(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की तुलना की है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों की सेवा का संकल्प लिया है, जबकि मनमोहन सिंह जी के पास डिग्री थी लेकिन गरीबी का दर्द नहीं था। सीएम मोहन यादव ने यह बात माय यूथ माय प्राइड कान्क्लेव आयोजन में कही। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी ने गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे कि सीधे खाते में राशि डालने की योजना। इसके अलावा, उन्होंने गरीब स्कूली बच्चों को निशुल्क कापियां देने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लिया।
पीएम मोदी की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता
सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मोदी जी ने गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी के पास डिग्री नहीं थी, लेकिन उन्हें गरीबी का दर्द था।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी ने सीधे खाते में राशि डालने की योजना शुरू की है, जिससे गरीबों को लाभ हो रहा है।
मनमोहन सिंह जी की गरीबी उन्मूलन की नीतियां
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मनमोहन सिंह जी के पास डिग्री थी, लेकिन उन्हें गरीबी का दर्द नहीं था। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह जी ने गरीबी उन्मूलन के लिए कई नीतियां बनाईं, लेकिन वे सफल नहीं हो पाईं।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह जी की नीतियों के कारण गरीबी बढ़ती गई और लोगों को परेशानी होती रही।
गरीबों के लिए कार्यक्रम और योजनाएं
सीएम मोहन यादव ने कहा कि गरीब स्कूली बच्चों को निशुल्क कापियां देने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हिंदरक्षक द्वारा साल 2004 से शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत गरीब स्कूली बच्चों को निशुल्क कापियां दी जाती हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई में मदद मिलती है। गरीबी उन्मूलन के लिए कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।
- गरीब स्कूली बच्चों को निशुल्क कापियां देने के लिए कार्यक्रम
- हिंदरक्षक द्वारा साल 2004 से शुरू किया गया कार्यक्रम
- गरीबी उन्मूलन के लिए कार्यक्रम और योजनाएं
निष्कर्ष और आगे की योजनाएं
सीएम मोहन यादव ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी की योजनाएं गरीबों के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
उन्होंने कहा कि हमें गरीबी उन्मूलन के लिए और अधिक कार्यक्रम और योजनाएं शुरू करनी होंगी। गरीबी उन्मूलन के लिए समाचार और राजनीति समाचार के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संस्कारधानी जबलपुर ब्यूरो में कार्यरत सुमित खरे लगभग 15 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं, एवं डेढ़ दशकों से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से जुड़े हुए हैं.
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