डॉक्टर ने पूछा “कब से?” आदमी बोला “कब से क्या?” – हंसी रोकना मुश्किल!

अगर आपका मूड खराब है या दिन की थकान हंसी से उतारनी है, तो ये चुटकुलों की खुराक आपके लिए है। डॉक्टर-मरीज से लेकर पति-पत्नी और बॉस-कर्मचारी तक, हर रिश्ते में छुपी हंसी यहां खुलेआम बिखरी है। पढ़ते जाइए और हंसते जाइए, क्योंकि हंसी ही सबसे सस्ती और असरदार दवा है।

हंसी इंसान के जीवन में उतनी ही जरूरी है जितनी चाय में शक्कर। अगर दिनभर की टेंशन सिर पर चढ़ गई हो, तो ऐसे चुटकुले दिमाग को तुरंत हल्का कर देते हैं। आइए शुरुआत करते हैं उसी चुटकुले से, जिसने हजारों लोगों को हंसाया है—

एक आदमी डॉक्टर के पास गया और बोला:
“डॉक्टर साहब, मुझे भूलने की बीमारी हो गई है।”

डॉक्टर: “कब से?”
आदमी: “कब से क्या?”
डॉक्टर वहीं समझ गया कि बीमारी असली है! 😄

अब थोड़ा देसी तड़का लगाते हैं—

😆 पति–पत्नी जोक

पति: सुनो, तुम मेरी बात ध्यान से सुन रही हो?
पत्नी: हां, सुन रही हूं।
पति: मैंने क्या कहा?
पत्नी: यही कि “सुनो”!

🤪 दोस्त–दोस्त जोक

दोस्त 1: यार तू इतना परेशान क्यों रहता है?
दोस्त 2: भाई, दिमाग है… सोचता रहता है।
दोस्त 1: तो इस्तेमाल मत किया कर!

📚 टीचर–स्टूडेंट जोक

टीचर: होमवर्क क्यों नहीं किया?
स्टूडेंट: सर, लाइट नहीं थी।
टीचर: तो मोमबत्ती जला लेता।
स्टूडेंट: सर, माचिस नहीं थी।
टीचर: बहाने बनाने में पीएचडी कर ली है!

🧑‍💼 बॉस–कर्मचारी जोक

बॉस: तुम ऑफिस लेट क्यों आए?
कर्मचारी: सर, सपना देख रहा था कि मैं ऑफिस में हूं।
बॉस: तो उठ क्यों नहीं गए?
कर्मचारी: सर, सपना बहुत मीठा था!

😂 कुछ झटपट हंसाने वाले वन-लाइनर्स

  • आजकल नींद भी WiFi जैसी हो गई है, आती कम और जाती ज्यादा है।
  • इंसान इतना भी सीरियस नहीं होना चाहिए कि जोक पढ़कर भी न हंसे।
  • जो लोग कहते हैं पैसा खुशी नहीं देता, उन्होंने शायद सैलरी कभी नहीं ली।

ये सारे चुटकुले हमारे रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हुए हैं, इसलिए सीधे दिल पर असर करते हैं। हंसी का मजा तब दोगुना हो जाता है, जब बात खुद पर भी फिट बैठ जाए।

😄 निष्कर्ष /Conclusion

हंसना न केवल सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि जिंदगी को आसान भी बना देता है।
तो आज की सलाह यही है—
टेंशन कम करो,हंसी ज्यादा रखो।

आखिरी पंचलाइन के साथ विदा लेते हैं—

डॉक्टर: आपकी याददाश्त कमजोर है।
मरीज: ठीक है डॉक्टर साहब, अगला मरीज बुलाइए…
डॉक्टर: आप ही तो अगले मरीज हैं! 😆

एक आदमी डॉक्टर के पास गया और बोला,

डॉक्टर साहब,मुझे भूलने की बीमारी हो गई है।”

डॉक्टर: “कब से?”

आदमी: “कब से क्या?”😄

(साई फीचर्स)