(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। नशे के कारोबार में नाबालिग को किशोर न्यायालय नहीं भेजा जाएगा, जिला कोर्ट ने नाबालिग के अभिभावक की याचिका निरस्त कर दी, नशे के कारोबार का अपराध हत्या के अपराध से भी ज्यादा गंभीर है, यह समाज पर घातक असर डालने वाला मामला है, नाबालिग के अभिभावक ने याचिका प्रस्तुत की थी जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया, अपर लोक अभियोजक श्याम दांगी ने बताया कि नाबालिग का मामला किशोर न्यायालय को भेजे जाने से इंकार कर दिया गया है, नाबालिग के अभिभावक ने जिला कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया था, इसमें कहा था कि नाबालिग की आयु 17 वर्ष 9 माह है, उसके केस को किशोर न्याय बोर्ड भेजा जाए, शासन की ओर से एजीपी दांगी ने यह कहते हुए विरोध किया कि नशे के कारोबार में आजीवन कारावास तक की सजा होती है, इससे बचने के लिए नाबालिगों से ड्रग की खरीदी-बिक्री और परिवहन का काम लिया जाता है, आरोपित की आयु वयस्क होने में भले ही तीन माह कम है, लेकिन वह अपराध करने में मानसिक रूप से सक्षम है, उसमें किए गए काम के परिणाम समझने की क्षमता है, कोर्ट के आदेश पर एमवाय अस्पताल के चार डाक्टरों ने उसकी जांच कर उसे अपराध के परिणाम और उसकी गंभीरता को समझने में योग्य माना है, इस पर कोर्ट ने नाबालिग के अभिभावकों की ओर से प्रस्तुत आवेदन निरस्त कर दिया, कोर्ट ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराध समाज पर गंभीर और दूरगामी दुष्परिणाम डालते हैं, जघन्य अपराधों में केवल आयु का प्रश्न ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध की प्रकृति, उसके सामाजिक प्रभाव तथा आरोपी की मानसिक एवं शारीरिक परिपक्वता का भी समुचित परीक्षण आवश्यक है
नशे के कारोबार में नाबालिग का मामला
नशे के कारोबार में नाबालिग का मामला किशोर न्यायालय को भेजे जाने से इंकार कर दिया गया है, अपर लोक अभियोजक श्याम दांगी ने बताया कि नाबालिग के अभिभावक ने जिला कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया था, इसमें कहा था कि नाबालिग की आयु 17 वर्ष 9 माह है, उसके केस को किशोर न्याय बोर्ड भेजा जाए
शासन की ओर से एजीपी दांगी ने यह कहते हुए विरोध किया कि नशे के कारोबार में आजीवन कारावास तक की सजा होती है, इससे बचने के लिए नाबालिगों से ड्रग की खरीदी-बिक्री और परिवहन का काम लिया जाता है, आरोपित की आयु वयस्क होने में भले ही तीन माह कम है, लेकिन वह अपराध करने में मानसिक रूप से सक्षम है, उसमें किए गए काम के परिणाम समझने की क्षमता है, कोर्ट के आदेश पर एमवाय अस्पताल के चार डाक्टरों ने उसकी जांच कर उसे अपराध के परिणाम और उसकी गंभीरता को समझने में योग्य माना है, इसके अलावा नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं
नाबालिग के अभिभावक की याचिका निरस्त
नाबालिग के अभिभावक की याचिका निरस्त कर दी गई है, कोर्ट ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराध समाज पर गंभीर और दूरगामी दुष्परिणाम डालते हैं, जघन्य अपराधों में केवल आयु का प्रश्न ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध की प्रकृति, उसके सामाजिक प्रभाव तथा आरोपी की मानसिक एवं शारीरिक परिपक्वता का भी समुचित परीक्षण आवश्यक है, इसके विपरीत नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है
कोर्ट के इस फैसले से नाबालिग अपराधियों को सख्त संदेश मिलेगा, नशे के कारोबार में शामिल नाबालिगों को अब किशोर न्यायालय के बजाय वयस्क अदालत में मुकदमा चलेगा, यही वजह है कि नाबालिग अपराधियों को अब सख्त सजा मिल सकती है, इसके अलावा नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट के फैसले की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं
नशे के कारोबार में नाबालिग की भूमिका
नशे के कारोबार में नाबालिग की भूमिका को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है, कोर्ट ने कहा कि नाबालिग की आयु वयस्क होने में भले ही तीन माह कम है, लेकिन वह अपराध करने में मानसिक रूप से सक्षम है, उसमें किए गए काम के परिणाम समझने की क्षमता है, कोर्ट के आदेश पर एमवाय अस्पताल के चार डाक्टरों ने उसकी जांच कर उसे अपराध के परिणाम और उसकी गंभीरता को समझने में योग्य माना है
इसके अलावा नशे के कारोबार में नाबालिग की भूमिका को लेकर कोर्ट ने यह भी कहा कि नाबालिग को सख्त सजा मिल सकती है, नाबालिग के अभिभावक की याचिका निरस्त होने के बाद अब नाबालिग का मामला वयस्क अदालत में चलेगा, इसके लिए नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं
नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट का फैसला
नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट का फैसला सख्त है, कोर्ट ने कहा कि नाबालिग अपराधी को सख्त सजा मिल सकती है, नाबालिग के अभिभावक की याचिका निरस्त होने के बाद अब नाबालिग का मामला वयस्क अदालत में चलेगा, इसके लिए नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट के फैसले की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं
इसके अलावा नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट ने यह भी कहा कि नाबालिग को सख्त सजा मिल सकती है, नाबालिग के अभिभावक की याचिका निरस्त होने के बाद अब नाबालिग का मामला वयस्क अदालत में चलेगा, इसके लिए नाबालिग अपराधी के मामले में कोर्ट के फैसले की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं

हर्ष वर्धन वर्मा का नाम टीकमगढ़ जिले में जाना पहचाना है. पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद एक बार फिर पत्रकारिता में सक्रियता बना रहे हैं हर्ष वर्धन वर्मा . . .
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