बादलों से मिली गर्मी से राहत, लेकिन बढ़ती उमस बनी परेशानी; अधिकतम तापमान 37 डिग्री पर स्थिर

सिवनी जिले में मंगलवार 02 जून 2026 को पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया। बादलों की आवाजाही के कारण गर्मी से कुछ राहत मिली, लेकिन वातावरण में बढ़ती नमी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज मंगलवार 02 जून 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, मंगलवार 02 जून 2026
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह28.821.449
शाम3723.631
वर्षा0मिली मीटर

जून महीने की शुरुआत के साथ ही सिवनी जिले के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार 02 जून 2026 को शाम तक दर्ज किए गए पिछले 24 घंटों के मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले में बादलों की मौजूदगी के कारण लोगों को तेज धूप और भीषण गर्मी से कुछ राहत अवश्य मिली, लेकिन वातावरण में बढ़ती नमी और उमस ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 21.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद हवा में मौजूद नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी का अनुभव हो रहा है।

बादलों की आवाजाही से धूप का असर हुआ कम

पिछले कुछ दिनों की तुलना में मंगलवार को आसमान में बादलों की आवाजाही अधिक देखने को मिली। दिनभर कई बार बादल छाए रहने से सूर्य की तेज किरणों का प्रभाव कम हुआ। इसके चलते तापमान में अत्यधिक वृद्धि नहीं हुई और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पर ही स्थिर बना रहा।

हालांकि मौसम में आई यह नरमी पूरी तरह राहत देने वाली नहीं रही। बादलों के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई, जिससे उमस का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। यही कारण है कि तापमान सामान्य दिखाई देने के बावजूद लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

न्यूनतम तापमान में आई गिरावट

मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले का न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात के समय तापमान में गिरावट आने से सुबह और देर रात मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि रात के तापमान में कमी प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत हो सकती है। इस अवधि में अक्सर दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बढ़ने लगता है, जिससे स्थानीय मौसम में परिवर्तन देखने को मिलता है।

बढ़ती उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

हालांकि तापमान में विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन बढ़ती आर्द्रता ने लोगों को अधिक परेशान किया। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोगों ने दिनभर उमस भरी गर्मी महसूस की।

उमस बढ़ने के प्रमुख कारण:

  • वातावरण में नमी का बढ़ना
  • बादलों की लगातार मौजूदगी
  • हवा की गति का कम होना
  • प्री-मानसून मौसमीय परिस्थितियां

विशेष रूप से दोपहर और शाम के समय लोगों को अधिक चिपचिपाहट और बेचैनी का अनुभव हुआ। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला।

कृषि क्षेत्र पर मौसम का प्रभाव

सिवनी एक कृषि प्रधान जिला है, इसलिए मौसम में होने वाला प्रत्येक बदलाव किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। वर्तमान मौसम परिस्थितियां खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:

  • भूमि में नमी बनने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
  • मानसून पूर्व गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
  • खेतों की तैयारी में किसानों को सुविधा मिल सकती है।
  • शुरुआती वर्षा की स्थिति में बुवाई की तैयारी तेज होगी।

हालांकि विशेषज्ञों ने किसानों को अभी बड़े स्तर पर बुवाई शुरू करने से पहले नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

प्री-मानसून गतिविधियों के संकेत

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में वर्तमान समय में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं। सिवनी जिले में बादलों की बढ़ती आवाजाही और तापमान में उतार-चढ़ाव को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्री-मानसून अवधि के दौरान निम्न परिस्थितियां देखने को मिलती हैं:

  • बादलों का विकास
  • गरज-चमक की घटनाएं
  • हल्की वर्षा की संभावना
  • तापमान में अस्थिरता
  • उमस में वृद्धि

इन संकेतों को देखते हुए आने वाले दिनों में मौसम और अधिक परिवर्तनशील रह सकता है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर

बढ़ती उमस और गर्मी का संयुक्त प्रभाव स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है।

विशेष सावधानियां:

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
  • धूप में अनावश्यक निकलने से बचना
  • हल्के और सूती कपड़े पहनना
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना
  • पौष्टिक और हल्का भोजन लेना

उमस भरे मौसम में थकान, सिरदर्द, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है।

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग प्रभाव

सिवनी नगर क्षेत्र में कंक्रीट संरचनाओं और यातायात के कारण उमस का प्रभाव अधिक महसूस किया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली और खुले वातावरण के कारण अपेक्षाकृत कुछ राहत देखने को मिली।

फिर भी दोनों क्षेत्रों में लोगों ने सामान्य से अधिक चिपचिपी गर्मी महसूस की। कई स्थानों पर दिनभर पंखे और कूलर लगातार चलते रहे, जबकि बिजली की मांग में भी बढ़ोतरी देखी गई।

मौसम के आंकड़े क्या कहते हैं?

पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज प्रमुख मौसमीय आंकड़े:

मौसमीय पैरामीटरदर्ज आंकड़ा
अधिकतम तापमान37°C
न्यूनतम तापमान21.4°C
मौसम की स्थितिआंशिक बादल
प्रमुख प्रभावउमस में वृद्धि
संभावित स्थितिप्री-मानसून गतिविधियां

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तापमान अत्यधिक नहीं होने के बावजूद नमी के कारण मौसम असहज बना हुआ है।

लोगों की प्रतिक्रिया

शहर के विभिन्न क्षेत्रों से मिली प्रतिक्रियाओं के अनुसार लोगों ने माना कि तेज धूप से राहत तो मिली है, लेकिन उमस के कारण आराम महसूस नहीं हो रहा। कई नागरिकों ने बताया कि बादलों के कारण मौसम सुहावना दिखाई देता है, लेकिन बाहर निकलने पर नमी के कारण परेशानी महसूस होती है।

व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका हल्का प्रभाव देखा गया। दोपहर के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही।

आने वाले दिनों का संभावित मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सिवनी जिले में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। बादलों की आवाजाही जारी रहने की संभावना है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

यदि प्री-मानसून गतिविधियां और सक्रिय होती हैं तो:

  • तापमान में और कमी आ सकती है।
  • उमस कुछ समय तक बनी रह सकती है।
  • स्थानीय वर्षा की संभावना बढ़ सकती है।
  • मानसून के आगमन की परिस्थितियां मजबूत हो सकती हैं।

सिवनी जिले में मंगलवार 02 जून 2026 को दर्ज मौसमीय परिस्थितियों ने यह संकेत दिया है कि क्षेत्र धीरे-धीरे मानसून पूर्व चरण में प्रवेश कर रहा है। बादलों की मौजूदगी ने गर्मी के तीखे प्रभाव को कम किया है, लेकिन बढ़ती उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 37 डिग्री सेल्सियस अधिकतम और 21.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के बीच मौसम संतुलित दिखाई दे रहा है, फिर भी नमी के कारण असहजता बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम के और अधिक सक्रिय होने तथा प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने की संभावना बनी हुई है, जिस पर नागरिकों और किसानों दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।