(बुद्धसेन शर्मा)
भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को बढ़ाने की दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की बात कही। साथ ही उन्होंने 25 नए आयुष अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए 184 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया। यह पहल आयुर्वेद एवं अन्य आयुष पद्धतियों को ग्रामीण‑शहरी क्षेत्रों में विस्तारित करने और युवा चिकित्सकों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि
इंटर्नशिप के दौरान आयुष डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड कई सालों से कम माना जाता रहा था। छात्रों की लगातार मांगों के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार अन्य विभागों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर रही है और जल्द ही नई दरें लागू की जाएँगी। प्रस्तावित वृद्धि से हजारों आयुष इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी, जिससे वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में अधिक प्रेरित होंगे। इस निर्णय को आयुष शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं ने सकारात्मक रूप से स्वागत किया है।
25 नए आयुष अस्पताल व कॉलेज का निर्माण
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में आयुष चिकित्सा के नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए 25 नए अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं में आधुनिक बायो‑टेक्नोलॉजी लैब, डिजिटल रेकॉर्ड सिस्टम और टेली‑मेडिसिन सुविधाएँ शामिल होंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता की आयुष सेवाएँ उपलब्ध होंगी। कुल अनुमानित खर्च 184 करोड़ रुपये है, जो राज्य के स्वास्थ्य बजट में प्राथमिकता के तहत आवंटित किया गया है। यह कदम आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा को समकालीन तकनीक के साथ एकीकृत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्य प्रदेश सरकार
• आयोजन: आयुष इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड वृद्धि एवं अस्पताल निर्माण घोषणा
• स्थान: भोपाल
• मुख्य उद्देश्य: आयुष चिकित्सा को सुदृढ़ करना, डॉक्टरों के कल्याण में सुधार
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: स्टाइपेंड वृद्धि, 25 नए अस्पताल व कॉलेज, 184 करोड़ रुपये निवेश
• लक्ष्य: ग्रामीण‑शहरी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, युवा चिकित्सकों का आर्थिक सशक्तिकरण
स्टाइपेंड वृद्धि और नई स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण मध्य प्रदेश में आयुष चिकित्सा के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार की यह पहल न केवल डॉक्टरों के आर्थिक स्थितियों को सुधारती है, बल्कि आधुनिक तकनीक के साथ पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को जोड़कर रोगी देखभाल को भी उन्नत करती है। निरंतर निगरानी, नियमित समीक्षा और तकनीकी नवाचार के साथ यह रणनीति राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में सतत विकास और संचालनात्मक उत्कृष्टता की नींव रखेगी।