घंसौर में आज लगेगा मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर, मौके पर समस्याओं के निराकरण के निर्देश; सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में होगी दिशा समिति की बैठक
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। जिले के घंसौर क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत जनविश्वास शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। नागरिक अपनी समस्याओं, शिकायतों और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदनों के साथ शिविर में पहुंचकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत दिलाना, उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही करना है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों का गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जाए। जिन मामलों का निराकरण मौके पर संभव है, उनका निराकरण शिविर के दौरान ही सुनिश्चित किया जाए। वहीं, ऐसे प्रकरण जिनका समाधान तत्काल संभव नहीं है, उनमें निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्यवाही की जाए।
घंसौर क्षेत्र के नागरिकों के लिए यह शिविर अपनी समस्याओं और शासकीय योजनाओं से संबंधित जरूरतों को प्रशासन के सामने रखने का अवसर होगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे नागरिकों के लिए शिविर उपयोगी हो सकता है, जिन्हें किसी विभागीय योजना का लाभ प्राप्त करने, आवेदन की स्थिति जानने अथवा अपनी शिकायत के समाधान के लिए संबंधित कार्यालय तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित होगा शिविर
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस शिविर में विभिन्न विभागों की सहभागिता रहेगी। इसका उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से समझकर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करना भी है।
शिविर में नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाओं और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को यह जानकारी नहीं होती कि किसी विशेष समस्या या सरकारी योजना के लिए किस विभाग से संपर्क किया जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में विभागीय अधिकारियों की एक साथ मौजूदगी से नागरिकों को अपनी समस्या के लिए उचित मार्गदर्शन मिल सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्या से संबंधित आवेदन और आवश्यक दस्तावेज लेकर शिविर में पहुंचें, ताकि संबंधित विभाग को प्रकरण समझने और नियमानुसार कार्रवाई करने में सुविधा हो।
कलेक्टर अंजू अरुण कुमार ने अधिकारियों को दिए निराकरण के निर्देश
नवागत कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने शिविर के सफल आयोजन और प्राप्त आवेदनों के निराकरण को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और प्राथमिकता के साथ परीक्षण किया जाए। प्रशासनिक स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान मौके पर किया जा सकता है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
वहीं, ऐसे मामलों में जिनमें विभागीय जांच, दस्तावेजों का परीक्षण अथवा अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया आवश्यक है, उनमें निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस निर्देश का महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उसकी जिम्मेदारी केवल आवेदन दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित विभाग को मामले की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई भी करनी होगी।
शिविर की प्रभावशीलता इस बात से निर्धारित होगी कि नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के संबंध में कितनी स्पष्ट जानकारी मिलती है और लंबित प्रकरणों पर निर्धारित समय में कितनी प्रगति होती है।
इन विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद
मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जिन प्रमुख विभागों की सहभागिता निर्धारित की गई है, उनमें शामिल हैं—
- राजस्व विभाग: राजस्व संबंधी समस्याओं और विभागीय सेवाओं से संबंधित आवेदन।
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं से जुड़े विषय।
- खाद्य विभाग: खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित समस्याएं।
- महिला एवं बाल विकास विभाग: महिलाओं, बच्चों और पात्र हितग्राहियों के लिए संचालित योजनाएं।
- स्वास्थ्य विभाग: शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी।
- कृषि विभाग: किसानों के लिए संचालित योजनाएं और कृषि सुविधाएं।
- शिक्षा विभाग: शिक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों से संबंधित शासकीय योजनाएं।
- सामाजिक न्याय विभाग: पात्र हितग्राहियों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं।
इसके अतिरिक्त अन्य संबंधित विभागों द्वारा भी अपनी सेवाओं और योजनाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इन विभागों की मौजूदगी से नागरिकों को अपनी समस्या के अनुसार सीधे संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
किन समस्याओं और योजनाओं के लिए पहुंच सकते हैं नागरिक?
