शहर में सड़क-फ्लाइओवर सहित अन्य विकास कार्य हो रहे है, इसके चलते लगातार शहर में हरित क्षेत्र घटने लगा है, तय मापदंड के आधार पर शहर में तीस फीसद हिस्से में हरियाली जरूरी है, लेकिन अभी महज 9 से 13 फीसद के बीच हरित क्षेत्र होने का दावा किया जाता है, यह पर्यावरण की दृष्टि से काफी चिंताजनक आकड़े हैं


