(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की पहल पर ‘एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ’ कार्यक्रम के तहत सितंबर माह में पटवारी सुनीता सनोडिया और कनिष्ठ तकनीकी अधिकारी कमलकिशोर चौधरी को सम्मानित किया गया। दोनों ने अपने‑अपने विभागों में निष्ठा, जिम्मेदारी और उल्लेखनीय परिणामों के साथ कार्य किया, जिससे स्थानीय प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया।
कार्यक्रम विवरण
समारोह में तहसीलदार कार्यालय, सिवनी के प्रमुख अधिकारी, वन विभाग के प्रतिनिधि और स्थानीय मीडिया ने भाग लिया। सुनीता ने फार्मर रजिस्ट्री में 1017 बकेट में से 605 बकेट (59.39 %) क्लियर करके रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। कमलकिशोर ने वन भू‑अभिलेख, एफसीए, एफआरए, पर्यावरण पोर्टल और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर और सटीक रूप से निष्पादित किया। दोनों ने अपने‑अपने दायित्वों को पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया।
सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी पहल
वन विभाग के अंतर्गत कमलकिशोर ने डिजिटल पोर्टल के माध्यम से गैर‑वन भूमि की अधिसूचना, खनिज प्रकरण, एनओसी पोर्टल और अतिक्रमण मामलों को ऑनलाइन ट्रैक किया, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता में वृद्धि हुई। इसी तरह, सुनीता ने रजिस्ट्री डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप में व्यवस्थित किया, जिससे किसानों को तेज़ सेवा मिलती है और रिकॉर्ड‑कीपिंग में त्रुटियों की संभावना घटती है।
प्रदर्शन समीक्षा एवं भविष्य की प्रतिबद्धताएँ
कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान से कर्मचारियों में आत्म‑विश्वास बढ़ता है और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार की दिशा में प्रेरणा मिलती है। उन्होंने भविष्य में इस पहल को मासिक आधार पर जारी रखने, अधिक विभागों को शामिल करने और डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने का वचन दिया।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: जिला प्रशासन, सिवनी
• आयोजन: ‘एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ’ सम्मान समारोह
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा, नियमित मान्यता कार्यक्रम
• लक्ष्य: प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और कर्मचारी संतुष्टि में वृद्धि
सिवनी में आयोजित इस सम्मान समारोह ने सरकारी कर्मचारियों की सेवा‑उत्कृष्टता को उजागर किया। निरंतर प्रशिक्षण, आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाना और नियमित मान्यता कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारी कल्याण और कार्यक्षमता में सुधार होगा, जिससे प्रदेश की सामाजिक‑आर्थिक प्रगति में सकारात्मक योगदान मिलेगा।