(ब्यूरो कार्यालय)
मुंबई (साई)। भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिल रही थी, क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) युवा खिलाड़ियों को मौका दे रहा था। पुजारा आखिरी बार 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ द ओवल में भारत के लिए टेस्ट खेलते हुए देखे गए थे। इसके बाद, टीम के खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया।
पुजारा का संन्यास का फैसला क्यों?
पुजारा के 2025 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में वापसी की अटकलें थीं, लेकिन चयनकर्ताओं ने कम अनुभवी खिलाड़ियों को चुना। ऑस्ट्रेलिया में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों ने भी टेस्ट प्रारूप से संन्यास ले लिया था। ऐसे में पुजारा के लिए टीम में वापसी की कोई उम्मीद नहीं बची थी, जिसके बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेश
संन्यास की घोषणा करते हुए पुजारा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा:
“भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और हर बार मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना—इसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। लेकिन जैसा कि कहते हैं, हर अच्छी चीज का अंत होता है, और मैं बहुत आभार के साथ भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूँ। आपके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद!”
पुजारा ने अपने पोस्ट में बीसीसीआई, सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन और उन सभी टीमों को धन्यवाद दिया, जिनके लिए वह खेले। उन्होंने अपने गुरुओं, कोचों और परिवार के अटूट समर्थन के लिए भी आभार व्यक्त किया। पुजारा ने कहा कि वह अपने माता-पिता, पत्नी पूजा और बेटी अदिति के बलिदान और समर्थन के बिना यहाँ तक नहीं पहुँच पाते। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन के अगले चरण में परिवार को प्राथमिकता देंगे।
पुजारा ने अपनी पोस्ट में उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर क्रिकेट को संभव बनाया, जैसे कि टीम के साथी, सहायक कर्मचारी, अंपायर, ग्राउंड स्टाफ और मीडियाकर्मी। उन्होंने अपने प्रायोजकों और प्रशंसकों का भी आभार व्यक्त किया।