मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 5,800 करोड़, 10,000 नौकरियां

मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में लगभग 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त, 10 हजार से अधिक रोजगार होंगे सृजित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ की वन-टू-वन बैठक
मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर एवं तकनीकी केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के खोले द्वार
जीआईएस के 30 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे
सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस किए जाएंगे स्थापित
दो दिवसीय “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026” का किया शुभारंभ
(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। मध्यप्रदेश के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 23 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का शुभारंभ हुआ। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 से अधिक कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक की, जिसमें लगभग 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 10,000 से अधिक नई नौकरियों का वादा किया गया। यह पहल भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण मानी गई।

समिट की मुख्य गतिविधियाँ

समिट में कुल आठ पैनल चर्चा, पाँच राउंडटेबल और छह की‑नोट सत्र आयोजित हुए। जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्वीडन के प्रतिनिधिमंडलों ने तकनीकी सहयोग के अवसरों पर प्रकाश डाला। प्रमुख विषयों में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, और MP सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज शामिल थे। इन सत्रों ने निवेशकों को राज्य की नीतियों और प्रोत्साहन पैकेज की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

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सेमीकंडक्टर विकास के रणनीतिक पहल

पिछले ढाई वर्ष में मध्यप्रदेश ने 25 से अधिक नीतियां तैयार कर निवेश एवं औद्योगिक विकास के द्वार खोले हैं। जीआईएस के 30 प्रतिशत से अधिक प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिससे निर्माण, डिजाइन और परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की संभावना बढ़ी है। राज्य सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्र, कर रियायतें और स्किल्ड लेबर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेज़ करने का संकल्प लिया है, जिससे स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।

प्रमुख बिंदु

• कंपनी: विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर कंपनियां
• आयोजन: मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026
• स्थान: इंदौर, ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर
• मुख्य उद्देश्य: निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, 10,000+ नई नौकरियां, दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
• लक्ष्य: भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाना

भविष्य में नियमित रूप से आयोजित समिट और नीति‑समिति समीक्षाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। कर्मचारी कल्याण, आधुनिक तकनीकी अपनाना और सतत निवेश को प्राथमिकता देकर राज्य न केवल राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर लक्ष्य में योगदान देगा, बल्कि उच्च मूल्यवर्धित रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के माध्यम से प्रदेश में लगभग 5 हजार 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। समिट में 1 हजार से अधिक प्रतिनिधियों और जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान एवं स्वीडन के प्रतिनिधिमंडलों की सहभागिता प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक रुचि को दर्शाती है। दो दिवसीय समिट में 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल और 6 की-नोट उद्बोधन आयोजित किए जा रहे हैं। समिट में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2026 पर हितधारक चर्चा और एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज भी आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026” के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कभी असंभव लगने वाले विषय आज वास्तविकता बन रहे हैं। सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के लिए राज्यों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध है। मध्यप्रदेश भी देश के साथ कदम मिलाकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोविड काल में सेमीकंडक्टर चिप की कमी से वैश्विक स्तर पर विकास गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। इससे इस क्षेत्र की आर्थिक और सामरिक महत्ता स्पष्ट हुई है। मध्यप्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। पारदर्शी, सरल और स्पष्ट नीतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित विभिन्न प्रयासों से प्रदेश में लगभग 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं। प्रदेश सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों का स्वागत करने और उन्हें साथ लेकर चलने वाला राज्य है। निवेश अनुकूल नीतियों और त्वरित निर्णय प्रक्रिया से उद्योग जगत का विश्वास बढ़ा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि निवेश संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब न हो और समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए। राज्य सरकार की कार्यप्रणाली में फाइलों के स्थान पर फैसलों, संभावनाओं के स्थान पर परियोजनाओं और समस्याओं के स्थान पर समाधानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वह हमेशा के लिए मध्यप्रदेश का हो जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के साथ उद्योग, तकनीक और विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्वालियर में टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। फार्मा, टेक्सटाइल और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट से बढ़कर 32 हजार मेगावाट हो गई है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिट में चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेशकों एवं उद्यमियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। प्रदेश में प्रतिभाशाली मानव संसाधन और मजबूत जनसांख्यिकीय क्षमता उपलब्ध है। सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी कर इन संभावनाओं को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों के हितों का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के सात हजार से अधिक श्रमिकों के बकाया भुगतान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के विकास के साथ श्रमिकों के कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। कठिनाई के समय सरकार सभी वर्गों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग प्रतिनिधियों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में सहभागिता के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग जगत और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से मध्यप्रदेश के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

  • सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना: प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से चिप डिजाइन, वीएलएसआई, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, प्रोटोटाइपिंग तथा कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश में फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इससे क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, फोटोनिक्स, एडवांस्ड मटेरियल्स और डीप-टेक अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।
  • इंदौर–उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता: कॉरिडोर के विकास में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन एवं हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे प्रदेश में उन्नत प्रौद्योगिकी एवं विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार को गति मिलेगी।

कोरियाई, जापानी और ताइवानी भाषाओं में सेमीकंडक्टर नीति का किया विमोचन

प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 का जापानी, ताइवानी और कोरियाई भाषाओं में विमोचन किया। उन्होंने समिट में आयोजित सेमीकंडक्टर प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा प्रदर्शित तकनीकों, नवाचारों और स्वदेशी चिप निर्माण से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 की प्रमुख विशेषताओं एवं उद्योग जगत के प्रमुख आयोजनों पर केंद्रित ऑडियो-विजुअल फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं को किया पुरस्कृत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं को पुरस्कृत किया। आईआईटी इंदौर की दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस चैलेंज में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एम्बेडेड सिस्टम्स एवं डीप-टेक क्षेत्र के 25 चयनित स्टार्टअप्स की पिचिंग के बाद 10 फाइनलिस्ट का चयन किया गया। विजेताओं को कुल 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जिसमें प्रथम पुरस्कार 3 लाख, द्वितीय पुरस्कार 2 लाख तथा तृतीय पुरस्कार 1 लाख रुपये शामिल हैं।

प्रदेश में सभी क्षेत्रों में प्रभावी एवं निवेशोन्मुख नीतियां – मंत्री श्री विजयवर्गीय

नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 एवं 2.0 प्रारंभ किए गए हैं। इनका उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में प्रभावी एवं निवेशोन्मुख नीतियां अपनाई गई हैं, जो गर्व का विषय है। मध्यप्रदेश सुरक्षित निवेश के लिए उपयुक्त स्थान है तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है और भारत के विकास में अपना योगदान निरंतर बढ़ा रहा है।

निवेश अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध

मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नीति आयोग की निवेश अनुकूलता रिपोर्ट में प्रदेश को बड़े राज्यों में शीर्ष पांच में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में औद्योगिक विकास, कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियां उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न स्वीकृतियों की प्रक्रिया सरल बनाई जा रही है, जिससे निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क और विभिन्न जिलों के आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों को हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। इससे उद्योगों की आवश्यकतानुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाएगा। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं और अनुकूल नीतियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।

सेमीकंडक्टर निवेश से आर्थिक विकास के साथ सामरिक क्षमता भी होगी सुदृढ़

प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश की आर्थिक प्रगति के साथ संप्रभुता और सामरिक आवश्यकताओं की दृष्टि से भी यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करना है। इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ देश को वैश्विक स्तर पर सामरिक बढ़त दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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एआईजीजीपीए के उपाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ राजीव दीक्षित ने कहा कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर एवं फैबलेस क्षेत्र के विकास के लिए संकल्पित है। प्रदेश की उत्कृष्ट नीति, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव, अनुकूल भौगोलिक स्थिति और महानगरों की तुलना में 30 प्रतिशत कम परिचालन लागत निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।

रणनीतिक सुरक्षा के लिए स्वदेशी तकनीक एवं सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण

