(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। शहर के भैरोगंज क्षेत्र से पीजी कॉलेज तक जाने वाली मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति अब स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। वर्षों पहले निर्मित यह सीसी सड़क अब अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और टूटी सतह आवागमन को कठिन और जोखिमपूर्ण बना रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग केवल एक सामान्य सड़क नहीं बल्कि शहर के महत्वपूर्ण शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत और नवनिर्माण की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिणामस्वरूप अब सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि प्रतिदिन हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है यह सड़क
भैरोगंज से पीजी कॉलेज तक का मार्ग सिवनी शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और स्थानीय नागरिक गुजरते हैं।
पीजी कॉलेज तक पहुंचने के लिए अधिकांश विद्यार्थियों को इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। इसके अलावा आसपास के कई आवासीय क्षेत्रों के लोग भी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं।
शहर के विकास और बढ़ती आबादी के साथ इस मार्ग का महत्व और बढ़ा है, लेकिन सड़क की हालत इसके विपरीत लगातार बिगड़ती जा रही है।
जगह-जगह गहरे गड्ढों से बढ़ी परेशानी
सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं। कुछ हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ता है।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग परेशानी का कारण बन गया है। गड्ढों से बचते हुए वाहन चलाने के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार:
- सड़क पर अनेक स्थानों पर बड़े गड्ढे मौजूद हैं।
- दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
- रात के समय दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
- बुजुर्ग और स्कूली विद्यार्थियों को आवागमन में कठिनाई होती है।
- आपातकालीन परिस्थितियों में भी सड़क की खराब स्थिति समस्या उत्पन्न करती है।
नागरिकों का कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बरसात में और गंभीर हो जाती है स्थिति
क्षेत्रवासियों के अनुसार गर्मी के मौसम में सड़क की समस्या जितनी दिखाई देती है, बरसात के दौरान उससे कहीं अधिक गंभीर रूप ले लेती है।
बारिश होने पर सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को गड्ढों की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। कई बार लोग अचानक गड्ढे में वाहन चला देते हैं जिससे संतुलन बिगड़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार खराब सड़क और जलभराव का संयोजन दुर्घटनाओं की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। यही कारण है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क सुधार कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विद्यार्थियों पर सबसे अधिक असर
यह मार्ग सीधे तौर पर उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़ा होने के कारण विद्यार्थियों को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है।
कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन इसी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। कई विद्यार्थी साइकिल और दोपहिया वाहनों का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि खराब सड़क के कारण बच्चों के सुरक्षित आवागमन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सड़क का नवनिर्माण नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।
विकास कार्यों पर उठ रहे सवाल
सड़क की जर्जर स्थिति ने स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति और प्राथमिकताओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
नागरिकों का कहना है कि शहर के महत्वपूर्ण मार्गों का समय-समय पर रखरखाव होना चाहिए। यदि किसी सड़क का जीवनकाल पूरा हो चुका है तो उसके पुनर्निर्माण की योजना बनाई जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दी।
इस मुद्दे ने नगर विकास और आधारभूत संरचना प्रबंधन को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।
नगर पालिका से बढ़ी अपेक्षाएं
सड़क की खराब स्थिति को लेकर अब लोगों की अपेक्षाएं नगर पालिका परिषद से और अधिक बढ़ गई हैं।
नागरिकों का मानना है कि शहर के महत्वपूर्ण मार्गों की नियमित निगरानी और मरम्मत व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। सड़कों की स्थिति केवल यातायात को प्रभावित नहीं करती बल्कि यह शहर की समग्र विकास व्यवस्था का भी संकेतक होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सड़कों की मरम्मत होती रहे तो बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की आवश्यकता कम पड़ती है और सरकारी संसाधनों की भी बचत होती है।
नागरिकों में बढ़ रही नाराजगी
लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण क्षेत्रीय नागरिकों में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।
क्षेत्रीय नागरिक दिनेश ठाकुर, महेन्द्र मिश्रा, सुनील अग्रवाल, कुलदीप ठाकुर, विकास अग्रवाल, मंगल बघेल, राजेन्द्र चंद्रवंशी, मुकेश दुबे और जितेन्द्र बघेल सहित अन्य लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।
उनका कहना है कि यह केवल सुविधा का प्रश्न नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इसलिए सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
शहरी विकास से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी भी शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
यदि प्रमुख मार्गों की स्थिति खराब होती है तो इसका असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहता बल्कि शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक सुविधाओं पर भी पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों की नियमित जांच, समयबद्ध मरम्मत और दीर्घकालिक योजना के माध्यम से ऐसी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
आंदोलन की चेतावनी से बढ़ा दबाव
क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो वे जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।
नागरिकों का कहना है कि कई वर्षों से मांग किए जाने के बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना उनका अधिकार है।
इस चेतावनी के बाद अब स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका परिषद पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है।
आने वाले समय में क्या हो सकती है स्थिति
बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण सड़क की समस्या और गंभीर हो सकती है। यदि समय रहते मरम्मत या नवनिर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो जलभराव और सड़क क्षति बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे।
भैरोगंज से पीजी कॉलेज तक की सड़क की जर्जर स्थिति सिवनी शहर की एक प्रमुख नागरिक समस्या बन चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विद्यार्थियों, राहगीरों और वाहन चालकों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात से पहले सड़क निर्माण या व्यापक मरम्मत कार्य की मांग अब तेज हो गई है। नागरिकों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग शीघ्र कार्रवाई कर सुरक्षित, सुगम और बेहतर आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, ताकि शहर के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर लोगों को राहत मिल सके।

लगभग 16 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के सिवनी ब्यूरो के रूप में लगभग 12 सालों से कार्यरत हैं.
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