शिविर में नागरिक अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके साथ ही शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए भी संबंधित विभाग से जानकारी और मार्गदर्शन लिया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की जरूरतें अलग-अलग प्रकार की होती हैं। किसी को राजस्व संबंधी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, तो किसी को खाद्यान्न वितरण, कृषि सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं अथवा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे मामलों में शिविर के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखने का अवसर उपलब्ध होगा।
हालांकि प्रत्येक आवेदन का निराकरण संबंधित योजना के नियमों, पात्रता, दस्तावेजों और लागू प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा। इसलिए नागरिकों को आवेदन के साथ जरूरी प्रमाण और दस्तावेज लेकर पहुंचना चाहिए।
शिविर में पहुंचने से पहले नागरिक इन दस्तावेजों को रखें तैयार
जनविश्वास शिविर का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी समस्या से संबंधित दस्तावेज साथ लेकर पहुंचना चाहिए।
आवेदन की प्रकृति के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं—
- आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज।
- समग्र परिवार आईडी, जहां लागू हो।
- संबंधित योजना का आवेदन अथवा पंजीयन विवरण।
- बैंक खाते से संबंधित जानकारी, यदि योजना के लिए आवश्यक हो।
- भूमि संबंधी दस्तावेज, यदि मामला कृषि या राजस्व विभाग से जुड़ा हो।
- पूर्व में दिए गए आवेदन की प्रति अथवा शिकायत क्रमांक।
- संबंधित विभाग द्वारा मांगे गए अन्य प्रमाण-पत्र।
नागरिकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सभी दस्तावेज प्रत्येक आवेदन के लिए आवश्यक नहीं होते। आवश्यक दस्तावेज संबंधित विभाग और योजना की पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
केवल आवेदन नहीं, निराकरण की समय-सीमा भी होगी महत्वपूर्ण
जनविश्वास शिविर जैसे आयोजनों की वास्तविक उपयोगिता तभी सामने आती है, जब प्राप्त आवेदनों पर प्रभावी कार्रवाई होती है।
कई बार नागरिक अपनी समस्या लेकर विभिन्न कार्यालयों में आवेदन प्रस्तुत करते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं मिल पाती कि आवेदन पर क्या कार्रवाई हुई और उसका समाधान कब तक होगा।
ऐसी स्थिति में आवेदन की प्राप्ति, संबंधित विभाग को उसका हस्तांतरण, परीक्षण और अंतिम निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शी होना आवश्यक है।
कलेक्टर द्वारा मौके पर निराकरण और शेष मामलों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह भी आवश्यक है कि लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा हो और आवेदकों को उनके प्रकरण की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उसी दिन घंसौर में होगी जिला स्तरीय दिशा समिति की बैठक
जनविश्वास शिविर के साथ ही शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को घंसौर में जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता सांसद श्री फग्गनसिंह कुलस्ते करेंगे। बैठक प्रातः 11 बजे जनपद पंचायत घंसौर के सभाकक्ष में आयोजित होगी।
दिशा समिति की बैठक का प्रमुख उद्देश्य जिले में संचालित विकास कार्यों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना है। इस बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन और विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में सर्वप्रथम पिछली बैठक के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद विभिन्न विभागों से संबंधित विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा होगी।
वन, कृषि और ऊर्जा विभाग के कार्यों की होगी समीक्षा
दिशा समिति की बैठक में वन विभाग उत्तर एवं दक्षिण, कृषि विभाग तथा ऊर्जा विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
वन विभाग के अंतर्गत संचालित कार्यों और विभागीय गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा होगी। इसके साथ ही कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
ऊर्जा विभाग से जुड़े कार्य भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। जिले के विकास और नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की दृष्टि से इन विभागों की कार्यप्रणाली महत्वपूर्ण है।
बैठक में संबंधित विभागों के कार्यों की प्रगति और पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन की जानकारी प्रस्तुत की जाएगी।
जल संसाधन विभाग और पेंच परियोजना पर होगी चर्चा
दिशा समिति की बैठक में जल संसाधन विभाग तथा पेंच परियोजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
जल संसाधन और सिंचाई सुविधाएं कृषि प्रधान क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। इनसे जुड़े कार्यों का प्रभाव किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
पेंच परियोजना सहित जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और विभागीय प्रगति पर चर्चा होगी।
इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल निगम द्वारा संचालित कार्यों को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं की उपलब्धता तथा संबंधित परियोजनाओं का क्रियान्वयन जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं।
रेलवे परियोजनाओं और भू-अर्जन की स्थिति भी एजेंडे में
दिशा समिति की बैठक में रेलवे से संबंधित कार्यों और रेलवे परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
रेलवे परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, परिवहन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी होती हैं। इनके क्रियान्वयन में भूमि अर्जन की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है।
बैठक में रेलवे परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की स्थिति पर चर्चा होने से संबंधित विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी सामने आएगी।
विशेष रूप से भूमि अर्जन से जुड़े मामलों में प्रभावित पक्षों के हित, निर्धारित प्रक्रिया और परियोजनाओं की प्रगति महत्वपूर्ण पहलू होते हैं।
घंसौर में एक ही दिन जनहित और विकास कार्यों पर प्रशासनिक गतिविधियां
30 अक्टूबर को घंसौर में आयोजित होने वाले दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य अलग-अलग होते हुए भी उनका संबंध क्षेत्र के विकास और नागरिकों के हितों से है।
मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। वहीं दिशा समिति की बैठक में जिले के विकास कार्यों और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
एक ओर नागरिकों की व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को सुनने का अवसर रहेगा, तो दूसरी ओर विकास परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा होगी।
ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय भी महत्वपूर्ण होता है। विकास योजनाओं की प्रगति और मैदानी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी से भविष्य की प्रशासनिक प्राथमिकताएं निर्धारित करने में सहायता मिल सकती है।
जिलेवासियों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने घंसौर क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में अपनी समस्या अथवा आवेदन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज लेकर उपस्थित हों।
नागरिक अपनी शिकायतों और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदन संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शिविर के दौरान आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
जनसमस्याओं के समाधान और विकास कार्यों की समीक्षा पर रहेगा जोर
घंसौर में 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाला मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर क्षेत्र के नागरिकों के लिए अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखने और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार द्वारा मौके पर समस्याओं के निराकरण और शेष आवेदनों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में शिविर के बाद प्राप्त आवेदनों पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
इसी दिन सांसद श्री फग्गनसिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में आयोजित दिशा समिति की बैठक में वन, कृषि, ऊर्जा, जल संसाधन, पेंच परियोजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल निगम और रेलवे परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
जनविश्वास शिविर और दिशा समिति की बैठक दोनों ही कार्यक्रमों से प्रशासनिक जवाबदेही, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण विषय सामने आएंगे।
अब महत्वपूर्ण यह होगा कि शिविर में पहुंचने वाले नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो और दिशा समिति की बैठक में समीक्षा किए जाने वाले विकास कार्यों का लाभ भी धरातल पर आमजन तक पहुंचे।