लेफ्टिनेंट जनरल, कमांडेंट एमसीटीई इंदौर श्री प्रवीन बख्शी ने कहा कि वॉर अब टेक्नोलॉजी ड्रिवेन हो गया है। रणनीतिक सुरक्षा के लिए इंडिजेनस टेक्नोलॉजी और सेमी कंडक्टर मैनुफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। इंडियन आर्मी एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, वीएलएसआई चिप डिज़ाइन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश के साथ एमसीटीई ने एमओयू किया है। प्रदेश में साइबर रिसर्च सेंटर पर कार्य किया जा रहा है। आईआईटी इंदौर के सहयोग से इंडिजेनस सेमी कंडक्टर चिप डिज़ाइन की है। मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर मैनुफैक्चरिंग बेस बनने के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

पांच प्रमुख संस्थानों के साथ एमओयू, कौशल विकास एवं निवेश प्रोत्साहन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) द्वारा पांच प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। इनका उद्देश्य कौशल विकास, निवेश प्रोत्साहन, चिप डिजाइन, अनुसंधान, उद्योगों के साथ सहयोग और तकनीकी क्षमता का विस्तार करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, ईएसडीएम एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उद्योग आधारित प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण, आकलन एवं प्रमाणन के लिए सहयोग किया जाएगा। सेमी इंडिया के साथ निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा, वैश्विक उद्योगों से जुड़ाव, सेमीकॉन इंडिया में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन, इकोसिस्टम एवं औद्योगिक पार्क विकास तथा बीटूबी और बीटूजी बैठकों के संबंध में सहयोग किया जाएगा। सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल), मोहाली के साथ चिप डिजाइन एवं डिजाइन सेवाओं, एससीएल फैब में चिप निर्माण एवं पैकेजिंग सहयोग तथा प्रदेश के अभियांत्रिकी संस्थानों के लिए प्रशिक्षण एवं उद्योगोन्मुखी कार्यक्रमों पर कार्य किया जाएगा। इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप, लंदन के साथ रणनीतिक परामर्श, अंतर्राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन, वैश्विक निवेशकों एवं आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क तथा एंकर परियोजनाओं के आसपास आपूर्ति-श्रृंखला विकास के लिए सहयोग किया जाएगा।इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई के साथ मध्यप्रदेश में एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, संयुक्त पाठ्यक्रम, फैकल्टी विकास, छात्र इंटर्नशिप एवं स्टार्टअप इनक्यूबेशन के लिए सहयोग किया जाएगा।

पांच कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र प्रदान

9 हजार 625 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित

पांच कंपनियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के आशय पत्र प्रदान किए गए। इनके माध्यम से प्रदेश में 9 हजार 625 करोड़ रुपये का निवेश और 4 हजार 450 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। परियोजनाएं भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में स्थापित की जाएंगी। ग्वालियर के गंगा मालनपुर में साइटैक आरई द्वारा 6 हजार 415 करोड़ रुपये के निवेश से 50 मेगावाट क्षमता का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा।भोपाल के ईएमसी-2 में उना इको सिस्टम्स प्रा. लि. द्वारा 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 1.5 GWh क्षमता की लिथियम सेल विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क में औरिगा आईटी सॉल्यूशंस प्रा. लि. द्वारा 500 करोड़ रुपये के निवेश से ग्लोबल कैपेबलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे 3 हजार 500 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।मीना सर्किट्स द्वारा 400 करोड़ रुपये के निवेश से ईएसडीएम विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।भोपाल के बड़वई स्थित आईटी पार्क में केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा 310 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी, जिससे लगभग 950 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।

