2021 में जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी बोले: मुद्दे पर चार दिन बाद मौन हो जाते हैं राहुल गांधी!

भारतीय लोकतंत्र में राजनीति केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारों, मूल्यों और नेतृत्व की निरंतर परीक्षा भी है। वर्ष 2021 में ऐसा ही एक क्षण तब सामने आया, जब…