पुरस्कारों में शामिल है।

उनका यह सम्मान केवल सैन्य कार्रवाई में उनकी भूमिका की मान्यता नहीं था, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में उनके साहस और पेशेवर प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

2019 की घटना के बाद अभिनंदन भारतीय जनमानस में एक चर्चित सैन्य चेहरे के रूप में स्थापित हो गए। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका लेने के बजाय अपने सैन्य करियर को जारी रखा।

2021 में बने थे ग्रुप कैप्टन

2019 की घटना के बाद भी अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं जारी रखीं। वर्ष 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया।

यह पदोन्नति उनके लंबे सैन्य करियर और पेशेवर अनुभव को दर्शाती है। भारतीय वायुसेना में लड़ाकू पायलट के रूप में उनका अनुभव अब कमर्शियल विमानन के क्षेत्र में भी उनके लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

हालांकि सैन्य विमानन और नागरिक विमानन के संचालन मानकों में अंतर होता है, लेकिन विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव, कॉकपिट अनुशासन, आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता और उड़ान सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जैसे कौशल दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण होते हैं।

FLY91 में क्या होगी अभिनंदन की भूमिका?

FLY91 एक क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में अपना कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था। एयरलाइन वर्तमान में ATR 72-600 विमानों का संचालन करती है।

इसके बेस गोवा और हैदराबाद में हैं तथा इसका मुख्य फोकस देश के विभिन्न क्षेत्रीय गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है।

अभिनंदन वर्धमान के एयरलाइन से जुड़ने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण उनका कमर्शियल एविएशन प्रशिक्षण होगा। किसी भी एयरलाइन में पायलट को निर्धारित सुरक्षा, संचालन और नियामकीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण पूरा करना होता है।

उनके मामले में भारतीय वायुसेना के अनुभव के साथ-साथ नागरिक उड्डयन से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।

कमर्शियल पायलट बनने की प्रक्रिया में क्या-क्या शामिल हो सकता है?

सैन्य पायलट से कमर्शियल एयरलाइन पायलट की भूमिका में आने पर सामान्य तौर पर कई औपचारिक प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होती हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं—

  • नागरिक उड्डयन नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करना।
  • संबंधित लाइसेंस और अनुमोदन की प्रक्रिया।
  • एयरलाइन का निर्धारित प्रशिक्षण।
  • विमान के प्रकार से संबंधित प्रशिक्षण।
  • सिम्युलेटर प्रशिक्षण और दक्षता जांच।
  • सुरक्षा एवं संचालन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण।
  • निर्धारित मेडिकल और अन्य अनिवार्य मानकों का पालन।
  • विमान संचालन से पहले आवश्यक जांच और अनुमोदन।

अभिनंदन वर्धमान को भी अपनी नई भूमिका के अनुरूप लागू सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

MiG-21 से ATR 72-600 तक बदलेगा कॉकपिट

अभिनंदन वर्धमान की नई पारी का सबसे दिलचस्प पहलू उनके विमानन करियर में आने वाला बदलाव है। भारतीय वायुसेना में उन्होंने लड़ाकू विमान उड़ाया है, जबकि FLY91 के बेड़े में वर्तमान में ATR 72-600 जैसे क्षेत्रीय यात्री विमान शामिल हैं।

लड़ाकू विमान और क्षेत्रीय यात्री विमान का डिजाइन, संचालन, मिशन और उपयोग अलग-अलग होता है। फाइटर जेट का मुख्य उद्देश्य सैन्य अभियान होता है, जबकि कमर्शियल एयरलाइन का प्राथमिक उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और निर्धारित तरीके से एक गंतव्य से दूसरे गंतव्य तक पहुंचाना होता है।

इसलिए अभिनंदन के लिए यह बदलाव तकनीकी और पेशेवर रूप से एक नया अनुभव होगा। उनके सैन्य उड़ान अनुभव के साथ नागरिक विमानन के नियमों और प्रक्रियाओं का संयोजन उनकी नई भूमिका को विशेष बनाता है।

क्षेत्रीय विमानन के विस्तार के दौर में FLY91

भारत में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। देश के बड़े महानगरों के साथ छोटे शहरों और क्षेत्रीय केंद्रों को जोड़ने में क्षेत्रीय एयरलाइनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

FLY91 ने मार्च 2024 में कमर्शियल परिचालन शुरू किया और वर्तमान में ATR 72-600 विमानों के जरिए क्षेत्रीय मार्गों पर संचालन करता है। गोवा और हैदराबाद को अपने बेस के रूप में इस्तेमाल करते हुए एयरलाइन का लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रीय गंतव्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना है।

