(बुद्धसेन शर्मा)
भोपाल़ (साई)। मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में एक बड़ी चूक की, जिससे NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने ‘डंकी’ नाम और गधे की फोटो अपलोड कर केवल पाँच मिनट में नर्सिंग सर्टिफिकेट प्राप्त किया। यह घटना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की विश्वसनीयता और संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है।
घटना का विस्तृत विवरण
रवि परमार ने MPNRC की पोर्टल पर फॉर्म भरते समय नाम के कॉलम में ‘डंकी’, पिता का नाम ‘डंकी फादर’, माता का नाम ‘डंकी मदर’ तथा जाति में ‘एनिमल’ दर्ज किया। फोटो के स्थान पर गधे की तस्वीर अपलोड की गई। शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थान की जानकारी भी मनगढ़ंत थी—भोपाल नर्सिंग कॉलेज और BMHRC अस्पताल का उल्लेख किया गया, जबकि अंक और रोल नंबर भी बनावटी थे। दो हजार पचास रुपये की ऑनलाइन फीस भुगतान करने के बाद, केवल पाँच मिनट में डिजिटल सर्टिफिकेट जारी हो गया। इस त्वरित जारी होने की प्रक्रिया ने प्रणाली की ऑडिट ट्रेल और सत्यापन तंत्र की कमी को उजागर किया।
ऑनलाइन प्रणाली की कमियां और सुधार प्रस्ताव
यह मामला MPNRC की डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी को दर्शाता है। फॉर्म वैलिडेशन, दस्तावेज़ अपलोड जांच और भुगतान के बाद वास्तविक प्रमाणन प्रक्रिया में स्पष्ट अंतराल है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बायोमेट्रिक सत्यापन, AI‑आधारित इमेज रेकग्निशन और दो‑स्तरीय अनुमोदन प्रणाली लागू की जानी चाहिए। प्रशासनिक रूप से, MPNRC को नियमित ऑडिट, उपयोगकर्ता शिक्षा और शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इस घटना के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच का आदेश दिया और भविष्य में ऐसे दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नियम बनाने का वादा किया।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC)
• आयोजन: ऑनलाइन नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी प्रक्रिया की जांच
• स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
• मुख्य उद्देश्य: प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता का मूल्यांकन
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: दो‑स्तरीय सत्यापन, AI‑आधारित फोटो चेक, नियमित ऑडिट
• लक्ष्य: फर्जी रजिस्ट्रेशन को समाप्त कर विश्वसनीय डिजिटल सेवा प्रदान करना
MPNRC की ऑनलाइन प्रणाली में आई इस चूक ने डिजिटल रजिस्ट्रेशन के जोखिम को स्पष्ट किया। यदि समय पर तकनीकी सुधार, कड़ी निगरानी और पारदर्शी प्रक्रिया लागू की जाए तो भविष्य में कर्मचारी कल्याण, डेटा सुरक्षा और संचालनात्मक उत्कृष्टता सुनिश्चित की जा सकती है। नियमित समीक्षा और प्रौद्योगिकी उन्नयन के साथ, सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में भरोसा पुनः स्थापित होगा और सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ेगा।