(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। कोहेफिजा थाने से वसूली की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, इसमें हुक्का लाउंज, स्पा सेंटर और देर रात तक चलने वाले बीस से ज्यादा रेस्टोरेंट-लाउंज का जिक्र है, इसमें सटोरियों से होने वाली वसूली का हिसाब भी दर्ज है, कोहेफिजा पुलिस इस लिखित सूची में करीब सवा लाख रुपए प्रतिमाह का लेखा-जोखा मिला है, हालांकि थाना क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से हर महीने करीब दस लाख रुपए की फिक्स वसूली की बात सामने आई है, यह आंकड़ा असली वसूली की रकम को कहीं बड़ा दिखाता है, एक मीडिया संस्थान की पड़ताल में यह वसूली का चिट्ठा कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला से जुड़ा बताया गया है
वसूली की लिस्ट वायरल
कोहेफिजा थाने से वसूली की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, इसमें हुक्का लाउंज, स्पा सेंटर और देर रात तक चलने वाले बीस से ज्यादा रेस्टोरेंट-लाउंज का जिक्र है
इसमें सटोरियों से होने वाली वसूली का हिसाब भी दर्ज है, कोहेफिजा पुलिस इस लिखित सूची में करीब सवा लाख रुपए प्रतिमाह का लेखा-जोखा मिला है
पुलिस की प्रतिक्रिया
हालांकि थाना क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से हर महीने करीब दस लाख रुपए की फिक्स वसूली की बात सामने आई है, यह आंकड़ा असली वसूली की रकम को कहीं बड़ा दिखाता है
एक मीडिया संस्थान की पड़ताल में यह वसूली का चिट्ठा कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला से जुड़ा बताया गया है, पुष्टि के लिए लालघाटी, पंचवटी, एयरपोर्ट रोड और आसपास के कई हुक्का लाउंज और रेस्टोरेंट संचालकों से बातचीत की गई
पुलिस ब्रिबरी के आरोप
सभी ने ऑफ कैमरा वसूली के लिए आने वाले पुलिसकर्मियों के नाम गिना दिए, पुलिस कमिश्नर को भेजा गया एक पत्र भी सामने आया है
कई हुक्का लाउंज और रेस्टोरेंट संचालकों ने माना कि हर महीने पंद्रह हजार रुपए तक पुलिस को दिए जाते हैं, वसूली के लिए आने वालों में आरक्षक आकाश और अलीशान के नाम भी बताए गए हैं
- वसूली की लिस्ट में हुक्का लाउंज, स्पा सेंटर और देर रात तक चलने वाले बीस से ज्यादा रेस्टोरेंट-लाउंज का जिक्र है
- कोहेफिजा पुलिस इस लिखित सूची में करीब सवा लाख रुपए प्रतिमाह का लेखा-जोखा मिला है
- थाना क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से हर महीने करीब दस लाख रुपए की फिक्स वसूली की बात सामने आई है
जांच और कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी, अगर किसी की गलती पाई गई तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी
वसूली की पर्चियों की लिखावट की जांच फॉरेंसिक और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई गई, जांच में पता चला कि सूची की मुख्य लिखावट एक ही व्यक्ति की है

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संस्कारधानी जबलपुर ब्यूरो में कार्यरत सुमित खरे लगभग 15 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं, एवं डेढ़ दशकों से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से जुड़े हुए हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.





