विश्वकर्मा योजना से शरद कुमार रजक को मिला आधुनिक प्रेस

(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी में 12 अक्टूबर 2026 को शरद कुमार रजक ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाले एक लाख रुपये के ऋण से अपनी पारंपरिक सिलाई‑प्रेस कार्यशाला को आधुनिकीकरण किया। शरद, जो कई वर्षों से कोयले की इस्त्री से परिवार का पोषण कर रहे थे, इस वित्तीय सहायता से इलेक्ट्रिक/स्टीम प्रेस और आवश्यक उपकरण खरीदे। यह कदम न केवल उनके काम की गति बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए सरकारी समर्थन का एक मॉडल भी स्थापित करता है।

योजना के तहत प्राप्त सहायता और उपकरण

विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को तकनीकी उन्नयन के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बनाना है। शरद ने प्राप्त ऋण से इलेक्ट्रिक प्रेस, स्टीम बॉयलर और कटिंग टेबल खरीदे, जिससे कोयले की पारंपरिक इस्त्री पर निर्भरता समाप्त हुई। नई मशीनें ऊर्जा दक्षता में 30% सुधार और कार्य समय में 40% कमी लाती हैं, जिससे उत्पादन लागत घटती है और पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है।

📢 समाचार एजेंसी केे सोशल मीडिया पर जुड़ें:

👉 Follow Samachar Agency Facebook Page: Facebook Page

👉 Follow Samachar Agency X Handle: @limtykhare on X

व्यवसाय में सुधार और आर्थिक प्रभाव

आधुनिक उपकरणों के परिचय के बाद शरद की दैनिक उत्पादन क्षमता दो गुना हो गई। ग्राहकों को तेज़ डिलीवरी और बेहतर फिनिश मिल रहा है, जिससे ग्राहक भरोसा बढ़ा। परिणामस्वरूप दैनिक आय में 60% की वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति स्थिर हुई। शरद ने बताया कि अब वह अतिरिक्त ऑर्डर लेकर निकटवर्ती शहरों में भी सेवा दे रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

See also  सिवनी में कलेक्टर मीना ने फसल क्षति सर्वे के लिए सभी किसानों को निर्देश

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी/व्यक्ति: शरद कुमार रजक
• आयोजन: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ऋण वितरण
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: कारीगरों का आधुनिकीकरण और आय वृद्धि
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: इलेक्ट्रिक प्रेस और आधुनिक उपकरणों की खरीद
• लक्ष्य: उत्पादन क्षमता 2×, आय 60% बढ़ाना, पर्यावरणीय प्रभाव घटाना

भविष्य की दिशा

शरद ने भविष्य में और अधिक डिजिटल टूल्स और ऑनलाइन मार्केटिंग अपनाने की योजना बताई है, जिससे व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंच संभव होगी। नियमित तकनीकी प्रशिक्षण और सरकारी समर्थन के साथ, कारीगरों की सतत विकास यात्रा जारी रहेगी, जिससे सिवनी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि और सामाजिक स्थिरता को बल मिलेगा।