मध्यप्रदेश पुलिस की जांच में फिसड्डी, भोपाल-इंदौर भी पिछड़े

मध्यप्रदेश पुलिस नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में संघर्ष कर रही है, जिसके तहत जांच की समय सीमा तय की गई है, लेकिन पुलिस इस समय सीमा का पालन नहीं कर पा रही है, जानकारों का कहना है कि एमपी पुलिस खुद को मजबूत करने में जुटी है, लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)।
मध्यप्रदेश पुलिस नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में संघर्ष कर रही है, जिसके तहत जांच की समय सीमा तय की गई है, लेकिन पुलिस इस समय सीमा का पालन नहीं कर पा रही है, जानकारों का कहना है कि एमपी पुलिस खुद को मजबूत करने में जुटी है, लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है, तभी प्रदेश टॉप-10 राज्यों की सूची में जगह बना सकेगा, मध्यप्रदेश पुलिस की जांच में फिसड्डी साबित हो रही है, खासकर भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में

जांच समय सीमा का पालन नहीं

मध्यप्रदेश पुलिस नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में संघर्ष कर रही है, जिसके तहत जांच की समय सीमा तय की गई है

लेकिन पुलिस इस समय सीमा का पालन नहीं कर पा रही है, जानकारों का कहना है कि एमपी पुलिस खुद को मजबूत करने में जुटी है, लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है

भोपाल और इंदौर की स्थिति

भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में पुलिस की जांच में फिसड्डी साबित हो रही है, यहां 60 दिन में सिर्फ 57% केसों की जांच पूरी हुई है

90 दिन के भीतर जीआरपी भोपाल ने 51% केसों की जांच पूरी की, जबकि इंदौर ग्रामीण में भी हालत बेहतर नहीं रही, 90 दिन में सिर्फ 58.51% केसों की ही जांच हो सकी

crime investigation के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति

मध्यप्रदेश पुलिस crime investigation के मामले में पिछड़ रही है, यहां की पुलिस को जांच में तेजी लाने की जरूरत है, तभी प्रदेश टॉप-10 राज्यों की सूची में जगह बना सकेगा

इसके लिए पुलिस को अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाना होगा, और जांच में तेजी लानी होगी, साथ ही मध्यप्रदेश समाचार के अनुसार पुलिस को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश पुलिस की जांच में फिसड्डी साबित हो रही है, खासकर भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में

पुलिस को जांच में तेजी लाने की जरूरत है, तभी प्रदेश टॉप-10 राज्यों की सूची में जगह बना सकेगा, मध्यप्रदेश पुलिस को अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाना होगा, और जांच में तेजी लानी होगी, इसके लिए मध्यप्रदेश समाचार के अनुसार पुलिस को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा