(ब्यूरो कार्यालय)
नागपुर (साई)।
RSS के 100 साल पूरे होने के अवसर पर नागपुर में आयोजित बड़े शताब्दी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने बताया कि युवा वर्ग में नशे की लत एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन गई है और OTT प्लेटफ़ॉर्म्स पर नियामक ढांचा आवश्यक है। इस संदेश का उद्देश्य समाज को जागरूक करना और भविष्य की पीढ़ी को जिम्मेदार बनाना है।
समारोह में प्रमुख बिंदु और भविष्य की दिशा
भाषण में मोहन भागवत ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनने के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने तकनीक के दोधारी प्रभाव को उजागर किया—फायदे तो हैं, पर बिना दिशा‑निर्देशों के उपयोग से युवा गलत जानकारी और नशे की लत में फँस सकते हैं। OTT सामग्री की अनियंत्रित पहुँच को रोकने के लिए कई देशों ने नियम लागू किए हैं, और भारत को भी समान कदम उठाना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने सरकार और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की माँग की। साथ ही, उन्होंने माता‑पिता से अपील की कि वे बच्चों को सही संस्कार और नैतिक मूल्यों से सशक्त बनाएँ, जिससे नशे की लत को रोकने में मदद मिलेगी। सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक समर्थन को मिलाकर ही एक स्वस्थ युवा वर्ग तैयार हो सकेगा।
प्रमुख बिंदु
• कंपनी: RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh)
• आयोजन: शताब्दी समापन समारोह
• स्थान: नागपुर
• मुख्य उद्देश्य: युवा नशा समस्या पर प्रकाश डालना और OTT नियमन की मांग करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: OTT प्लेटफ़ॉर्म्स पर कड़े नियम, नैतिक शिक्षा पर बल
• लक्ष्य: युवा वर्ग में नशा रोकना, डिजिटल सामग्री का सुरक्षित उपयोग, सामाजिक जागरूकता बढ़ाना
भविष्य में यदि सरकार, समाज और परिवार मिलकर OTT सामग्री की निगरानी और नशा रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाते रहे तो युवा वर्ग की स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। नियमित समीक्षा, आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग और निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों से भारत की औद्योगिक और सामाजिक प्रगति में स्थायी लाभ मिलेगा।