(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिला प्रशासन ने 23 सितंबर 2026 को नगर पालिका द्वारा तैयार किए गए तीन निर्धारित विसर्जन कुंडों—मठ मंदिर, दलसागर और लखनवाड़ा घाट—में ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने का निर्देश जारी किया। इस कदम का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना, पर्यावरणीय क्षति को रोकना और जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना है। सभी प्रमुख अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि और स्थानीय स्वच्छता टीम ने इस अपील में भाग लिया।
विसर्जन व्यवस्था और सुरक्षा उपाय
विसर्जन कुंडों की तैयारी में नगरपालिका ने आधुनिक जल निकासी तकनीक अपनाई है। प्रत्येक कुंड में जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए पंप, फ़िल्टर और सुरक्षा बाड़ें स्थापित की गई हैं। पुलिस ने भी भीड़ नियंत्रण और ट्रैफ़िक प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं। इस व्यवस्था से प्रतिमाओं के सुरक्षित और व्यवस्थित विसर्जन के साथ साथ जल प्रदूषण की संभावना को न्यूनतम किया गया है।
पर्यावरणीय महत्व और प्रशासनिक अपील
जिला प्रशासन ने पिछले वर्षों में अनियंत्रित प्रतिमा विसर्जन से जलस्रोतों में प्रदूषण और जलजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव देखा है। इस वर्ष की अपील में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल दिया गया और नागरिकों से अनुरोध किया गया कि नदी, तालाब या किसी भी खुले जल में प्रतिमा न फेंके। साथ ही, नगरपालिका ने स्वच्छता अभियान के तहत विसर्जन स्थल पर डस्टबिन और सूचना बोर्ड स्थापित किए हैं, जिससे जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: सिवनी नगरपालिका
• आयोजन: गणेश प्रतिमा विसर्जन
• स्थान: मठ मंदिर, दलसागर, लखनवाड़ा घाट (सिवनी)
• मुख्य उद्देश्य: सुरक्षित विसर्जन एवं जलस्रोत संरक्षण
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: निर्धारित कुंडों में ही विसर्जन, अनधिकृत जलस्रोतों में न फेंके
• लक्ष्य: पर्यावरण स्वच्छता, सार्वजनिक सुरक्षा, सांस्कृतिक परम्परा का सम्मान
आगे भी सिवनी प्रशासन सतत पर्यावरणीय प्रबंधन और नागरिक सहभागिता को प्राथमिकता देगा। नियमित निरीक्षण, आधुनिक तकनीक और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से गणेश प्रतिमा विसर्जन जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों को सुरक्षित और स्वच्छ रूप से आयोजित किया जाएगा, जिससे शहर की सतत विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।