प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में मुख्यमंत्री यादव ने समाज की उपलब्धियों पर गर्व जताया

(विद्याधर जाधव)
भोपाल (साई)। रविवार, 13 सितंबर 2026 को भोपाल के सिंधु भवन में आयोजित प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने सिंधी समाज की 80 साल की कठिनाइयों, विभाजन, और व्यापारिक कुशलता को उजागर किया और कहा कि इस समाज ने फिनिक्स पक्षी की तरह बार‑बार उठकर नई पहचान बनाई है। सम्मेलन में सांसद शंकर ललवानी, विधायक भगवानदास सबनानी, और कई समाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिससे कार्यक्रम का महत्व स्पष्ट हुआ।

सम्मेलन की मुख्य बातें

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सिंधी समाज के महापुरुषों—राजा दाहिर, संत कंवर राम और शहीद हेमु कालानी—की जीवनी को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने का वादा पूरा किया है। यह कदम युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और इतिहास को संरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके अलावा, सरकार ने सिंधी भाषा के संरक्षण, व्यापारिक अवसरों के सृजन, और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में नई पहलें घोषित कीं। कार्यक्रम के शुभारम्भ में दीप प्रज्जवलित कर आध्यात्मिक माहौल स्थापित किया गया।

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सरकार की प्रतिबद्धताएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंधी समाज के अधिकारों की रक्षा, भाषा एवं संस्कृति के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करेगी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और उद्यमिता के क्षेत्रों में विशेष योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिससे समाज के व्यापारिक माइंडसेट को राष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही, सामाजिक कल्याण और रोजगार सृजन के लिए नई स्कीमों की घोषणा की गई, जो स्थानीय उद्योगों और छोटे व्यवसायों को लाभ पहुंचाएगी।

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खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: राज्य सरकार (मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव) • आयोजन: प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन • स्थान: भोपाल • मुख्य उद्देश्य: सिंधी समाज की उपलब्धियों का सम्मान एवं भविष्य की योजनाओं की घोषणा • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: महापुरुषों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करना, भाषा संरक्षण, व्यापारिक अवसर सृजन • लक्ष्य: सामाजिक समावेश, शिक्षा सुधार, आर्थिक सशक्तिकरण

समापन भाग

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को समाप्त करते हुए कहा कि निरंतर समीक्षा, आधुनिक तकनीक का उपयोग और कर्मचारियों व समाज के कल्याण पर ध्यान देना ही ऑपरेशनल उत्कृष्टता और सतत विकास की कुंजी है। उन्होंने सभी सहभागियों को सहयोग जारी रखने का आह्वान किया, जिससे सिंधी समाज की पहचान राष्ट्रीय मंच पर और भी उज्ज्वल होगी।