बारिश के अभाव में सिवनी में बढ़ा तापमान, 31.6 डिग्री तक पहुंचा पारा; उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में लगातार बारिश नहीं होने के कारण तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में बढ़ती उमस और गर्मी का असर आम जनजीवन, कृषि और दैनिक गतिविधियों पर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान पर अब जिले के लोगों और किसानों की नजरें टिकी हुई हैं।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज मंगलवार 14 जुलाई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, मंगलवार 14 जुलाई 2026
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह282470
शाम31.624.660
वर्षा0मिलीमीटर

सिवनी जिले में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने के कारण एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मंगलवार 14 जुलाई 2026 को शाम तक दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार पर्याप्त बारिश नहीं होने से दिन के समय गर्मी और उमस दोनों में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव का असर आम नागरिकों के साथ-साथ किसानों की चिंताओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

जुलाई का महीना सामान्यतः अच्छी वर्षा का माना जाता है, लेकिन इस बार बारिश के अंतराल ने लोगों को राहत के बजाय गर्मी का एहसास कराया है। पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन व्यापक और लगातार वर्षा नहीं होने से तापमान में गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।

सिवनी में बीते24घंटे का मौसम कैसा रहा

मंगलवार 14 जुलाई 2026 की शाम तक उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा।

मुख्य मौसम आंकड़े

  • अधिकतम तापमान : 31.6°C
  • न्यूनतम तापमान : 24°C
  • मौसम की स्थिति : बादलों की आवाजाही के बीच उमस
  • वर्षा की स्थिति : अपेक्षाकृत कम बारिश

दिनभर धूप और बादलों का मिश्रित वातावरण बना रहा। बीच-बीच में बादल छाए रहे, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण वातावरण में नमी के साथ उमस भी बढ़ गई।

बारिश की कमी से क्यों बढ़ रहा है तापमान

मानसून के दौरान लगातार बारिश होने पर वातावरण का तापमान सामान्य स्तर पर बना रहता है। लेकिन जब बारिश कई दिनों तक नहीं होती, तब सूर्य की गर्मी जमीन को अधिक गर्म करती है। इसके कारण दिन का तापमान बढ़ने लगता है।

सिवनी जिले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। बादलों की मौजूदगी के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से जमीन की सतह गर्म बनी हुई है। यही कारण है कि अधिकतम तापमान सामान्य मानसूनी परिस्थितियों की तुलना में अधिक दर्ज किया जा रहा है।

रात के समय न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिल रही है, लेकिन वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बनी हुई है।

उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

बारिश नहीं होने से सबसे अधिक असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। सुबह और शाम अपेक्षाकृत मौसम सामान्य रहता है, लेकिन दोपहर के समय उमस और गर्मी दोनों मिलकर असहज स्थिति पैदा कर रही हैं।

बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को अधिक पसीना आने की शिकायतें बढ़ी हैं। बिजली की खपत में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है क्योंकि लोग कूलर और पंखों का अधिक उपयोग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो उमस और अधिक बढ़ सकती है।

कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है असर

सिवनी एक कृषि प्रधान जिला है। यहां खरीफ सीजन की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है।

बारिश में देरी या लंबे अंतराल के कारण किसानों की चिंता बढ़ जाती है क्योंकि फसलों की शुरुआती वृद्धि के लिए पर्याप्त नमी आवश्यक होती है।

विशेष रूप से—

  • धान की रोपाई
  • मक्का
  • सोयाबीन
  • दलहन फसलें

इन सभी के लिए समय पर वर्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

यदि वर्षा का क्रम लगातार बाधित रहता है तो खेतों में नमी कम हो सकती है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता बढ़ सकती है।

मानसून का वर्तमान स्वरूप

जुलाई के दूसरे सप्ताह तक सामान्य परिस्थितियों में मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिलती है। हालांकि कई बार मानसून कुछ दिनों के लिए कमजोर भी पड़ जाता है।

ऐसी स्थिति में—

  • बादल बने रहते हैं।
  • बीच-बीच में हल्की वर्षा होती है।
  • लेकिन व्यापक बारिश नहीं होती।
  • तापमान में फिर से वृद्धि होने लगती है।

सिवनी में फिलहाल कुछ इसी प्रकार की मौसमीय स्थिति देखने को मिल रही है।

तापमान और वर्षा का संबंध

मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि मानसून के दौरान तापमान और वर्षा का सीधा संबंध होता है।

जब लगातार वर्षा होती है—

  • वातावरण ठंडा रहता है।
  • मिट्टी में नमी बनी रहती है।
  • अधिकतम तापमान कम रहता है।

लेकिन जब वर्षा रुक जाती है—

  • सूर्य की गर्मी अधिक प्रभावी होती है।
  • भूमि का तापमान बढ़ जाता है।
  • हवा में नमी होने से उमस भी बढ़ जाती है।

इसी कारण बारिश के अभाव में लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है।

स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है प्रभाव

गर्मी और उमस का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहता बल्कि स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में—

  • पर्याप्त पानी पीना चाहिए।
  • धूप में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए।
  • हल्के सूती कपड़े पहनने चाहिए।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  • अत्यधिक पसीना आने पर शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना चाहिए।

मौसम में लगातार बदलाव होने पर वायरल संक्रमण की संभावना भी बढ़ सकती है।

जनजीवन पर दिखाई दे रहा असर

बारिश की कमी का प्रभाव केवल किसानों तक सीमित नहीं है।

जिले में—

  • बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम देखी जा रही है।
  • निर्माण कार्यों में श्रमिकों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
  • यातायात के दौरान उमस के कारण लोगों को असुविधा महसूस हो रही है।
  • घरेलू बिजली की मांग बढ़ने लगी है।

यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहती है तो दैनिक गतिविधियों पर इसका प्रभाव और अधिक स्पष्ट हो सकता है।

मौसम के आंकड़े क्या बताते हैं

बीते 24 घंटों में दर्ज तापमान यह संकेत देता है कि मानसूनी मौसम होने के बावजूद वातावरण पूरी तरह ठंडा नहीं हुआ है।

31.6 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान यह दर्शाता है कि दिन के समय सूर्य का प्रभाव अभी भी बना हुआ है।

24 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत सामान्य माना जा सकता है, लेकिन वातावरण में मौजूद नमी लोगों को रात के समय भी उमस का अनुभव करा सकती है।

लोगों की प्रतिक्रिया

सिवनी के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बादल तो दिखाई दे रहे हैं लेकिन अच्छी बारिश नहीं हो रही।

व्यापारियों का कहना है कि गर्मी और उमस के कारण दोपहर के समय बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो जाती है।

वहीं किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और अच्छी वर्षा से खेतों को पर्याप्त नमी मिलेगी।

विशेषज्ञ क्या मानते हैं

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान कुछ दिनों का ब्रेक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

हालांकि यदि यह अंतराल अधिक लंबा हो जाए तो—

  • तापमान में वृद्धि होती है।
  • कृषि गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
  • उमस बढ़ जाती है।
  • स्थानीय मौसम में अस्थिरता बनी रहती है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मौसम विभाग द्वारा जारी होने वाले ताजा पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

आने वाले दिनों में क्या रह सकते हैं संकेत

मौसम के मौजूदा रुझानों को देखते हुए लोगों की निगाहें आगामी दिनों की वर्षा पर टिकी हुई हैं।

यदि मानसून दोबारा सक्रिय होता है तो—

  • तापमान में गिरावट आ सकती है।
  • उमस से राहत मिल सकती है।
  • कृषि कार्यों को गति मिलेगी।
  • जल स्रोतों में सुधार होगा।

वहीं यदि बारिश में और देरी होती है तो तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

प्रशासन और नागरिकों के लिए जरूरी पहलू

मौसम में बदलाव को देखते हुए प्रशासन के लिए भी आवश्यक है कि जलभराव और जल संरक्षण दोनों पहलुओं पर नजर बनाए रखी जाए।

साथ ही नागरिकों को भी मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषकर किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों को बदलते मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

सिवनी जिले में मंगलवार 14 जुलाई 2026 को दर्ज मौसम के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि बारिश की कमी के कारण तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने से दिन में गर्मी तथा उमस दोनों का प्रभाव महसूस किया गया। वर्तमान परिस्थितियों में किसानों, आम नागरिकों और प्रशासन की निगाहें मानसून की अगली सक्रियता पर टिकी हैं। यदि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा होती है तो तापमान में कमी आने के साथ कृषि और जनजीवन दोनों को राहत मिलने की संभावना है, जबकि बारिश में लंबा अंतराल बना रहने पर गर्मी और उमस का असर आगे भी जारी रह सकता है।