दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण शिविर

(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एडिप योजना के अंतर्गत जिला सिवनी के दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण, कैलिपर्स और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जबलपुर द्वारा मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविरों का आयोजन किया गया है। 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विभिन्न जनपद पंचायतों और नगर परिषदों में आयोजित इन शिविरों में पात्र लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बौद्धिक दिव्यांगता किट आदि प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।

परीक्षण शिविरों का विस्तृत विवरण

शिविरों का समय प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। 26 अक्टूबर को जनपद पंचायत घंसौर में पहला शिविर आयोजित होगा, जिसमें जनपद पंचायत धनौरा के दिव्यांगजन भी शामिल होंगे। 27 अक्टूबर को बरघाट, 28 अक्टूबर को लखनादौन‑छपारा, 29 अक्टूबर को केवलारी, 30 अक्टूबर को कुरई और 31 अक्टूबर को सिवनी में क्रमशः शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक स्थल पर एलिम्को की टीम द्वारा विस्तृत शारीरिक एवं कार्यात्मक परीक्षण किया जाएगा, जिससे प्रत्येक लाभार्थी की जरूरत के अनुसार उपयुक्त उपकरण निर्धारित किया जा सके। परीक्षण के दौरान लाभार्थियों को यूडीआईडी कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र (बीपीएल) जैसी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को)
• आयोजन: एडिप योजना के तहत निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण शिविर
• स्थान: सिवनी जिले के विभिन्न जनपद पंचायत एवं नगर परिषदें
• मुख्य उद्देश्य: दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बौद्धिक दिव्यांगता किट आदि का वितरण
• लक्ष्य: जीवन गुणवत्ता में सुधार और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना

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एडिप योजना के तहत आयोजित यह श्रृंखलाबद्ध परीक्षण शिविर दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नियमित मूल्यांकन, आधुनिक सहायक उपकरण और सरकारी समर्थन के संयोजन से सिवनी जिले में दिव्यांगजन की कार्यक्षमता और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। भविष्य में भी इस प्रकार की पहलें जारी रहनी चाहिए, जिससे समावेशी विकास और सतत् आर्थिक प्रगति सुनिश्चित हो सके।