इंदौर में तेंदुए की दहशत, वन विभाग की सर्चिंग में नहीं मिले प्रमाण

मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ के बाद अब ‘लेपर्ड स्टेट’ के रूप में पहचान मिल चुकी है। प्रदेश में 3907 से अधिक तेंदुए हैं। अकेले इंदौर वनमंडल के जंगलों में ही 110 से ज्यादा तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई है। यही वजह है कि जंगल से सटे इलाकों, खासकर बायपास के आसपास की कॉलोनियों और टाउनशिप में तेंदुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)।
मंगलवार को बिचौली मर्दाना क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश में कई जगह सर्चिंग की, लेकिन उसके मौजूद होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बावजूद विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। वन अधिकारियों के मुताबिक रालामंडल और देवगुराड़िया का जंगल तेंदुओं का प्राकृतिक आवास है। इस पूरे क्षेत्र में 10 से अधिक तेंदुओं का नियमित मूवमेंट रहता है। भोजन की तलाश में ये अक्सर जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।

तेंदुए की बढ़ती संख्या

वन अधिकारियों के मुताबिक 2025-26 के बीच 35 मवेशियों को शिकार बनाया है। पिछले एक साल में बायपास से लगी कॉलोनियों और टाउनशिप में एक दर्जन से ज्यादा बार तेंदुए देखे जा चुके हैं।

हालांकि, इनमें से केवल दो-तीन मामलों में ही वन विभाग उन्हें सुरक्षित पकड़ पाया। अधिकांश बार तेंदुए खुद ही वापस जंगल की ओर लौट गए।

वन विभाग की कार्रवाई

कुछ दिन पहले असरावर्द ग्रिड से एक तेंदुए का सफल रेस्क्यू किया गया था, जिसे बाद में सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इससे पहले आईआईटी इंदौर और राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (आरआरकैट) परिसर में भी तेंदुओं की गतिविधियां सामने आ चुकी हैं।

वन विभाग के अधिकारी लोगों से सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील कर रहे हैं।

तेंदुए की आबादी और जंगल का दायरा

तेंदुए की आबादी तेजी से बढ़ रही है। उसकी तुलना में जंगल का दायरा घट रहा है, क्योंकि सड़क-हाईवे और रेल प्रोजेक्ट के चलते जंगल कम हुआ है। इसे जानवरों की आवासी क्षेत्र बिगड़ गया है।

इस वजह से तेंदुए जंगल से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम जंगल का दायरा बढ़ाएं और तेंदुओं के लिए सुरक्षित आवास बनाएं।

  • तेंदुए की आबादी 3907 से अधिक है
  • इंदौर वनमंडल के जंगलों में 110 से ज्यादा तेंदुए हैं
  • पिछले एक साल में बायपास से लगी कॉलोनियों और टाउनशिप में एक दर्जन से ज्यादा बार तेंदुए देखे जा चुके हैं

लोगों की सुरक्षा और तेंदुओं का रेस्क्यू

वन विभाग के अधिकारी लोगों से सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील कर रहे हैं।

इसके अलावा तेंदुए के हमले की स्थिति में क्या करना है, इसके बारे में भी जागरूकता फैलाई जा रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम जंगल का दायरा बढ़ाएं और तेंदुओं के लिए सुरक्षित आवास बनाएं।