(विनीत खरे)
नई दिल्ली (साई)। गुरुवार, 17 सितंबर को यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित सेमिकॉन इंडिया-2026 के मुख्य सत्र में शुक्रवार, 18 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन (बूथ H3005) का दौरा किया और स्वीडिश तथा जापानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ वन‑टू‑वन संवाद किया। इस संवाद का उद्देश्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश के अवसर, प्रौद्योगिकी सहयोग और संभावित साझेदारियों को सुदृढ़ करना था, जिससे राज्य की औद्योगिक और अकादमिक क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिले।
सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश की भागीदारी
मध्यप्रदेश ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच में स्टेट पार्टनर के रूप में भाग लेकर अपने उभरते सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया। पवेलियन में प्रदेश की निवेश संभावनाएँ, औद्योगिक क्षमताएँ, प्रतिभा आधार और अनुकूल नीतिगत वातावरण को विस्तृत रूप से दिखाया गया। प्रमुख उद्योग खिलाड़ियों जैसे पारस सेमीकंडक्टर, एचएलबीएस, कास्टएनएक्स और सिक्योर मीटर्स ने भी अपने प्रोडक्ट्स और समाधान प्रस्तुत किए। साथ ही आईआईटी इंदौर, आईआईआईटी ग्वालियर, आईटी डीएवीवी और एसजीएसआईटीएस इंदौर ने अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग के पहलुओं को उजागर किया।
सेमीकंडक्टर निवेश एवं प्रौद्योगिकी सहयोग
डॉ. यादव ने संवाद में कहा कि राज्य सरकार निवेश‑उन्मुख नीतियों, आसान अनुमोदन प्रक्रिया और स्किल्ड वर्कफ़ोर्स के माध्यम से सेमीकंडक्टर उद्योग को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वीडिश और जापानी प्रतिनिधिमंडलों ने ऑक्साइड कॉरपोरेशन, स्केल फोटोनिक्स, इम्प्यूट इंक., एक्रिटेक, कैनन, मैकडर्मिड अल्फा, हनव्हा, कैजो और जेनेसेम इंक. जैसी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग की रूपरेखा तैयार की। दोनों पक्षों ने तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, और निर्यात‑उन्मुख उत्पादन मॉडल पर चर्चा की, जिससे भारत में वैल्यू‑एडेड सेमीकंडक्टर निर्माण को गति मिलेगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन (बूथ H3005)
• आयोजन: सेमिकॉन इंडिया-2026, नई दिल्ली
• स्थान: यशोभूमि, नई दिल्ली
• मुख्य उद्देश्य: निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और साझेदारियों को सुदृढ़ करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: स्वीडिश‑जापानी कंपनियों के साथ वन‑टू‑वन संवाद, उद्योग‑अकादमिक सहयोग
• लक्ष्य: राज्य के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर स्थापित करना
डॉ. मोहन यादव की सक्रिय भागीदारी और राज्य पवेलियन की प्रभावी प्रस्तुति से मध्यप्रदेश की सेमीकंडक्टर रणनीति को नई दिशा मिली है। निरंतर निवेश आकर्षण, आधुनिक तकनीक अपनाना और नियमित उद्योग‑अकादमिक संवाद से राज्य की उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाएँ बढ़ेंगी। यह पहल न केवल रोजगार सृजन में योगदान देगी, बल्कि भारत के सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता लक्ष्य को भी साकार करेगी।