आईटी पार्क-4 में सात कंपनियों को कार्यालयीन स्थान के आशय पत्र

1,280 प्रत्यक्ष रोजगार होंगे सृजित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में सात प्रमुख कंपनियों को कार्यालयीन स्थान के लिए आशय पत्र (एलओआई) प्रदान किए। इसके अंतर्गत कंपनियों को कुल 44 हजार 815.67 वर्गफुट क्षेत्र लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा। इन परियोजनाओं से 1,280 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सबसे बड़ी इकाई एडीटी सेमीकंडक्टर्स की होगी, जिसे 16 हजार 508 वर्गफुट स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बेंगलुरु की एडीटी सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. द्वारा आरएंडडी डिजाइन सेंटर एवं मावेन सिलिकॉन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। हैदराबाद की स्पिंट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. द्वारा सेमीकंडक्टर डिजाइन, उत्पाद विकास एवं इंजीनियरिंग सहायता संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे 250 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

इंदौर की इक्ष्वाकुमीडिया प्रा. लि. द्वारा जनरेटिव एआई आधारित डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन स्टूडियो तथा कौशल विकास के लिए एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया जाएगा, जिससे 200 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सिंगापुर की एच-सेमी प्रोडक्ट्स प्रा. लि. द्वारा ओएसएटी इकाइयों के लिए आरएंडडी तथा फर्स्ट आर्टिकल इंस्पेक्शन सैंपल उत्पादन का कार्य किया जाएगा, जिससे 150 रोजगार सृजित होंगे। नई दिल्ली की ट्रूचिप सॉल्यूशंस प्रा. लि. द्वारा सेमीकंडक्टर डिजाइन सेवाओं के माध्यम से 100 रोजगार, भोपाल की एसएफए टेक्नोलॉजीज प्रा. लि. द्वारा आईटी एवं आईटीईएस गतिविधियों के संचालन से 50 रोजगार और गाजियाबाद की किष्किंधा इंटरनेशनल प्रा. लि. द्वारा ईएसडीएम चिप डिजाइन, वीएलएसआई एवं सेमीकंडक्टर लैब में वेरिफिकेशन, प्रोटोटाइपिंग और टेस्टिंग के माध्यम से 30 रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, आईटी अवसंरचना, एवीजीसी-एक्सआर और हेल्थ-टेक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर 12 से अधिक प्रमुख कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की। इन बैठकों में प्रदेश के लिए लगभग 5 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, त्वरित स्वीकृति और 24×7 सस्ती बिजली सहित हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

एनार ग्रुप के चेयरमैन डॉ. श्याम आर. सिंघानिया के साथ डेटा सेंटर एवं संबंधित अवसंरचना के विकास तथा जेएलएल के इंडिया हेड श्री ए. शंकर और सीनियर डायरेक्टर श्री साइमन थॉमस के साथ आईटी अवसंरचना एवं डेटा सेंटर क्षेत्र में विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं चिप डिजाइन के क्षेत्र में लालवाला इंडस्ट्रीज के सीईओ श्री सौरभ हरिवदन लालवाला ने 1,200 करोड़ रुपये के निवेश से 300 रोजगार, स्पिंट्रॉनिक्स एआई के संस्थापक एवं सीईओ श्री रघु वर्मा तथा प्रबंध निदेशक श्री श्रीजीत परुचूरी ने दो चरणों में 1,800 करोड़ रुपये के निवेश से 150 रोजगार, इंडसिलिका सेमीकंडक्टर्स के सह-संस्थापक श्री सुनील रावत एवं श्री आदित्य बी. मलिक ने 100 करोड़ रुपये के निवेश से 150 रोजगार, नैनोड्राइट्स टेक्नोलॉजी के प्रबंध निदेशक श्री हर्षित तिवारी ने 65 करोड़ रुपये के निवेश से 140 रोजगार तथा ट्रूचिप के सीईओ श्री नितिन किशोर एवं श्री रणवीर ने 10 करोड़ रुपये के निवेश से 50 रोजगार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इन कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर विनिर्माण, फैबलेस तकनीक, चिप डिजाइन तथा परियोजनाओं के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मिराफ्रा के संस्थापक एवं सीईओ श्री आलोक के साथ चिप डिजाइन सेवाओं के विस्तार तथा ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर इन इंडिया के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग के साइंस डायरेक्टर प्रो. लुंग-जिएह यांग के साथ ताइवान से सेमीकंडक्टर निवेश आकर्षित करने और वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विमर्श हुआ। ईएसडीएम क्षेत्र में उना इको सिस्टम्स प्रा. लि. के प्रतिनिधि श्री शिनिचि साईतो एवं सीईओ श्री विशाल सिंह ने 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 2 हजार रोजगार सृजन का प्रस्ताव दिया। कंपनी के साथ ईएसडीएम क्षेत्र में निवेश एवं विनिर्माण इकाई की स्थापना पर चर्चा हुई। एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में बियॉन्ड स्टूडियोज के प्रतिनिधि श्री भारत भूषण (सेबेस्टियन) तथा श्री सेबेस्टियन नोआ अकोस्टा जूनियर ने 110 करोड़ रुपये के निवेश से 360 रोजगार के अवसर सृजित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हेल्थ-टेक क्षेत्र में धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स के प्रतिनिधि श्री डी. एस. एन. मूर्ति ने 400 करोड़ रुपये के निवेश से 500 रोजगार सृजन की योजना प्रस्तुत की। इन कंपनियों के साथ संबंधित क्षेत्रों में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

