(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। बरघाट नाका के निवासी विजय मंगोरे, जो अस्थिबाधित दिव्यांग हैं, ने एडीप योजना के तहत 2020 में प्राप्त बैटरी‑ट्राइसाइकिल को ई‑रिक्शा में परिवर्तित कर अपना व्यवसाय शुरू किया। यह पहल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करती है और सरकारी सशक्तिकरण योजनाओं की सफलता को उजागर करती है।
एडीप योजना के तहत प्राप्त ट्राइसाइकिल
एडीप योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करके स्वतंत्र जीवन‑यापन को प्रोत्साहित करना है। विजय को इस योजना के अंतर्गत बैटरी‑चालित ट्राइसाइकिल मिली, जिससे उनकी दैनिक आवागमन की कठिनाइयाँ काफी घट गईं। ट्राइसाइकिल ने उन्हें शारीरिक सीमाओं के बावजूद आत्मविश्वास से काम करने का अवसर दिया।
ई‑रिक्शा द्वारा आजीविका
बैटरी ट्राइसाइकिल को ई‑रिक्शा में रूपांतरित करने के बाद, विजय ने सिवनी के मुख्य मार्गों पर सेवाएँ शुरू कीं। वह यात्रियों को सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन प्रदान करते हुए दैनिक आय उत्पन्न कर रहे हैं। इस आय से न केवल उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताएँ पूरी होती हैं, बल्कि परिवार का भी बेहतर पोषण संभव हो रहा है।
प्रमुख बिंदु
• कंपनी/योजना: एडीप योजना (दिव्यांग सहायक उपकरण)
• आयोजन: बैटरी‑ट्राइसाइकिल से ई‑रिक्शा परिवर्तन
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: दिव्यांगजनों का आर्थिक सशक्तिकरण
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: आत्मनिर्भरता, आय सृजन, सामाजिक समावेशन
• लक्ष्य: दीर्घकालिक स्थिरता एवं रोजगार सृजन
भविष्य की दिशा
विजय की कहानी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प मिलकर सामाजिक परिवर्तन को तेज़ कर सकते हैं। निरंतर तकनीकी समर्थन, नियमित रख‑रखाव और अतिरिक्त प्रशिक्षण से ई‑रिक्शा संचालन की दक्षता बढ़ेगी, जिससे अधिक दिव्यांगजनों को समान अवसर मिलेंगे और सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।