(दीपक अग्रवाल)
मुंबई (साई)। सेंट्रल रेलवे ने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस दौरान प्रत्येक टिकट के साथ कम से कम एक यात्री के पास मूल पहचान पत्र (ओरिजिनल ID) होना अनिवार्य किया गया है। अभियान का उद्देश्य कंसेशन, कोटा और अनरिजर्व्ड टिकटों की वास्तविकता की जांच कर यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाना और नियम उल्लंघन को रोकना है। CPRO डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि बिना वैध ओरिजिनल दस्तावेज़ के यात्रा को अवैध माना जाएगा।
विशेष चेकिंग अभियान के विवरण
अभियान के तहत रेलवे कर्मचारियों को टिकट वैधता, पहचान पत्र और पात्रता दस्तावेज़ की जाँच करने का अधिकार दिया गया है। कंसेशन या रिज़र्वेशन कोटे वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए मूल दस्तावेज़ साथ रखना होगा। ई‑पास या PTO के माध्यम से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी उसी नियम का पालन करना पड़ेगा, और यात्रा शुरू होने से पहले इन्हें अधिकृत प्राधिकरण से एक्सचेंज कराना अनिवार्य है। अनरिजर्व्ड टिकटों की भी सटीकता की जाँच TTE एप की मदद से की जाएगी।
सुरक्षा एवं तकनीकी पहल
रेलवे ने इस अभियान में डिजिटल टूल्स का उपयोग कर टिकट को सर्टिफाइड और वेरीफाई करने की प्रक्रिया को तेज़ किया है। TTE एप के माध्यम से रियल‑टाइम वैरिफिकेशन संभव हो गया है, जिससे फर्जी टिकटों की पहचान तुरंत हो जाती है। साथ ही, स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, जो पहचान पत्र की मूलता की जाँच में मदद करेंगे। इस कदम से यात्रियों में भरोसा बढ़ेगा और रेलवे की सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: सेंट्रल रेलवे
• आयोजन: ‘वन टिकट, वन ओरिजिनल ID कार्ड’ विशेष चेकिंग अभियान
• स्थान: नई दिल्ली (मुख्य प्रबंधन)
• मुख्य उद्देश्य: टिकट वैधता, पहचान पत्र और पात्रता दस्तावेज़ की सख्त जाँच
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: सभी कंसेशन, कोटा और अनरिजर्व्ड टिकटों की वास्तविकता की पुष्टि, ई‑पास/PTO का मूल दस्तावेज़ अनिवार्य
• लक्ष्य: यात्रियों की सुरक्षा, फर्जी टिकटों का निवारण, नियम पालन में वृद्धि
भविष्य की दिशा
रेलवे ने कहा कि इस अभियान को नियमित रूप से दोहराया जाएगा और नई तकनीकों को अपनाते हुए चेकिंग प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा। निरंतर कर्मचारी प्रशिक्षण, डिजिटल वैरिफिकेशन और यात्रियों के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से रेलवे संचालन में उत्कृष्टता और सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।