(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। इंदौर कलेक्टोरेट का एक सहायक ग्रेड बाबू शुक्रवार को ताबड़तोड़ अपनी सीआर लिखवाने के लिए फ्लाइट से रीवा गया। यह है पूरी कहानी। इंदौर कलेक्टोरेट में जो हो जाए कम है। यहां के कई पटवारी करोड़पति है और वह अक्सर फ्लाइट से विदेश जाते हैं। हाल ही में खुड़ैल का एक पटवारी की जांच में यह सामने आ चुका है। इसके अलावा, बाबू लोववंशी को सीआर को उत्कृष्ट करवाने के लिए रीवा जाना पड़ा।
बाबू की सीआर की पूरी कहानी
बाबू लोववंशी को सीआर को उत्कृष्ट करवाने के लिए रीवा जाना पड़ा। कारण था कि वह महू तहसील में दस साल पदस्थ रहा है और साल 2019 बैच के आईएएस अक्षत जैन जो अभी रीवा निगमायुक्त है, वह महू में एसडीएम रहे हैं।
सीआर के लिए उनकी साइन की जरूरत थी। इसके लिए लोववंशी ने शुक्रवार को रीवा की फ्लाइट पकड़ी और जैन से उत्कृष्ट सीआर करा ली।
पड़ोसी जिले के पटवारी करोड़पति
इंदौर कलेक्टोरेट में जो हो जाए कम है। यहां के कई पटवारी करोड़पति है और वह अक्सर फ्लाइट से विदेश जाते हैं। हाल ही में खुड़ैल का एक पटवारी की जांच में यह सामने आ चुका है।
इसके अलावा, पटवारी की जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अपनी संपत्ति को बढ़ाने के लिए कई तरीके अपनाए हैं।
indore collectorate की सीआर की महत्वपूर्णता
सीआर की महत्वपूर्णता को समझने के लिए, हमें यह जानना होगा कि सीआर क्या है और इसका क्या महत्व है। सीआर एक प्रकार का दस्तावेज है जो एक व्यक्ति की सेवा की गोपनीय रिपोर्ट होती है।
इसे पढ़ने के लिए, आप सीआर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, आप पटवारी की जांच और इंदौर कलेक्टोरेट के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बाबू की सीआर का भविष्य
बाबू लोववंशी की सीआर का भविष्य क्या होगा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। लेकिन यह तय है कि सीआर की महत्वपूर्णता को समझने के लिए, हमें यह जानना होगा कि सीआर क्या है और इसका क्या महत्व है।
इसके अलावा, बाबू लोववंशी को सीआर को उत्कृष्ट करवाने के लिए रीवा जाना पड़ा। कारण था कि वह महू तहसील में दस साल पदस्थ रहा है और साल 2019 बैच के आईएएस अक्षत जैन जो अभी रीवा निगमायुक्त है, वह महू में एसडीएम रहे हैं।