सोशल मीडिया आजकल रिश्तों से ज़्यादा ग्रुप्स पर चलता है। हर दूसरा इंसान किसी न किसी ग्रुप का एडमिन है—चाय ग्रुप, गुड मॉर्निंग ग्रुप, ज्ञान वितरण ग्रुप और “मैं ही…
माँ-बाप ने बड़े अरमानों से पढ़ाया। हमने भी जी-जान से पढ़ाई की। किताबें घिसीं, नोट्स बनाए, एग्ज़ाम पास किए। और आखिरकार… नौकरी मिल गई! लेकिन असली सच्चाई तब सामने आई,…