सर्दियाँ वैसे ही बच्चों की दुश्मन मानी जाती हैं, खासकर जब बात नहाने की आती है। लेकिन इस बार मजाक का मामला कुछ ज्यादा ही दिलचस्प था। जुड़वां बच्चों के कमरे में अजीब सा माहौल था—एक बच्चा ठहाके मारते-मारते पागल, और दूसरा उदासी की मूर्ति बनकर बैठा हुआ।
पिता ने जैसे ही कमरे में कदम रखा, सबसे पहले हंसते हुए बच्चे को देखा।
पिता: “अरे बेटा, इतना क्यों हंस रहे हो?”
बच्चा (बहुत हंसते हुए): “पापा… इतनी ठंड में… मम्मी ने दोनों बार इसी को नहला दिया!”
बस, पिता भी हंसी रोक न पाए। भाई-भाई की किस्मत का अंतर बस ‘नहाने की बारी’ से तय हो गया!
कुछ और मजेदार छोटे-छोटे जोक डायलॉग्स:
- पति-पत्नी जोक
पति: इतनी ठंड में नहाना क्यों जरूरी है?
पत्नी: ताकि तुम्हें याद रहे कि शादी के बाद आराम सिर्फ टीवी को मिलता है!
- दोस्त-दोस्त जोक
दोस्त 1: भाई आज बहुत खुश लग रहा है।
दोस्त 2: हाँ, आज नहाना नहीं पड़ा… बिजली ही चली गई!
- टीचर-स्टूडेंट जोक
टीचर: नहाना क्यों जरूरी है?
स्टूडेंट: ताकि माँ को पता चले कि हम अभी भी घर में रहते हैं।
- पड़ोसी-पड़ोसी जोक
पड़ोसी: बच्चे रो क्यों रहे थे?
दूसरा पड़ोसी: सर्दी है भाई… कोई भी ‘पहली बारी’ नहीं लेना चाहता!
मजेदार हाइलाइट्स (Bullet Style)
- जुड़वां बच्चे = जुड़वां कॉमेडी
- ठंड + नहाना = सबसे बड़ी लड़ाई
- मम्मी की गलती = परिवार के लिए मनोरंजन
- एक खुश, एक दुखी = परफेक्ट कॉमिक बैलेंस
- पिता = हंसी रोकने में फेल
Conclusion (निष्कर्ष)
परिवार में ऐसे छोटे-छोटे मजेदार पल ही रिश्तों में गर्माहट भर देते हैं, खासकर जब बाहर ठंड कड़क रही हो! जुड़वां बच्चों का यह नहाने वाला किस्सा साबित करता है कि कॉमेडी हमेशा घर के अंदर ही पैदा होती है—बस नजर होनी चाहिए।
पंचलाइन:
– “सर्दी का मौसम है… खुश वही रहेगा जिसे नहाने की बारी न आए!”
– “जुड़वां बच्चों में प्यार होता है… लेकिन नहाने की बारी पर युद्ध निश्चित है!”
जुड़वां बच्चे अपने कमरे में बैठे थे।
एक हंस-हंस के लोटपोट हो रहा था,जबकि दूसरा उदास था।
पिता : इतना क्यों हंस रहे हो?
बच्चा : इतनी ठंड में मम्मी ने दोनों बार इसी को नहला दिया . . .!
(साई फीचर्स)

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में फोटोज, वीडियोज, ग्राफिक्स आदि को सफलता पूर्वक हेंडल करने वाले अशोक सोनी, नगर ब्यूरो में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय अशोक सोनी वर्तमान में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत हैं .
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