70% की शर्त लगी तो आधे ग्रुप गायब… और सबसे पहले अपना! 😂

सोशल मीडिया की दुनिया में अगर योग्यता लागू हो जाए, तो हँसी का भूकंप आ जाए! यह लेख समर्पित है उन महान एडमिनों को, जिनका ग्रुप प्यार से चलता है… नंबरों से नहीं। 12वीं में 70% की शर्त लगते ही आधे ग्रुप हवा हो जाएँगे—हँसी पक्की है!

सोशल मीडिया आजकल रिश्तों से ज़्यादा ग्रुप्स पर चलता है।
हर दूसरा इंसान किसी न किसी ग्रुप का एडमिन है—चाय ग्रुप, गुड मॉर्निंग ग्रुप, ज्ञान वितरण ग्रुप और “मैं ही सही हूँ” ग्रुप।

लेकिन ज़रा सोचिए…
अगर सरकार एक दिन ऐलान कर दे—
एडमिन बनने के लिए12वीं में70प्रतिशत जरूरी है!
तो आधे से ज़्यादा ग्रुप ऑफलाइन हो जाएँगे।
और सबसे पहले… अपना ग्रुप बन्द होगा! 😄

घर में चर्चा शुरू—

पति-पत्नी जोक:
पत्नी: सुनो, तुम्हारा वो ग्रुप अब क्यों नहीं आ रहा?
पति: सरकार ने नंबर पूछ लिए।
पत्नी: अच्छा हुआ, रोज़ के फॉरवर्ड से मुक्ति मिली!

दोस्तों की हालत और भी खराब—

दोस्त-दोस्त जोक:
दोस्त1: भाई, एडमिन हट गया?
दोस्त2: नहीं रे, रिज़ल्ट आया है!

स्कूल की यादें भी ताज़ा हो गईं—

टीचर-स्टूडेंट जोक:
टीचर: 12वीं में कितने प्रतिशत थे?
स्टूडेंट: सर, ग्रुप एडमिन बनने लायक तो नहीं!

ऑफिस में भी असर दिखा—

बॉस-कर्मचारी जोक:
बॉस: काम पर ध्यान दो।
कर्मचारी: सर, पहले एडमिन बचा लूँ?

अगर सच में ऐसा हो गया, तो ग्रुप्स के हालात कुछ ऐसे होंगे:

  • केवल रिज़ल्ट वाले ही एडमिन बनेंगे
  • “गुड मॉर्निंग” फोटो पर रोक लग जाएगी
  • बिना पढ़े ज्ञान देने वालों की छुट्टी
  • हर ग्रुप में साइलेंस मोड हमेशा ऑन

असल में, ग्रुप्स की खूबसूरती डिग्री में नहीं, डिलीवरी में होती है।
एडमिन वही जो सबको जोड़कर रखे—चाहे प्रतिशत कम हों, दिल बड़ा होना चाहिए।

  1. Conclusion (निष्कर्ष)

निष्कर्ष साफ है—
अगर एडमिन बनने के लिए 70% ज़रूरी हो गए,
तो सोशल मीडिया कम… और रिज़ल्ट गज़ट ज़्यादा दिखेगा!
और याद रखिए—
ग्रुप बंद हो जाए चलेगा,लेकिन हँसी का ग्रुप कभी बंद नहीं होना चाहिए!😂

आधे से ज्यादा ग्रुप बन्द हो जायेगे

अगर सरकार बोल दे कि

एडमिन बनने के लिए12 वीं में70 प्रतिशत जरूरी है. . .

सबसे पहले अपना ग्रुप बन्द होगा

(साई फीचर्स)