ऐसे समय में एक अनुभवी पूर्व सैन्य पायलट का क्षेत्रीय एयरलाइन से जुड़ना भारतीय विमानन क्षेत्र में सैन्य और नागरिक विमानन के बीच पेशेवर संक्रमण का भी उदाहरण है।

अभिनंदन के नए कदम का व्यापक महत्व

अभिनंदन वर्धमान का FLY91 से जुड़ना केवल उनके व्यक्तिगत करियर में बदलाव नहीं है। यह इस बात का उदाहरण भी है कि सैन्य विमानन में वर्षों का अनुभव रखने वाले प्रशिक्षित पायलट अपने सैन्य करियर के बाद नागरिक विमानन में किस तरह नई भूमिकाएं निभा सकते हैं।

भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा देने वाले पायलटों के पास विमान संचालन, अनुशासन, तकनीकी प्रक्रियाओं और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यापक अनुभव होता है। हालांकि नागरिक विमानन में प्रवेश के लिए अलग-अलग नियामकीय आवश्यकताएं पूरी करना अनिवार्य रहता है।

अभिनंदन का मामला इसलिए भी विशेष है क्योंकि वह केवल एक अनुभवी सैन्य पायलट ही नहीं, बल्कि देश के एक प्रमुख युद्धकालीन वीरता पुरस्कार से सम्मानित अधिकारी रहे हैं।

जनता के लिए भी उत्सुकता का विषय

अभिनंदन वर्धमान की 2019 की घटना को देश ने करीब से देखा था। उनकी पाकिस्तान से वापसी के बाद उनकी छवि एक साहसी लड़ाकू पायलट की बनी। ऐसे में उनका एयरलाइन पायलट के रूप में नया करियर शुरू करना आम लोगों के बीच स्वाभाविक रूप से रुचि का विषय है।

हालांकि उनकी नई भूमिका में प्राथमिक जिम्मेदारी वही रहेगी जो किसी भी कमर्शियल पायलट की होती है—यात्रियों की सुरक्षा और विमान का निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार संचालन।

उनके सैन्य अतीत और नई नागरिक विमानन भूमिका के बीच यह बदलाव उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा सकता है।

आगे की राह क्या होगी?

FLY91 से जुड़ने के बाद अभिनंदन वर्धमान के लिए अगला चरण आवश्यक प्रशिक्षण और नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। इन औपचारिकताओं के बाद ही वह एयरलाइन के निर्धारित परिचालन ढांचे के अनुसार कमर्शियल विमान उड़ाने की भूमिका में आगे बढ़ सकेंगे।

उनके लिए यह सैन्य विमानन से नागरिक विमानन की ओर एक महत्वपूर्ण पेशेवर संक्रमण होगा। एक ओर जहां 2019 की हवाई लड़ाई ने उन्हें सैन्य इतिहास और देश की सार्वजनिक स्मृति में विशेष पहचान दी, वहीं दूसरी ओर FLY91 के साथ उनका जुड़ाव उनके विमानन करियर को एक बिल्कुल नए क्षेत्र में ले जा रहा है।

बदलते विमानन क्षेत्र में नई संभावनाएं

भारत में हवाई यात्रा का विस्तार हो रहा है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी विमानन क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। ऐसे माहौल में अनुभवी पायलटों की भूमिका और प्रशिक्षण की गुणवत्ता महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

अभिनंदन वर्धमान जैसे पूर्व सैन्य पायलटों का नागरिक विमानन में आना इस व्यापक बदलाव का हिस्सा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद FLY91 के कमर्शियल ऑपरेशन में किस भूमिका में नजर आते हैं।

भारतीय वायुसेना में करीब 22 वर्षों की सेवा, 2019 के हवाई संघर्ष में अदम्य साहस, वीर चक्र सम्मान और 2021 में ग्रुप कैप्टन के पद तक पहुंचने के बाद अभिनंदन वर्धमान ने अब अपने विमानन करियर में एक नया अध्याय शुरू किया है।

FLY91 से पायलट के रूप में उनका जुड़ना सैन्य विमानन से नागरिक विमानन की ओर महत्वपूर्ण पेशेवर बदलाव है। हालांकि कमर्शियल उड़ान शुरू करने से पहले उन्हें निर्धारित प्रशिक्षण और नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

एक समय MiG-21 Bison के कॉकपिट से देश की रक्षा करने वाले अभिनंदन अब ATR 72-600 जैसे क्षेत्रीय यात्री विमान के कॉकपिट में नई जिम्मेदारी निभाने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी यह नई पारी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का नया चरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सैन्य विमानन का लंबा अनुभव नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में किस तरह नई संभावनाओं का आधार बन सकता है।