(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। खरीफ विपणन वर्ष 2026‑27 के अंतर्गत धान, ज्वार एवं बाजरा की समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु जिला स्तर पर किसान पंजीयन 15 सितंबर से निरंतर चल रहा है। इस पंजीयन में कुल 66 सहकारी समितियों के पंजीयन केन्द्र और 110 कियोस्क केन्द्र शामिल हैं, जहाँ किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन कर सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने इस प्रक्रिया की समीक्षा की और विभागीय सहयोग को सुदृढ़ करने के निर्देश जारी किए।
पंजीयन प्रक्रिया एवं प्रगति
पंजीयन एग्रीस्टैक में दर्ज किसान पहचान, कृषि भूमि के खसरे और ई‑गिरदावरी के अभिलेखों के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में 576 किसानों का पंजीयन हो चुका है। अधिकारियों ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने संबंधित पटवारी से संपर्क कर भूमि खसरे को एग्रीस्टैक में अपडेट कराएँ तथा बोई गई फसलों की ई‑गिरदावरी पूरी करें, ताकि निर्धारित केन्द्रों में समय सीमा के भीतर पंजीयन सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा, तकनीक और विभागीय सहयोग
एग्रीस्टैक और ई‑गिरदावरी की डिजिटल प्रणाली ने पंजीयन को पारदर्शी और त्वरित बनाया है। राजस्व, कृषि, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी‑कर्मचारी अब एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डेटा सत्यापन कर रहे हैं। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि वे एग्रीस्टैक एवं ई‑गिरदावरी से संबंधित कार्य शीघ्र पूर्ण करें, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: सिवनी जिला कृषि विभाग
• आयोजन: धान‑ज्वार‑बाजरा किसान पंजीयन
• स्थान: सिवनी (विभिन्न तहसीलें)
• मुख्य उद्देश्य: समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन हेतु पंजीयन
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: एग्रीस्टैक एवं ई‑गिरदावरी के पूर्ण उपयोग, समय सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करना
• लक्ष्य: 10 अक्टूबर तक सभी इच्छुक किसानों का पंजीयन
भविष्य की दिशा
आगे चलकर जिला प्रशासन ने नियमित रूप से पंजीयन केन्द्रों की समीक्षा, डिजिटल अभिलेखों का अद्यतन और किसानों को विस्तृत जानकारी प्रदान करने का वचन दिया है। तकनीकी एकीकरण और विभागीय समन्वय से किसान‑केंद्रित सेवाएँ सुदृढ़ होंगी, जिससे कृषि उत्पादन में स्थायी वृद्धि और सामाजिक‑आर्थिक विकास को गति मिलेगी।