(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। मंगलवार को बिचौली मर्दाना क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश में कई जगह सर्चिंग की, लेकिन उसके मौजूद होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बावजूद विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। वन अधिकारियों के मुताबिक रालामंडल और देवगुराड़िया का जंगल तेंदुओं का प्राकृतिक आवास है। इस पूरे क्षेत्र में 10 से अधिक तेंदुओं का नियमित मूवमेंट रहता है। भोजन की तलाश में ये अक्सर जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
तेंदुए की बढ़ती संख्या
वन अधिकारियों के मुताबिक 2025-26 के बीच 35 मवेशियों को शिकार बनाया है। पिछले एक साल में बायपास से लगी कॉलोनियों और टाउनशिप में एक दर्जन से ज्यादा बार तेंदुए देखे जा चुके हैं।
हालांकि, इनमें से केवल दो-तीन मामलों में ही वन विभाग उन्हें सुरक्षित पकड़ पाया। अधिकांश बार तेंदुए खुद ही वापस जंगल की ओर लौट गए।
वन विभाग की कार्रवाई
कुछ दिन पहले असरावर्द ग्रिड से एक तेंदुए का सफल रेस्क्यू किया गया था, जिसे बाद में सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इससे पहले आईआईटी इंदौर और राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (आरआरकैट) परिसर में भी तेंदुओं की गतिविधियां सामने आ चुकी हैं।
वन विभाग के अधिकारी लोगों से सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील कर रहे हैं।
तेंदुए की आबादी और जंगल का दायरा
तेंदुए की आबादी तेजी से बढ़ रही है। उसकी तुलना में जंगल का दायरा घट रहा है, क्योंकि सड़क-हाईवे और रेल प्रोजेक्ट के चलते जंगल कम हुआ है। इसे जानवरों की आवासी क्षेत्र बिगड़ गया है।
इस वजह से तेंदुए जंगल से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम जंगल का दायरा बढ़ाएं और तेंदुओं के लिए सुरक्षित आवास बनाएं।
- तेंदुए की आबादी 3907 से अधिक है
- इंदौर वनमंडल के जंगलों में 110 से ज्यादा तेंदुए हैं
- पिछले एक साल में बायपास से लगी कॉलोनियों और टाउनशिप में एक दर्जन से ज्यादा बार तेंदुए देखे जा चुके हैं
लोगों की सुरक्षा और तेंदुओं का रेस्क्यू
वन विभाग के अधिकारी लोगों से सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील कर रहे हैं।
इसके अलावा तेंदुए के हमले की स्थिति में क्या करना है, इसके बारे में भी जागरूकता फैलाई जा रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम जंगल का दायरा बढ़ाएं और तेंदुओं के लिए सुरक्षित आवास बनाएं।

मौसम विभाग पर जमकर पकड़, लगभग दो दशकों से मौसम का सटीक पूर्वानुमान जारी करने के लिए पहचाने जाते हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय महेश रावलानी वर्तमान में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत हैं .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





