(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 14 मई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, ब्रहस्पतिवार 14 मई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 31.6 | 24 | 51 | |
| शाम | 38.4 | 25 | 49 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में मई माह के मध्य तक पहुंचते-पहुंचते गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार 14 मई 2026 की शाम तक रिकॉर्ड किए गए पिछले 24 घंटों के तापमान ने जिले के लोगों को तेज धूप और उमस का अहसास कराया। दिनभर चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना व्यक्त की है।
जिले में लगातार बढ़ते तापमान का असर केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका व्यापक प्रभाव दिखाई देने लगा है। खेतों में काम करने वाले किसान, सड़क पर निकलने वाले मजदूर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी, जबकि कई स्थानों पर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय और छायादार स्थानों का सहारा लेते नजर आए।
बीते 24 घंटों में कैसा रहा मौसम
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सिवनी जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन के समय सूर्य की तेज किरणों के कारण वातावरण में गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस हुआ। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहा, लेकिन दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार मई के दूसरे पखवाड़े में तापमान का इस स्तर तक पहुंचना सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन इस बार उमस और गर्मी का संयुक्त प्रभाव अधिक महसूस किया जा रहा है। यही कारण है कि लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग असर
सिवनी शहर में पक्की सड़कों, वाहनों की बढ़ती संख्या और लगातार बढ़ते शहरीकरण के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक देखा गया। दोपहर के समय मुख्य बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आवाजाही कम हो गई। कई दुकानदारों ने बताया कि दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखी गई।
वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कई गांवों में पेयजल संकट की स्थिति भी धीरे-धीरे उभरने लगी है। हैंडपंपों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर कम होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्वास्थ्य पर पड़ने लगा असर
बढ़ते तापमान का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्मी से संबंधित शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि अत्यधिक गर्मी उनके स्वास्थ्य पर तेजी से असर डाल सकती है।
डॉक्टरों की सलाह
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं
- धूप में निकलते समय सिर ढंककर रखें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- दोपहर में भारी शारीरिक कार्य से बचें
- बच्चों को लंबे समय तक धूप में न रहने दें
बिजली खपत में बढ़ोतरी
तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर के लगातार उपयोग के कारण बिजली खपत सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दर्ज की जा रही है। कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और छोटे बिजली व्यवधान की शिकायतें भी सामने आई हैं।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ना सामान्य है, लेकिन विभाग अतिरिक्त लोड को संभालने के लिए तैयार है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई जगहों पर बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है।
कृषि पर भी दिखने लगा प्रभाव
सिवनी कृषि प्रधान जिला माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। बढ़ते तापमान का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है। खेतों में नमी कम होने से आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मई के अंतिम सप्ताह तक प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय नहीं हुईं तो भूमि की नमी और कम हो सकती है। इससे किसानों को अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता पड़ सकती है, जिसका सीधा असर लागत पर पड़ेगा।
मौसम विभाग ने क्या कहा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्म हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों की तरह सिवनी में भी अगले कुछ दिनों तक तापमान ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी संभव है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की हवाएं चलने से अस्थायी राहत मिल सकती है।
जल संकट की आशंका बढ़ी
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जिले में जलसंकट की चिंता भी बढ़ने लगी है। कई तालाबों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर घट रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पहले से ही पानी की उपलब्धता को लेकर परेशान नजर आने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो आने वाले सप्ताहों में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। प्रशासन ने भी जल संरक्षण को लेकर लोगों से सहयोग की अपील की है।
सार्वजनिक जीवन पर असर
गर्मी के कारण सार्वजनिक जीवन की रफ्तार धीमी होती दिखाई दे रही है। स्कूलों में बच्चों को तेज धूप से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। कई अभिभावक बच्चों को दोपहर के समय बाहर खेलने से रोक रहे हैं।
दूसरी ओर सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले छोटे व्यापारियों पर भी इसका असर पड़ा है। ठंडे पेय, गन्ने का रस और आइसक्रीम जैसी वस्तुओं की मांग बढ़ी है, जबकि अन्य व्यवसायों में दोपहर के समय मंदी देखी जा रही है।
प्रशासन की तैयारियां
बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और आपदा प्रबंधन विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था बनाए रखने और अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि तापमान में और वृद्धि होती है तो हीट वेव को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की जा सकती है। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया
सिवनी के नागरिकों का कहना है कि इस वर्ष मई माह की गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक महसूस हो रही है। कई लोगों ने बताया कि सुबह से ही तेज धूप का असर शुरू हो जाता है और देर शाम तक गर्मी बनी रहती है।
कुछ नागरिकों ने शहर में हरित क्षेत्र कम होने और पेड़ों की कटाई को भी बढ़ती गर्मी का कारण बताया। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण स्थानीय मौसम में बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। हालांकि कहीं-कहीं बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना से लोगों को अस्थायी राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने पर तापमान में कुछ गिरावट देखी जा सकती है। तब तक लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की आवश्यकता होगी।
सिवनी जिले में 14 मई 2026 को दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के तापमान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गर्मी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। बढ़ते तापमान का असर स्वास्थ्य, कृषि, बिजली व्यवस्था और जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हैं, लेकिन लोगों को भी सावधानी और जागरूकता अपनाने की जरूरत है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर जिले की बड़ी आबादी की नजर बनी हुई है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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