ग्वालियर में बच्चों के घर छोड़ने की घटनाएं अब आम होने लगी हैं। ज्यादातर मामलों में वजह बहुत छोटी होती है। मां ने मोबाइल चलाने पर डांटा। पिता ने पढ़ाई पर ध्यान न देने की बात कही। बस इतनी सी बात पर बच्चे गुस्से में घर से निकल जाते हैं। पुलिस के आंकड़े इस बढ़ती समस्या को साफ दिखाते हैं। डेढ़ साल में औसतन हर महीने 33 बच्चे घर छोड़ रहे हैं। यह आंकड़ा हर परिवार के लिए चिंता की बात है। मोबाइल और सोशल साइट्स बच्चों को परिवार से दूर ले जा रहे हैं।
Author: विनीत खरे
फ्रांस ने बनाई अपनी स्थिति मजबूत, मेसी की अर्जेंटीना को मिला बड़ा झटका
फ्रांस ने अपनी स्थिति मजबूत बनाई है, जबकि मेसी की अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा है। फीफा विश्व कप में अब केवल आठ टीमें बची हैं, और इनमें से कुछ ने अपनी मजबूती से अपनी जगह बनाई है, जबकि अन्य ने संघर्ष करके अपनी जगह बनाई है। फ्रांस की टीम अभी भी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है, लेकिन अर्जेंटीना की टीम ने भी अपनी मजबूती से अपनी जगह बनाई है।
AICTE रिपोर्ट: 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, मध्य प्रदेश में 8 पर असर
देश के इंजीनियरिंग शिक्षा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। साल 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग कॉलेज और टेक्निकल कॉलेजों पर ताला लग गया है। यह जानकारी ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन यानी AICTE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है। इन कॉलेजों को प्रोग्रेसिव क्लोजर के तहत बंद किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि इन संस्थानों को अब पहले साल में नए छात्रों का दाखिला नहीं मिलेगा।
इंदौर की DAVV में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 13 पद भरे जाने हैं। आवेदन की प्रक्रिया 24 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। फॉर्म भेजने की आखिरी तारीख 28 जुलाई 2026 तय की गई है। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित यूनिवर्सिटी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 13 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। पात्र उम्मीदवार 28 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
भोपाल-ग्वालियर के बारे में सामने आया अनसुना रहस्य
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुरातत्व विभाग को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां जावरा रियासत से जुड़ी एक पुरानी लिखित प्रति सामने आई है। यह प्रति लगभग 149 साल पुरानी बताई जा रही है। इसे 1877 में हुए ऐतिहासिक दिल्ली दरबार के दौरान लिथोग्राफी तकनीक से तैयार कराया गया था। यह दस्तावेज देवनागरी और उर्दू-फारसी मिश्रित खड़ी बोली में लिखा गया है। इसमें ब्रिटिश हुकूमत की भारतीय रियासतों के प्रति नीति दर्ज है। इसमें राजनीतिक, सामरिक और आर्थिक तीनों पहलुओं का जिक्र है।

