मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन भोपाल एवं विकास संचालनालय का हाल गजब है। यहां स्टेट कैडर के अफसरों से ज्यादा कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। बता दें कि सरकारी अफसरों की संख्या एक हजार है। वहीं कंसल्टेंट की संख्या 1100 से भी ज्यादा है। इन कंसल्टेंट पर विभाग हर महीने 8 करोड़ रुपए खर्च करता है। इतना ही नहीं। नगरीय निकायों में भी अलग से कंसल्टेंट नियुक्त हैं।