बरघाट में कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन, 35 रसोइयों ने दिखाया हुनर, विजेताओं को मिला नकद पुरस्कार

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोइयों को मिला नवाचार का मंच

(ब्यूरो कार्यालय)

बरघाट (साई)।सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड मुख्यालय में शुक्रवार, 03 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत कुक कम हेल्परों के लिए विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में विकासखंड की 35 रसोइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने पाक-कौशल का प्रदर्शन किया।

यह प्रतियोगिता केवल एक प्रतिस्पर्धा नहीं थी, बल्कि मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता में सुधार, पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने और विद्यालयों में बच्चों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई।

कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने स्वाद, स्वच्छता और पौष्टिकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यंजन तैयार किए।

क्या है प्रतियोगिता का उद्देश्य?

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत देशभर में स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए बरघाट में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई।

इस पहल के प्रमुख उद्देश्य निम्न रहे—

  • मध्याह्न भोजन को अधिक स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाना।
  • भोजन तैयार करने में स्वच्छता के मानकों को बढ़ावा देना।
  • कुक कम हेल्परों को नवाचार और रचनात्मकता दिखाने का अवसर देना।
  • विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई विधियों को प्रोत्साहित करना।
  • रसोइयों के मनोबल और कार्य क्षमता को बढ़ाना।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्याह्न भोजन स्वादिष्ट और पौष्टिक होगा तो बच्चों की विद्यालयों में उपस्थिति और सीखने की क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

35 रसोइयों ने उत्साह के साथ लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में बरघाट विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से कुल 35 रसोइयों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिली।

प्रतिभागियों ने स्थानीय खाद्य सामग्री का उपयोग करते हुए ऐसे व्यंजन तैयार किए, जिनमें पोषण, स्वाद और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने रसोइयों की मेहनत और उनके द्वारा प्रदर्शित रचनात्मकता की सराहना की।

प्रतियोगिता में इन प्रतिभागियों ने मारी बाजी

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद निर्णायक समिति ने विभिन्न मानकों के आधार पर विजेताओं का चयन किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

प्रथम पुरस्कार

  • पूनम राउत, माध्यमिक शाला खुर्सीपार कला
    पुरस्कार राशि– ₹5,000

द्वितीय पुरस्कार

  • ममता राउत, पीएम विद्यालय बढ़ैना कला
  • देवला ठाकुर, माध्यमिक शाला खुर्सीपार खुर्द

पुरस्कार राशि – ₹3,000-₹3,000

तृतीय पुरस्कार

  • पल्लवी चौधरी, प्राथमिक विद्यालय साहूटोला
  • अनिता इनवाती, माध्यमिक शाला कुडोपार
  • रेखा बरकड़े, पीएमश्री विद्यालय सर्रा

पुरस्कार राशि – ₹2,000-₹2,000

सांत्वना पुरस्कार

  • रीना मडावी, प्राथमिक शाला बीजाटोला
  • द्रोपदी बरकड़े, पीएम श्री विद्यालय बम्होड़ी
  • प्रमिला भालेकर, माध्यमिक शाला कांचना

पुरस्कार राशि – ₹1,000-₹1,000

पुरस्कार प्राप्त करने के बाद सभी विजेताओं ने खुशी व्यक्त की और भविष्य में भी बेहतर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।

मध्याह्न भोजन योजना में रसोइयों की अहम भूमिका

स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की सफलता काफी हद तक कुक कम हेल्परों पर निर्भर करती है। ये रसोइयां प्रतिदिन हजारों बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन मिल सके।

विशेषज्ञों के अनुसार—

  • पौष्टिक भोजन बच्चों के शारीरिक विकास में सहायक होता है।
  • गुणवत्तापूर्ण भोजन बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता बढ़ाता है।
  • स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में मध्याह्न भोजन योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • कुपोषण से लड़ने में यह योजना एक प्रभावी माध्यम साबित हुई है।

ऐसे में रसोइयों के कौशल को बढ़ावा देने के लिए आयोजित प्रतियोगिताएं योजना की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

स्वच्छता और पोषण पर रहा विशेष जोर

प्रतियोगिता के दौरान तैयार किए गए व्यंजनों के मूल्यांकन में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि कई अन्य मानकों को भी शामिल किया गया।

मूल्यांकन के प्रमुख बिंदु रहे—

  • भोजन की पौष्टिकता
  • स्वच्छता और साफ-सफाई
  • खाद्य सामग्री का संतुलित उपयोग
  • प्रस्तुतीकरण
  • स्थानीय और पौष्टिक सामग्री का समावेश
  • बच्चों की पसंद और उपयोगिता

इससे प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि विद्यालयों में भोजन तैयार करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

निर्णायक समिति ने किया मूल्यांकन

कुकिंग प्रतियोगिता का मूल्यांकन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतिभा परते की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया।

निर्णायक समिति में शामिल प्रमुख सदस्य थे—

  • प्रतिभा परते, सीईओ जनपद पंचायत बरघाट
  • आभा राहंगडाले, जनपद अध्यक्ष
  • श्रीमती गोमती ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि
  • हेमंत राहंगडाले, मंडल अध्यक्ष भाजपा
  • जितेंद्र राहंगडाले, किसान मोर्चा अध्यक्ष
  • दिनेश हनवत, बीआरसीसी
  • सुनील ठाकुर, बीएसी
  • श्रीमती अमृता चौधरी, टास्क मैनेजर जिला पंचायत
  • श्रीमती नीलम विश्वकर्मा, क्वालिटी मॉनीटर जिला पंचायत सिवनी

समिति ने सभी प्रतिभागियों के व्यंजनों का निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के आधार पर विजेताओं का चयन किया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल

कुक कम हेल्परों में बड़ी संख्या महिलाओं की होती है। ऐसे आयोजनों से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनके कार्य को सामाजिक पहचान भी मिलती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि—

  • ऐसे कार्यक्रम महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
  • ग्रामीण महिलाओं को सम्मान और प्रोत्साहन मिलता है।
  • कार्य के प्रति सकारात्मक प्रतिस्पर्धा पैदा होती है।
  • नई पाक विधियों और पोषण संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान होता है।

इस प्रकार यह प्रतियोगिता केवल पाक-कौशल तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित हुई।

शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को मिलेगा लाभ

विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहद आवश्यक माना जाता है। पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर भोजन सीधे बच्चों की शारीरिक और मानसिक क्षमता को प्रभावित करता है।

यदि भोजन—

  • संतुलित,
  • पौष्टिक,
  • स्वादिष्ट और
  • स्वच्छ हो,

तो बच्चों में कुपोषण की समस्या कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।

बरघाट में आयोजित यह प्रतियोगिता इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।

जनपद पंचायत और शिक्षा विभाग के सहयोग की सराहना

कार्यक्रम के सफल आयोजन में जनपद पंचायत और शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन में जनपद पंचायत से केवल प्रसाद परते एवं जनपद शिक्षा केंद्र के समस्त जन शिक्षकों का सहयोग सराहनीय रहा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से रसोइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि मध्याह्न भोजन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सिवनी जिले के बरघाट में आयोजित कुकिंग प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए नवाचार और सहभागिता कितनी महत्वपूर्ण है। 35 रसोइयों की सक्रिय भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने इस आयोजन को सफल बनाया।

विजेताओं को मिले पुरस्कार ने न केवल उनके उत्साह को बढ़ाया, बल्कि अन्य रसोइयों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत इस प्रकार की पहलें बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने, महिलाओं को प्रोत्साहित करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं।