भारत ने हस्तशिल्प को बचाने में एक अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है, लेकिन अब बुनकरों की आजीविका को बचाने के लिए आर्थिक संरचना का निर्माण करना होगा। हस्तशिल्प उत्पादों का 95% भारत में बनता है, लेकिन बुनकरों की संख्या घट रही है और उनकी आय कम है।
भीलवाड़ा से दिया विकास का संदेश (ब्यूरो कार्यालय) भीलवाड़ा (साई)। राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में आयोजित ‘इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी’ कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने…