(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। हरियाली बढ़ाने के लिए सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, सही प्रजातियों का चयन करना भी बहुत जरूरी है, शहर में सड़क-फ्लाइओवर सहित अन्य विकास कार्य हो रहे है, इसके चलते लगातार शहर में हरित क्षेत्र घटने लगा है, तय मापदंड के आधार पर शहर में तीस फीसद हिस्से में हरियाली जरूरी है, लेकिन अभी महज 9 से 13 फीसद के बीच हरित क्षेत्र होने का दावा किया जाता है, यह पर्यावरण की दृष्टि से काफी चिंताजनक आकड़े हैं, इसके लिए स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, विदेशी प्रजातियां कई बार पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए उतनी उपयोगी नहीं होतीं, मध्य प्रदेश की लगभग 30 प्रतिशत प्रजातियां किसी न किसी स्तर पर संकट में हैं
हरियाली बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टि की जरूरत
हरियाली बढ़ाने के लिए सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, सही प्रजातियों का चयन करना भी बहुत जरूरी है, शहर में सड़क-फ्लाइओवर सहित अन्य विकास कार्य हो रहे है, इसके चलते लगातार शहर में हरित क्षेत्र घटने लगा है
इसके लिए स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, विदेशी प्रजातियां कई बार पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए उतनी उपयोगी नहीं होतीं, मध्य प्रदेश की लगभग 30 प्रतिशत प्रजातियां किसी न किसी स्तर पर संकट में हैं
जैव-विविधता के लिए कृषि वानिकी पर जोर
कृषि वानिकी पर जोर देते हुए डा दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय वन नीति के लक्ष्यों को किसानों की भागीदारी के बिना हासिल नहीं किया जा सकता है, इसके लिए किसानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए
जैव-विविधता जितनी अधिक होगी, पारिस्थितिकी तंत्र उतना ही मजबूत रहेगा, इसके लिए स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, विदेशी प्रजातियां कई बार पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए उतनी उपयोगी नहीं होतीं
हरियाली बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े
हरियाली बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े हैं, शहर में सड़क-फ्लाइओवर सहित अन्य विकास कार्य हो रहे है, इसके चलते लगातार शहर में हरित क्षेत्र घटने लगा है, तय मापदंड के आधार पर शहर में तीस फीसद हिस्से में हरियाली जरूरी है
- शहर में सड़क-फ्लाइओवर सहित अन्य विकास कार्य हो रहे हैं
- तय मापदंड के आधार पर शहर में तीस फीसद हिस्से में हरियाली जरूरी है
- मध्य प्रदेश की लगभग 30 प्रतिशत प्रजातियां किसी न किसी स्तर पर संकट में हैं
निष्कर्ष और आगे की रणनीति
हरियाली बढ़ाने के लिए सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, सही प्रजातियों का चयन करना भी बहुत जरूरी है, शहर में सड़क-फ्लाइओवर सहित अन्य विकास कार्य हो रहे है, इसके चलते लगातार शहर में हरित क्षेत्र घटने लगा है, इसके लिए स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, विदेशी प्रजातियां कई बार पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए उतनी उपयोगी नहीं होतीं
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें जैव-विविधता को बढ़ावा देना होगा, और कृषि वानिकी पर जोर देना होगा

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