उद्योग प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों की सराहना की

पारस सेमीकंडक्टर्स के श्री संतोष कुमार ने कहा कि नेक्स्ट जेन कम्युनिकेशन में सेमीकंडक्टर चिप महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सतत सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा सेमीकंडक्टर असेंबली यूनिट के लिए 6 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर के वैश्विक मानचित्र में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए उनकी कंपनी प्रदेश सरकार के साथ है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास, युवाओं को उच्च कौशल में दक्ष करने और रोजगार उपलब्ध कराने में यह इकाई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उना इको सिस्टम्स प्रा. लि., जापान के सीईओ, ग्लोबल बिजनेस, श्री शिनिचि साईतो ने कहा कि कंपनी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा आधारित प्रौद्योगिकी के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में सफल उद्यम स्थापित होगा और प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। वीएलएसई के प्रेसिडेंट डॉ. सत्या गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 देश में श्रेष्ठ है। पॉलिसी इनिशिएटिव्स के साथ सरकार का सतत सहयोग और हैंडहोल्डिंग मध्यप्रदेश को देश में अग्रणी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में पांच सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और लगभग 20 फैबलेस कंपनियां विकसित होंगी।

ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर इन इंडिया, नई दिल्ली के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग के विज्ञान निदेशक प्रो. लुंग-जिएह यांग ने ताइवान में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्वर एवं इंटीग्रेटेड सर्किट के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने इंदौर की सराहना करते हुए प्रदेश में निवेश एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। ट्रूचिप सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ श्री नितिन किशोर ने मध्यप्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी टीम राज्य में ग्लोबल सेमीकंडक्टर रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ जुड़कर कार्य करने के लिए तत्पर है।

सेमीकंडक्टर प्रदर्शनी में 57 प्रदर्शकों ने की सहभागिता

एमपी पवेलियन में 57 प्रदर्शकों ने 70 बूथ और तीन बड़े स्टॉल के माध्यम से सहभागिता की। इसमें उद्योगों, स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों एवं शासकीय विभागों ने अपने कार्यों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में एनालॉग डिवाइसेज, टेराडाइन, एचटीएल (जापान) तथा इम्पैक्ट जापान (ऑक्साइड कॉर्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स एवं अल्ट्रासोनिक इंजीनियरिंग) जैसी वैश्विक कंपनियों ने सेमीकंडक्टर परीक्षण उपकरणों, लेजर, वायर-बॉन्डर एवं फोटामास्क तकनीकों का प्रदर्शन किया। एससीएल मोहाली, सीएसआईआर-सीईईआरआई पिलानी, आरआरकैट, एमएसटीई महू एवं आईआईटी इंदौर द्वारा स्वदेशी चिप्स एवं अनुसंधान संबंधी कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही पारस सेमीकंडक्टर्स, स्क्वैबैंक, फैबलेस स्टार्टअप्स एवं प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्थानीय सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थिति रहे।